{"_id":"57a7452f06382cdb8dfebdee65e728ad","slug":"officials-denied-farmers-planted-jam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकारियों के न मिलने पर किसानों ने लगाया जाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकारियों के न मिलने पर किसानों ने लगाया जाम
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 29 Apr 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
बीघापुर (उन्नाव)। बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद फसल का मुआवजा न मिलने से परेशान किसान मंगलवार को एसडीएम व तहसीलदार से मिलने पहुंचे तो तहसील में कोई अधिकारी नहीं मिला। काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे तो किसान भड़क गए और नारेबाजी करते हुए उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
विज्ञापन
एसओ ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान एसडीएम को मौके पर बुलाने पर अड़े रहे। अंतत: एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर जांच का आश्वासन दिया तब जाम खोला। इस दौरान करीब दो घंटे तक उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग जाम रहा।
विज्ञापन
मंगलवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे तहसील क्षेत्र के बेहटा भवानी, डोकरई, बाजपेयी खेड़ा, गोबरहा, पकराखुर्द, देवारा, थरि, सुमेरपुर, बक्सर, मलयपुर, नयाखेड़ा, जियाखेड़ा, काल्याणपुर आदि गांवों के किसान समस्याओं को लेकर तहसील मुख्यालय पहुंचे। उनकी मुलाकात न तो एसडीएम मृत्युंजयराम से हो सकी और न ही तहसीलदार राजेश गुप्ता मिले।
विज्ञापन
करीब डेढ़ घंटे इंतजार करने के बाद भी जब अधिकारी कार्यालय नहीं आए तो किसानों ने उन्नाव-रायबरेली राजमार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने की सूचना मिलते ही मौके पर बीघापुर एसओ मनोज प्रताप पहुंच गए और किसानों को समझाते हुए जाम हटाने को कहा। किसान एसडीएम को बुलाने पर अड़े रहे।
इसके बाद एसडीएम मृत्युंजयराम मौके पर पहुंचे और किसानों को जांच कराकर जल्द मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। किसान राम सजीवन, विजय प्रताप, राजू सिंह, विजय बहादुर सिंह, गनेसा देवी, सरोजनी देवी, रामकरण, पुत्तालाल, अशोक कुमार यादव, सुशील कुमार तिवारी, नरेंद्र बहादुर सिंह व मोहम्मद हमीद का कहना था कि जानबूझकर तहसील प्रशासन किसानों की उपेक्षा कर रहा है।
लेखपाल केवल उन्हीं किसानों को लाभ दे रहे हैं जो प्रभावशाली हैं। बेहटा भवानी के किसान चंद्रमौलि पांडेय, अनिल तिवारी का कहना था कि जिनकी जमीन बंजर थी उन्हें भी मुआवजा दे दिया गया।
बोले जिम्मेदार
1-एसडीएम मृत्युंजयराम ने बताया कि किसानों की समस्याओं की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। कानूनगो के नेतृत्व में तीन लेखपालों की टीम को जांच सौंपी गई है। जो ग्राम सभा आपदा राहत में नहीं ली गईं हैं उन्हें भी जांच दायरे में रखा जाएगा। यदि किसी किसान को समस्या होती है तो तहसील में आपदा प्रबंधन का कार्य देख रहे शिवपाल बाबू से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
2- तहसीलदार राजेश गुप्ता ने बताया कि वह जिलाधिकारी की बैठक में थे। इस कारण मामले की जानकारी नहीं हो सकी। जिन किसानों को मुआवजा नहीं मिला है उन्हें मुआवजा दिलाने के लिए वह प्रयास करेंगे।