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जमीन की पैमाइश के लिए अब तहसीलों के नहीं लगाने होंगे चक्कर
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उन्नाव। भूमि की पैमाइश के लिए अब लोगों को तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। राजस्व विभाग ने पैमाइश की अनुमति देने के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी है। विभागीय वेबसाइट पर आवेदन करने के साथ ही एक हजार रुपये फीस भी जमा करनी होगी। जांच के बाद ऑनलाइन अनुमति मिल जाएगी।
अभी तक लोगों को जमीन की पैमाइश कराने के लिए कभी लेखपाल तो कभी कानूनगो के हाथ पैर जोड़ने पड़ते थे। समय और पैसा खर्च करने के बाद जब अनुमति मिल जाती थी तो नायब, तहसीलदार व एसडीएम के सामने हाजिरी लगानी होती थी। अब शासन ने लोगों को सहूलियत देने के लिए ये व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है।
ऐसे करना होगा ऑनलाइन आवेदन
- पोर्टल http:/vaad.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के लिंक पर जाना होगा।
- पैमाइश के लिए ऑनलाइन आवेदन व एक हजार रुपये शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से करना होगा।
- भुगतान होते ही ऑनलाइन आवेदन एसडीएम न्यायालय में दर्ज हो जाएगा।
-एसडीएम आवेदन को तहसीलदार और तहसीलदार राजस्व निरीक्षक को स्थानांतरित करेंगे।
- राजस्व निरीक्षक पैमाइश की तिथि व समय तय कर नोटिस जारी करेंगे। तय तिथि पर पैमाइश के बाद राजस्व निरीक्षक रिपोर्ट (विवादित/अविवादित के रूप में) दर्ज करेंगे और संबंधित अभिलेख व रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय में देंगे।
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- एसडीएम अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद आदेश करेंगे। विवादित होने की दशा में आवेदन वाद के रूप में राजस्व न्यायालय में चलेगा।
पहले वरासत और पैमाइश के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता था। वरासत में तो पहले से ही ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। अब पैमाइश में भी इसे शुरू कर दिया गया है। - नरेंद्र सिंह, एडीएम (वित्त/राजस्व)
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अभी तक लोगों को जमीन की पैमाइश कराने के लिए कभी लेखपाल तो कभी कानूनगो के हाथ पैर जोड़ने पड़ते थे। समय और पैसा खर्च करने के बाद जब अनुमति मिल जाती थी तो नायब, तहसीलदार व एसडीएम के सामने हाजिरी लगानी होती थी। अब शासन ने लोगों को सहूलियत देने के लिए ये व्यवस्था ऑनलाइन कर दी है।
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ऐसे करना होगा ऑनलाइन आवेदन
- पोर्टल http:/vaad.up.nic.in पर ऑनलाइन आवेदन के लिंक पर जाना होगा।
- पैमाइश के लिए ऑनलाइन आवेदन व एक हजार रुपये शुल्क का भुगतान नेट बैंकिंग/यूपीआई के माध्यम से करना होगा।
- भुगतान होते ही ऑनलाइन आवेदन एसडीएम न्यायालय में दर्ज हो जाएगा।
-एसडीएम आवेदन को तहसीलदार और तहसीलदार राजस्व निरीक्षक को स्थानांतरित करेंगे।
- राजस्व निरीक्षक पैमाइश की तिथि व समय तय कर नोटिस जारी करेंगे। तय तिथि पर पैमाइश के बाद राजस्व निरीक्षक रिपोर्ट (विवादित/अविवादित के रूप में) दर्ज करेंगे और संबंधित अभिलेख व रिपोर्ट एसडीएम न्यायालय में देंगे।
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पहले वरासत और पैमाइश के लिए लोगों को परेशान होना पड़ता था। वरासत में तो पहले से ही ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था लागू कर दी गई थी। अब पैमाइश में भी इसे शुरू कर दिया गया है। - नरेंद्र सिंह, एडीएम (वित्त/राजस्व)