फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Report on two panchayat secretaries for not giving records

अभिलेख न देने पर दो पंचायत सचिवों पर एफआईआर

Sun, 10 Apr 2022 12:15 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 10 Apr 2022 12:15 AM IST
विज्ञापन
Report on two panchayat secretaries for not giving records
उन्नाव। विकास कार्यों में गड़बड़ी की जांच के दौरान मांगे गए अभिलेख न देने पर सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले में दो पंचायत सचिवों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन

सिकंदरपुर सरोसी की ग्राम पंचायत बंदाखेड़ा में विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत सीडीओ के पास पहुंची थी। उन्होंने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। बीडीओ ने जांच के लिए वर्तमान पंचायत सचिव सुनील त्रिवेदी और तत्कालीन सचिव दीपक गौतम को पत्र जारी कर वर्ष 2021-22 के सभी अभिलेख उपलब्ध कराने के लिए कहा लेकिन दोनों सचिवों ने आदेश हवा में उड़ा दिया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने दोनों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश दिए। एडीओ पंचायत विनोद वर्मा ने सदर कोतवाली में दोनों के खिलाफ तहरीर दी। कोतवाल ओपी राय ने बताया कि दोनों के खिलाफ अभिलेख न देकर सरकारी कार्य में बाधा डालने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
विज्ञापन

पहले ऐसे मामले में हो चुका निलंबन
सीडीओ ने 31 मार्च को फतेहपुर चौरासी ब्लॉक का निरीक्षण किया था। उपस्थिति रजिस्टर जांचने पर ग्राम पंचायत अधिकारी हेमंत कुमार के हस्ताक्षर मिले थे लेकिन वह अनुपस्थित थे। हेमंत के पास सहायक विकास अधिकारी पंचायत का भी चार्ज था। हेमंत को अहमदाबाद माथर, दबौली, झुलूमऊ, बुलापुर, हसनापुर, बरूवाघाट और जाजमऊ गैर अहतमली के 2020-21 व 2021-22 वित्तीय वर्ष के ग्राम निधि खाते सहित अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए लेकिन उन्होंने रजिस्टर नहीं दिए थे। इस पर हेमंत के खिलाफ फतेहपुर चौरासी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के साथ ही निलंबित भी कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

कई अन्य हैं रडार पर
अभिलेख न मिलने के कारण पंचायतीराज विभाग में करीब 50 शिकायतें डंप पड़ी हैं। पिछले माह सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने सफीपुर, बांगरमऊ, गंजमुरादाबाद व फतेहपुर चौरासी ब्लाक का निरीक्षण किया था। खामियां मिलने पर जब उन्होंने अभिलेख मांगे तो कोई कागजात नहीं दे सका। विकास भवन के सूत्रों के मुताबिक पंचायत सचिव गांव में कथित तौर पर विकास कार्य करा देते हैं, भुगतान भी हो जाता है लेकिन किसी भी कार्य के अभिलेख पूरे नहीं कराए जाते हैं। अभिलेख न मिलने से जांच पूरी नहीं हो पाती है और गड़बड़ी करने वाले बच जाते हैं। इसे सीडीओ ने गंभीरता से लिया है। अभिलेख न देने वाले कई अन्य सचिव भी सीडीओ के रडार पर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed