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एआरटीओ कार्यालय में मारा छापा
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 09 May 2015 12:18 AM IST
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उन्नाव। एआरटीओ कार्यालय के दलालों की पहुंच ऊपर तक है। एआरटीओ कार्यालय में शुक्रवार को एसडीएम सदर व सीओ सिटी की टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। मेन गेट बंद कराकर कार्यालय के कोने-कोने में तलाशी ली, लेकिन एक भी दलाल उनके हाथ नहीं लगा। दरअसल, दलालों को अधिकारियों के आने की खबर उनके पहुंचने से पहले ही पहुंच गई थी। इससे वे नौ-दो-ग्यारह हो गए।
एआरटीओ कार्यालय में दलालों की पैठ को देखते हुए उनकी धरपकड़ के लिए एसडीएम सदर प्रशांत भारती व सीओ सिटी सर्वेश मिश्रा दोपहर 12.46 पर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मेन गेट बंद कराया। बाद में एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई को साथ लेकर कार्यालय का निरीक्षण किया। कोई भी दलाल उन्हें नहीं मिला।
एआरटीओ कार्यालय में अधिकारियों को दलाल न मिलना कोई नया मामला नहीं है। एक तो वहां दलालों की पकड़ मौजूद है। इससे उन्हें छापेमारी की सूचना पहले ही मिल जाती है। दूसरी बात यह है कि जो दलाल काउंटर पर काम भी करता है तो उसको वहां के अधिकारी प्राइवेट कर्मचारी दिखाकर उसका बचाव कर लेते हैं, जबकि हकीकत ये जो भी कर्मचारी काम कर रहे हैं उन सभी के दो से तीन दलाल बाहर सेट हैं। वह अपना कार्य लेकर आते हैं और संबंधित बाबुओं के पास जाकर अपना कार्य आसानी से करा लेते हैं और उन फाइलों पर अधिकारी भी अपनी सहमति दे देते हैं।
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इसके पहले इसी कार्यालय में एसडीएम सदर रहीं जसजीत कौर व सीओ गोपीनाथ सोनी ने भी छापेमारी की थी लेकिन कोई दलाल नहीं पकड़ा गया था। बाद में इसी कार्यालय में दलाली कर रहे कुछ दलालों ने मारपीट करने के साथ ही हवाई फायरिंग भी की थी।
इस संबंध में सीओ सिटी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि गेट बंद कर छापेमारी कराई गई थी लेकिन कोई भी दलाल नहीं मिला। ऐसा लगा की दलालों को छापेमारी की पहले ही सूचना हो गई थी। अगली बार एआरटीओ कार्यालय में भी किसी को छापेमारी की सूचना नहीं दी जाएगी। ताकि हकीकत सामने आ सके।
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एआरटीओ कार्यालय में दलालों की पैठ को देखते हुए उनकी धरपकड़ के लिए एसडीएम सदर प्रशांत भारती व सीओ सिटी सर्वेश मिश्रा दोपहर 12.46 पर एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले मेन गेट बंद कराया। बाद में एआरटीओ प्रशासन माला बाजपेई को साथ लेकर कार्यालय का निरीक्षण किया। कोई भी दलाल उन्हें नहीं मिला।
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एआरटीओ कार्यालय में अधिकारियों को दलाल न मिलना कोई नया मामला नहीं है। एक तो वहां दलालों की पकड़ मौजूद है। इससे उन्हें छापेमारी की सूचना पहले ही मिल जाती है। दूसरी बात यह है कि जो दलाल काउंटर पर काम भी करता है तो उसको वहां के अधिकारी प्राइवेट कर्मचारी दिखाकर उसका बचाव कर लेते हैं, जबकि हकीकत ये जो भी कर्मचारी काम कर रहे हैं उन सभी के दो से तीन दलाल बाहर सेट हैं। वह अपना कार्य लेकर आते हैं और संबंधित बाबुओं के पास जाकर अपना कार्य आसानी से करा लेते हैं और उन फाइलों पर अधिकारी भी अपनी सहमति दे देते हैं।
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इसके पहले इसी कार्यालय में एसडीएम सदर रहीं जसजीत कौर व सीओ गोपीनाथ सोनी ने भी छापेमारी की थी लेकिन कोई दलाल नहीं पकड़ा गया था। बाद में इसी कार्यालय में दलाली कर रहे कुछ दलालों ने मारपीट करने के साथ ही हवाई फायरिंग भी की थी।
इस संबंध में सीओ सिटी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि गेट बंद कर छापेमारी कराई गई थी लेकिन कोई भी दलाल नहीं मिला। ऐसा लगा की दलालों को छापेमारी की पहले ही सूचना हो गई थी। अगली बार एआरटीओ कार्यालय में भी किसी को छापेमारी की सूचना नहीं दी जाएगी। ताकि हकीकत सामने आ सके।