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15 केंद्रों पर एएनएम नहीं, टीका कैसे ल्गे
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बिछिया। एएनएम के न होने से गर्भवती व बच्चों के टीकाकरण में दिक्कतें आ रही हैं। परिजन टीका लगवाने के लिए सीएचसी या फिर जिला अस्पताल जाने पर मजबूर हैं। ब्लॉक क्षेत्र की 15 ग्राम पंचायतों में एएनएम के पद सालों से रिक्त हैं।
ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों में 26 उप नगरीय स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें 15 सेंटरों में बिछिया, न्यू पीएचसी ओरहर, न्यू पीएचसी पड़री कला, पवई, रूपऊ, मुर्तज़ानागर, तारगांव, जगवां, सकरन, जरगाव, पड़रीखुर्द, इटौली, नेवरना, पड़रीकला व जमुका केंद्रों में पांच साल से एएनएम की तैनाती नहीं है। इन सेंटरों पर ताला लटक रहा है।
इन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 33 गर्भवती व छह साल की उम्र के करीब 160 बच्चे हैं, जिनका टीकाकरण होना है। इनके परिजनों को टीकाकरण कराने के लिए सीएचसी या फिर जिला अस्पताल जाना मजबूरी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान ने बताया कि खाली सेंटरों में रिक्त एएनएम की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी जा चुकी है। अब वहां से तैनाती की जानी है।
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यह लगते हैं टीके
गर्भवती महिलाओं को पहले डीटी की डोज लगाई जाती है। बच्चों के जन्म के समय बीसीजी, ओपीवी, हैपेटाइटिस बी। छह सप्ताह बाद पैंटावेलेंट पहली डोज, ओपीवी व रोटा वायरस की पहली डोज के साथ पीसीवी का टीका लगाया जाता है। 10 सप्ताह बाद पैंटावेलेंट, ओपीवी व रोटावायरस की दूसरी डोज व 14 सप्ताह बाद इस वैक्सीन की तीसरी डोज लगाई जाती है। 9-12 माह में मिजिल्स, जेई की पहली डोज, विटामिन ए की खुराक, पीसीवी की बूस्टर डोज लगाई जाती है। इसी तरह अन्य टीके भी लगाए जाते हैं।
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ब्लॉक की 57 ग्राम पंचायतों में 26 उप नगरीय स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसमें 15 सेंटरों में बिछिया, न्यू पीएचसी ओरहर, न्यू पीएचसी पड़री कला, पवई, रूपऊ, मुर्तज़ानागर, तारगांव, जगवां, सकरन, जरगाव, पड़रीखुर्द, इटौली, नेवरना, पड़रीकला व जमुका केंद्रों में पांच साल से एएनएम की तैनाती नहीं है। इन सेंटरों पर ताला लटक रहा है।
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इन ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 33 गर्भवती व छह साल की उम्र के करीब 160 बच्चे हैं, जिनका टीकाकरण होना है। इनके परिजनों को टीकाकरण कराने के लिए सीएचसी या फिर जिला अस्पताल जाना मजबूरी है। सीएचसी प्रभारी डॉ. आरपी सचान ने बताया कि खाली सेंटरों में रिक्त एएनएम की सूची स्वास्थ्य विभाग को भेजी जा चुकी है। अब वहां से तैनाती की जानी है।
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यह लगते हैं टीके
गर्भवती महिलाओं को पहले डीटी की डोज लगाई जाती है। बच्चों के जन्म के समय बीसीजी, ओपीवी, हैपेटाइटिस बी। छह सप्ताह बाद पैंटावेलेंट पहली डोज, ओपीवी व रोटा वायरस की पहली डोज के साथ पीसीवी का टीका लगाया जाता है। 10 सप्ताह बाद पैंटावेलेंट, ओपीवी व रोटावायरस की दूसरी डोज व 14 सप्ताह बाद इस वैक्सीन की तीसरी डोज लगाई जाती है। 9-12 माह में मिजिल्स, जेई की पहली डोज, विटामिन ए की खुराक, पीसीवी की बूस्टर डोज लगाई जाती है। इसी तरह अन्य टीके भी लगाए जाते हैं।