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Unnao News: चंडीगढ़ में रह रहे बेटे व परिवार को लेकर चिंतित हैं माता-पिता

Sat, 10 May 2025 11:37 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 10 May 2025 11:37 PM IST
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Parents are worried about their son and family living in Chandigarh
हसनगंज। तहसील के जिंदासपुर गांव निवासी भैयालाल का बड़ा बेटा राकेश, बहू आशा और बच्चों सहित चंडीगढ़ में रहता है। वह चंडीगढ़ पीजीआई अस्पताल में कंप्यूटर ऑपरेटर है।
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राकेश ने बताया कि शुक्रवार रात को बेटे से फोन पर बात हुई थी। वहां दो घंटे ब्लैक आउट होने से परेशानी हो रही है। बताया कि पाकिस्तान की ओर से रात में ड्रोन से चंडी मंदिर पर हमला भी किया गया। बेटे राकेश ने बताया कि जहां पर वह रहता है वहां से 20 किलोमीटर दूर आर्मी कमांड हॉस्पिटल भी है। पिता भैयालाल ने बताया कि जनवरी में छोटी पौत्री आराध्या का जन्मदिन था, तब बेटा परिवार के साथ गांव आया था। पाकिस्तान से बिगड़ते हालातों को लेकर बेटे, बहू और बच्चों की चिंता हो रही है। राकेश की मां कमला ने बताया कि उन्हें भी बेटे-बहू और परिवार की चिंता हो रही है। बेटे से उसे (राकेश को) छुट्टी न मिलने की स्थिति में बहू और बच्चों को गांव भेज देने को कह दिया है।
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युद्ध शुरू होते ही सहमे चंडीगढ़ कमाने गए लोगों के परिजन
-फोन पर हुई बात में बताया, स्कूल बंद, घर से न निकलने की अपील
औरास। भारत-पाकिस्तान के बीच शुरू हुए युद्ध में दोनों ओर से की जा रही गोलाबारी से चंडीगढ़ में कमाने गए युवकों के परिजन परेशान हैं।
थानाक्षेत्र के सीमऊ गांव निवासी मोहित अपनी पत्नी, डेढ़ साल के बेटे, भाई राहुल उसकी पत्नी, सबसे छोटा भाई शोभित और मां उमा के साथ करीब दस साल से चंडीगढ़ के अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम मोहाली के पास रहते हैं। मोहित ने फोन पर बताया कि इस स्थान के पास पठानकोट की सीमा लगती है। पिछले दो दिनों से स्कूल कॉलेज सब बंद हैं। रात में पूरी तरह से ब्लैक आउट होने के साथ सायरन बजने लगता है। कामकाज भी सब बंद है। पुलिस लोगों को घरों में रहने की सलाह दे रही है। गांव में रहने वाले बाबा रामस्वरूप को परिवार की चिंता है, वह बार-बार बच्चों को फोन कर उनका हालचाल लेते रहते हैं।
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कभी भी शुरू हो जाती है गोलाबारी
औरास। सीमऊ गांव के बऊआ पुत्र रामबालक, गोविंद पुत्र गयाप्रसाद भी चंडीगढ़ में ही रहते हैं। उनके भी घरवालों का यही हाल है। मैनीभावाखेड़ा गांव निवासी बसंतलाल लुधियाना के बहादुर की रोड पर सब्जी मंडी में 15 सालों से परिवार के साथ रहकर निजी कंपनी में नौकरी कर रहे हैं। बसंतलाल ने फोन पर बताया कि दो दिनों से वह काम पर नहीं जा रहे हैं। बच्चों के स्कूल भी बंद कर दिए गए हैं। गोलाबारी लगातार चल रही है, इससे डर का माहौल है।
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