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पहाड़ टूट रहे हैं, टेंट बह गए,बारिश जारी है.....
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उन्नाव। अमरनाथ गुफा से कुछ दूर पहले बादल फटने से 15 श्रद्धालुओं की मौत के बाद जिले से गए कई यात्रियों के परिजनों की धड़कनें तेज हैं। जिले के 100 से अधिक लोग दर्शन करने गए हैं। तीर्थ यात्रियों ने परिजनों को वहां का हाल फोन पर बताया। सभी दहशत में हैं। कोई बादल फटने के बाद घटनास्थल के पास ही फंसा है तो कोई बीच रास्ते में। वापसी के रास्ते जाम हैं।
लोगों ने बताया कि बारिश लगातार हो रही है। पहाड़ों से मलबा भी गिर रहा है। कई लोग बिछड़ गए हैं। मोबाइल भी बंद है। बाबा भोलेनाथ से परिवार के लोग उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
अमरनाथ गए यात्रियों में असोहा विकासखंड के अतरसई निवासी सुनील अवस्थी, पटनाहन पड़ी के सतेंद्र तिवारी और बैगांव के शिवम शर्मा शामिल हैं। यात्रियों ने बताया कि उन लोगों ने सात जुलाई को पहलगाम के रास्ते से चढ़ाई शुरू की थी। आठ जुलाई को जब बादल फटने की घटना हुई तो वह पंचतरणी पहुंच चुके थे। जो अमरनाथ गुफा से करीब छह किमी दूर है।
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जब उन लोगों को घटना की जानकारी हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उन सभी को वहीं पर रोक दिया गया। बताया कि मौसम खराब होने से वापस भी नहीं होने दिया जा रहा है। ऐसे में वह लोग वहीं पर फंसे हुए हैं। 24 घंटे से अधिक समय हो गया है। यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। कोई कुछ सही जानकारी भी नहीं दे रहा है।
बालटाल में भी फंसे हैं यात्री
नवाबगंज के नानाटीकुर निवासी रामबाबू त्रिवेदी, पत्नी साधना त्रिवेदी और भाई राहुल त्रिवेदी के अलावा गांव की सोनी गुप्ता, शुक्लागंज के मिश्रा कालोनी निवासी बृजेश, शुक्लागंज के ही डॉ. शेखर और मोनी मिश्रा, पोनी रोड के राहुल शर्मा और नवाबगंज जोगी सराय की प्रगति बाजपेयी भी अमरनाथ यात्रा में बीच रास्ते फंसी हैं।
इन सभी ने बालटाल के रास्ते से चढ़ाई शुरू की थी। हालांकि इसी बीच बादल फटने की घटना हो गई तो सभी को वहीं रोक दिया गया। अभी सभी लोग एक संस्था के भंडारास्थल पर रुके हैं। इन लोगों का कहना है कि यात्रा पूरी तरह से बंद कर दी गई है। जो जहां है, उसे वहीं पर रोक दिया गया है।मौसम भी खराब है। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
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लोगों ने बताया कि बारिश लगातार हो रही है। पहाड़ों से मलबा भी गिर रहा है। कई लोग बिछड़ गए हैं। मोबाइल भी बंद है। बाबा भोलेनाथ से परिवार के लोग उनके सकुशल लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं।
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अमरनाथ गए यात्रियों में असोहा विकासखंड के अतरसई निवासी सुनील अवस्थी, पटनाहन पड़ी के सतेंद्र तिवारी और बैगांव के शिवम शर्मा शामिल हैं। यात्रियों ने बताया कि उन लोगों ने सात जुलाई को पहलगाम के रास्ते से चढ़ाई शुरू की थी। आठ जुलाई को जब बादल फटने की घटना हुई तो वह पंचतरणी पहुंच चुके थे। जो अमरनाथ गुफा से करीब छह किमी दूर है।
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जब उन लोगों को घटना की जानकारी हुई तो पैरों तले जमीन खिसक गई। उन सभी को वहीं पर रोक दिया गया। बताया कि मौसम खराब होने से वापस भी नहीं होने दिया जा रहा है। ऐसे में वह लोग वहीं पर फंसे हुए हैं। 24 घंटे से अधिक समय हो गया है। यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। कोई कुछ सही जानकारी भी नहीं दे रहा है।
बालटाल में भी फंसे हैं यात्री
नवाबगंज के नानाटीकुर निवासी रामबाबू त्रिवेदी, पत्नी साधना त्रिवेदी और भाई राहुल त्रिवेदी के अलावा गांव की सोनी गुप्ता, शुक्लागंज के मिश्रा कालोनी निवासी बृजेश, शुक्लागंज के ही डॉ. शेखर और मोनी मिश्रा, पोनी रोड के राहुल शर्मा और नवाबगंज जोगी सराय की प्रगति बाजपेयी भी अमरनाथ यात्रा में बीच रास्ते फंसी हैं।
इन सभी ने बालटाल के रास्ते से चढ़ाई शुरू की थी। हालांकि इसी बीच बादल फटने की घटना हो गई तो सभी को वहीं रोक दिया गया। अभी सभी लोग एक संस्था के भंडारास्थल पर रुके हैं। इन लोगों का कहना है कि यात्रा पूरी तरह से बंद कर दी गई है। जो जहां है, उसे वहीं पर रोक दिया गया है।मौसम भी खराब है। किसी को कुछ समझ में नहीं आ रहा है।