{"_id":"59739d414f1c1b39138b4796","slug":"report-against-school-principal-and-manager","type":"story","status":"publish","title_hn":"घालमेल के आरोपों में फंसे बीएसए, हटाए गए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घालमेल के आरोपों में फंसे बीएसए, हटाए गए
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
news published on 30 april
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेसिक शिक्षा अधिकारी दीवान सिंह यादव का आठ माह का कार्यकाल काफी उतार चढ़ाव भरा रहा। अधिकारी के चार्ज संभालने के कुछ दिनों बाद ही शिक्षक संगठनों ने हीलाहवाली के आरोप लगाकर प्रदर्शन तक किया। इसके बाद फरवरी व मार्च माह में बीईओ ने शिक्षकों पर दबाव बनाकर आठ-आठ हजार की ब्लैंक चेक लेकर मनमाफिक विज्ञान किट की खरीदारी कर स्कूलों को उपलब्ध कराया। इसके अलावा 28 मार्च से 31 मार्च के बीच प्रस्तावित विद्यालय अभिभावक समिति प्रशिक्षण में जिले को मिले करीब 67 लाख के बजट में भी बड़े पैमाने पर घालमेल हुआ। दोनों ही मामलों को 17 अप्रैल से ‘अमर उजाला’ लगातार प्रमाणों के साथ प्रकाशित कर रहा है।
खबरों को संज्ञान में लेते हुए शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल ने डीएम, बेसिक शिक्षा मंत्री के अलावा सीएम से मिलकर मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इस बीच जांच को मैनेज करने का भी खेल एक माननीय के करीबी ने किया। जो बीएसए कार्यालय से शिक्षकों में खासा चर्चा का केंद्र भी बना। निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने एक पखवाड़ा पहले ‘अमर उजाला’ से बातचीत में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था। शनिवार को शासन ने चार बीएसए पर कार्रवाई करते हुए जिले से हटाकर शिक्षा निदेशक कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
विशेष सचिव देव प्रताप सिंह के जारी लेटर में बीएसए दीवान सिंह यादव भी शामिल हैं। अधिकारी ने तत्काल जिला छोड़ने के सख्त निर्देश भी दिए हैं। बीएसए पर कार्रवाई की सूचना होते ही बीएसए कार्यालय से शिक्षकों तक में चर्चा का केंद्र बन गया। कोई बेहतर अधिकारी तो कोई लापरवाह अधिकारी बताते थक नहीं रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
खबरों को संज्ञान में लेते हुए शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल ने डीएम, बेसिक शिक्षा मंत्री के अलावा सीएम से मिलकर मामलों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इस बीच जांच को मैनेज करने का भी खेल एक माननीय के करीबी ने किया। जो बीएसए कार्यालय से शिक्षकों में खासा चर्चा का केंद्र भी बना। निदेशक बेसिक शिक्षा सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह ने एक पखवाड़ा पहले ‘अमर उजाला’ से बातचीत में जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया था। शनिवार को शासन ने चार बीएसए पर कार्रवाई करते हुए जिले से हटाकर शिक्षा निदेशक कार्यालय में संबद्ध किया गया है।
विज्ञापन
विशेष सचिव देव प्रताप सिंह के जारी लेटर में बीएसए दीवान सिंह यादव भी शामिल हैं। अधिकारी ने तत्काल जिला छोड़ने के सख्त निर्देश भी दिए हैं। बीएसए पर कार्रवाई की सूचना होते ही बीएसए कार्यालय से शिक्षकों तक में चर्चा का केंद्र बन गया। कोई बेहतर अधिकारी तो कोई लापरवाह अधिकारी बताते थक नहीं रहा था।
विज्ञापन