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Unnao News: अब कच्चे मार्गों के बहुरेंगे दिन, सात करोड़ से बनेंगी पक्की सड़कें
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इब्राहिमपुर मार्ग से निकलता साइकिल सवार।
- फोटो : सुबह नौ बजे विद्यालय के बाहर बस का इंतजार करते प्रतिभागी।
उन्नाव/असोहा। मजरों के कच्चे रास्तों को अब डामर रोड बनाने के लिए रास्ता साफ हो गया है। अभी तक कच्चे रास्तों पर खड़ंजा या इंटरलॉकिंग ईंट बिछाने के लिए प्राथमिकता दी जाती थी। अब पूरी तरह से कच्चे मार्गों का भी डामरीकरण कराने की कवायद शुरू हो गई है। इसमें अभी शासन ने पुरवा तहसील क्षेत्र के पांच रास्तों को डामर रोड बनाने के लिए सात करोड़ का बजट जारी किया गया है। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अभी तक पहले से बनी पक्की सड़कों के खराब या खस्ताहाल होने पर उनके डामरीकरण को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे ही मार्गों की डामर से मरम्मत या नवनिर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। वहीं, 250 आबादी के मजरों से पक्के लिंक रोड को जोड़ने वाले कच्चे मार्गों के लिए या तो मनरेगा से खड़ंजा बिछाया जाता है या जिला पंचायत इंटरलॉकिंग कराता है। डामरीकरण न होने से खड़ंजा व इंटरलॉकिंग कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या बारिश के समय होती है।
इसको लेकर शासन तक जानकारी पहुंची तो मजरों के कच्चे मार्गों पर भी डामर बिछाने की अनुमति मिल गई। वहीं, जिले में पुरवा विधायक अनिल सिंह ने क्षेत्र के कई मार्गों के अभी भी कच्चे होने की जानकारी मुख्यमंत्री को देकर उनको पक्का कराने की मांग की थी। इसके बाद शासन ने पुरवा क्षेत्र के पांच मार्गों को डामरीकरण के लिए चिह्नित कर सात करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया।
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20 हजार की आबादी को आवागमन में मिलेगी सहूलियत
पांच मार्गों के डामरीकरण से नौ ग्राम पंचायतों की 20 हजार की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। अभी इन पांच रास्तों में कोई पूरी तरह से कच्चा है। कुछ पर खड़ंजा लगा है तो कुछ मार्ग पर इंटरलॉकिंग बिछी है। जो पूरी तरह से कच्चे हैं, उनमें बारिश के दौरान दलदल हो जाता है। जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। ग्रामीणों को अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। अब पक्की डामर रोड बन जाने से हर समय आना जाना सुलभ हो सकेगा।
इन मार्गों पर बनेगी पक्की सड़क
-रतावर से इब्राहिमपुर मार्ग।
-बछौरा से भादिन मार्ग।
-सरवन से बरवा खुर्द मार्ग।
-चिलौली से बिलौरा चौराहा मार्ग।
-कालूखेड़ा-असरेंदा से रामपुर मार्ग।
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पांच मार्गों के डामरीकरण को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 15 दिन में प्रक्रिया पूरी कराकर निर्माण शुरू कराया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड
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अभी तक पहले से बनी पक्की सड़कों के खराब या खस्ताहाल होने पर उनके डामरीकरण को प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे ही मार्गों की डामर से मरम्मत या नवनिर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया जा रहा है। वहीं, 250 आबादी के मजरों से पक्के लिंक रोड को जोड़ने वाले कच्चे मार्गों के लिए या तो मनरेगा से खड़ंजा बिछाया जाता है या जिला पंचायत इंटरलॉकिंग कराता है। डामरीकरण न होने से खड़ंजा व इंटरलॉकिंग कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। सबसे ज्यादा समस्या बारिश के समय होती है।
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इसको लेकर शासन तक जानकारी पहुंची तो मजरों के कच्चे मार्गों पर भी डामर बिछाने की अनुमति मिल गई। वहीं, जिले में पुरवा विधायक अनिल सिंह ने क्षेत्र के कई मार्गों के अभी भी कच्चे होने की जानकारी मुख्यमंत्री को देकर उनको पक्का कराने की मांग की थी। इसके बाद शासन ने पुरवा क्षेत्र के पांच मार्गों को डामरीकरण के लिए चिह्नित कर सात करोड़ का बजट स्वीकृत कर दिया।
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20 हजार की आबादी को आवागमन में मिलेगी सहूलियत
पांच मार्गों के डामरीकरण से नौ ग्राम पंचायतों की 20 हजार की आबादी को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। अभी इन पांच रास्तों में कोई पूरी तरह से कच्चा है। कुछ पर खड़ंजा लगा है तो कुछ मार्ग पर इंटरलॉकिंग बिछी है। जो पूरी तरह से कच्चे हैं, उनमें बारिश के दौरान दलदल हो जाता है। जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। ग्रामीणों को अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। अब पक्की डामर रोड बन जाने से हर समय आना जाना सुलभ हो सकेगा।
इन मार्गों पर बनेगी पक्की सड़क
-रतावर से इब्राहिमपुर मार्ग।
-बछौरा से भादिन मार्ग।
-सरवन से बरवा खुर्द मार्ग।
-चिलौली से बिलौरा चौराहा मार्ग।
-कालूखेड़ा-असरेंदा से रामपुर मार्ग।
पांच मार्गों के डामरीकरण को मंजूरी मिल गई है। इसके लिए बजट स्वीकृत हो गया है। टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 15 दिन में प्रक्रिया पूरी कराकर निर्माण शुरू कराया जाएगा। -हरदयाल अहिरवार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, प्रांतीय खंड