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पुलिस पर नामजद हत्यारोपी को बचाने का आरोप, घेरा थाना
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माखी के शिवबक्श खेड़ा में किशोरी की हत्या में दूसरे नामजद आरोपी को पुलिस द्वारा बचाने का आरोप लगा
- फोटो : UNNAO
चकलवंशी(उन्नाव)। माखी थानाक्षेत्र के गांव शिवबक्श खेड़ा गांव में छात्रा की हत्या के पांचवें दिन ग्रामीणों ने घटना स्थल से दो सौ मीटर दूर झाड़ी में खून से सना एक गमछा, छात्रा का दुपट्टा और एक मोबाइल फोन ग्रामीणों को मिला। मृतका के परिजनों ने गमछा दूसरे नामजद आरोपी का होने का दावा किया। आरोप लगाया कि पुलिस दूसरे नामजद आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है। इसी लिए जांच जारी होने के नाम पर अबतक उसकी गिरफ्तारी न दिखाकर थाने में बैठाए है। आक्रोशित ग्रामीणों ने माखी थाने का घेराव किया। एसओ ने बरामद सामान कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने सीओ को बुलाने की मांग की। सीओ के पहुंचने के बाद फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई गई और बरामद सामान को सील कर किया गया। सीओ ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। करीब दो घंटे बाद हंगामा शांत हुआ।
माखी थाना क्षेत्र के गांव पवई के मजरा शिवबक्श खेड़ा गांव निवासी रामनरेश की बेटी सपना (17) की 12 जुलाई को धारदार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव गांव से तीन सौ मीटर दूर झाड़ी में मिला था। सपना बीए प्रथम वर्ष की छत्रा थी। मृतका के भाई विनोद रावत ने गांव के ही सुशील पुत्र पीतम और उसके चचेरे भाई संदीप पुत्र दयाशंकर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी सुशील की निशानदेही पर छात्रा की हत्या में प्रयोग किया गया बांका बरामद करते हुए जेल भेज दिया था। जबकि उसके चचेरे भाई संदीप के हत्या की घटना में शामिल होने का कोई साक्ष्य न मिलने की बात कहकर पुलिस ने उसका चालान नहीं किया था। पांच दिन से पुलिस ने उसे थाने में ही बैठा रखा है। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने घटना स्थल से करीब दो सौ मीटर दूर एक मोबाइल फोन की रिंगटोन की आवाज सुनी। मौके पर गए तो एक मोबाइल फोन और कुछ ही दूर पर खून से सना दुपट्टा और एक गमछा मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सामान को कब्जे में लिया। मृतका की मां व अन्य परिजनों ने दुपट्टा मृतका सपना और गमछा दूसरे नामजद आरोपी संदीप का बताया। जानकारी पर माखी एसओ पवन कुमार सोनकर मौके पर पहुंचे और झाड़ी में मिले कपड़े व मोबाइल फोन को कब्जे मे लेने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों ने सीओ को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
जानकारी पर सीओ सफीपुर एमपी शर्मा मौके पर पहुंचे और दूसरे नामजद आरोपी संदीप से पूछताछ कर उसे जेल भेजने की बात कही। इसके बाद मृतका के भाई विनोद को साथ लिवाकर माखी थाने जाने लगे। पीछे से ट्रैक्टर-ट्रली से करीब दो सौ ग्रामीण भी माखी थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने थाना पुलिस पर दूसरे हत्यारोपी को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। सीओ ने सभी को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद सदर विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता व अन्य लोग थाने पहुंचे और सीओ से बात करने के बाद मृतका के परिजनों व ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस दौरान करीब दो घंटे तक थाने में हंगामा चलता रहा।
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माखी थाना क्षेत्र के गांव पवई के मजरा शिवबक्श खेड़ा गांव निवासी रामनरेश की बेटी सपना (17) की 12 जुलाई को धारदार हथियार से हमलाकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव गांव से तीन सौ मीटर दूर झाड़ी में मिला था। सपना बीए प्रथम वर्ष की छत्रा थी। मृतका के भाई विनोद रावत ने गांव के ही सुशील पुत्र पीतम और उसके चचेरे भाई संदीप पुत्र दयाशंकर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी सुशील की निशानदेही पर छात्रा की हत्या में प्रयोग किया गया बांका बरामद करते हुए जेल भेज दिया था। जबकि उसके चचेरे भाई संदीप के हत्या की घटना में शामिल होने का कोई साक्ष्य न मिलने की बात कहकर पुलिस ने उसका चालान नहीं किया था। पांच दिन से पुलिस ने उसे थाने में ही बैठा रखा है। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने घटना स्थल से करीब दो सौ मीटर दूर एक मोबाइल फोन की रिंगटोन की आवाज सुनी। मौके पर गए तो एक मोबाइल फोन और कुछ ही दूर पर खून से सना दुपट्टा और एक गमछा मिला। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने सामान को कब्जे में लिया। मृतका की मां व अन्य परिजनों ने दुपट्टा मृतका सपना और गमछा दूसरे नामजद आरोपी संदीप का बताया। जानकारी पर माखी एसओ पवन कुमार सोनकर मौके पर पहुंचे और झाड़ी में मिले कपड़े व मोबाइल फोन को कब्जे मे लेने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों ने सीओ को बुलाने की मांग पर अड़ गए।
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जानकारी पर सीओ सफीपुर एमपी शर्मा मौके पर पहुंचे और दूसरे नामजद आरोपी संदीप से पूछताछ कर उसे जेल भेजने की बात कही। इसके बाद मृतका के भाई विनोद को साथ लिवाकर माखी थाने जाने लगे। पीछे से ट्रैक्टर-ट्रली से करीब दो सौ ग्रामीण भी माखी थाने पहुंच गए। ग्रामीणों ने थाना पुलिस पर दूसरे हत्यारोपी को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाकर हंगामा भी किया। सीओ ने सभी को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण कुछ भी सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद सदर विधायक पंकज गुप्ता के भाई नीरज गुप्ता व अन्य लोग थाने पहुंचे और सीओ से बात करने के बाद मृतका के परिजनों व ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस दौरान करीब दो घंटे तक थाने में हंगामा चलता रहा।
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