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नम आंखें, श्रद्धांजलि, बोले-आपको न भूल पाएंगे

Fri, 10 Dec 2021 12:42 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Dec 2021 12:42 AM IST
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शहीद सीडीएस बिपिन रावत को श्रद्धाजंलि देते प्राथमिक विद्यालय मलयपुर के शिक्षक व बच्चे। संवाद - फोटो : UNNAO
उन्नाव। हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सीडीएस व अन्य जवानों की मौत पर कई स्थानों पर शोकसभा की गई। इस दौरान राजनीतिक व अन्य लोगों ने नम आंखों से कैंडल जलाकर श्रद्धाजंलि दी। लोगों ने कहा कि सीडीएस बिपिन रावत को नहीं भूल पाएंगे।
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हिंदू जागरण मंच के प्रांतीय मंत्री एवं प्रभारी विमल द्विवेदी ने शास्त्री प्रतिमा परिसर पर श्रद्धाजंलि सभा आयोजित की। इसमें सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से चित्र पर पुष्प अर्पित किए। श्रद्धाजंलि देने वालों में मंच के जिलाध्यक्ष अजय त्रिवेदी, शिवसेवक त्रिपाठी, मनीष अवस्थी, उमा शुक्ला, पूर्व सैनिक एके दीक्षित, परीक्षित अवस्थी मौजूद रहे। सदर विधायक पंकज गुप्ता ने करोवन मोड़ के पास कथा स्थल में सीडीएस जनरल बिपिन रावत के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धांजलि दी। भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष सोनी अशोक शुक्ला व मनीष गुप्ता मौजूद रहे। भाजपा कार्यालय में जिला प्रभारी कमलेश मिश्रा व जिलाध्यक्ष अवधेश कटियार ने दो मिनट का मौन रखा। समीर शुक्ला, आदित्य त्रिपाठी, सुरेश तिवारी मौजूद रहे। सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव सोनी सिंह परिहार ने निराला प्रेक्षागृह में कैंडल जलाकर श्रद्धाजंलि दी। अखिलेश शुक्ला, आजम खान, शीतल यादव, शिवम सोनी, अवि शुक्ला मौजूद रहे। एसवीएम इंटर कॉलेज संत पूरनदास नगर आस्था सभागार में शोक सभा हुई। इसमें विद्यालय के प्रबंधक वेणुरंजन भदौरिया, प्रधानाचार्य रामवीर सिंह ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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पीडी नगर निवासी पूर्व सैनिक राजेश सिंह सेंगर बताते हैं कि सेवाकाल में तत्कालीन सेनाध्यक्ष और अब सीडीएस रहे बिपिन रावत से कई बार मुलाकात हुई। उनके निधन पर वह भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि बिपिन रावत सकारात्मक विचारों के भंडार थे। उनमें नेतृत्व क्षमता अनूठी थी। उनकी पहली पोस्टिंग सार्जेंट के रूप में मरम्मत एवं अनुरक्षण सचिवालय प्रशिक्षण कमांड बंगलुरू में हुई थी, तब बिपिन रावत वहां पर बिग्रेडियर थे। उन्हें काफी देखने और सुनने का मौका मिला था। उनके साथ मद्रास इंजीनियरिंग रेजीडेंट में भी कुछ दिन कार्य करने का अवसर मिला था। उस समय यह वेलिगंटन स्टाफ कालेज में मुख्य अनुदेशक थे।
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