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गंगा में गिर रहा गंदा सीवरेज, सारे इंतजाम फेल
Mon, 31 Dec 2018 12:19 AM IST
प्रशांत कुमार
उन्नाव
उन्नाव
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:19 AM IST
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गंगा में गिरने वाली सिटी ड्रेन।
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव। कुंभ स्नान से पहले गंगा में गिरते नालों की टेपिंग कराने की रणनीति पर अब तक अमल नहीं हो सका है। नतीजतन सीवरेज का पानी अभी भी गंगा में गिर रहा है। जिम्मेदार विभाग सिर्फ कागजों में लकीर खींचने में व्यस्त हैं। सीवरेज की आड़ में उद्योग भी हर रोज चोरी-छिपे पांच से दस एमएलडी पानी बहा रहे हैं। सीवरेज के पानी को रोकने के प्रभावी इंतजाम न होने से गंगा की धारा अविरल नहीं हो पा रही है। इसके अलावा प्रदूषित जल को शुद्ध कर गंगा में गिराने के लिए एसटीपी निर्माण का काम भी अधर में लटका हुआ है।
कुंभ मेला के लिए शासन ने सीवरेज व उद्योगों के प्रदूषित पानी को गंगा तक न पहुंचने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देश पर नालों की टेपिंग कराने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई की जानी थी। प्रशासन ने सिटी जेल ड्रेन से जुड़े 52 उद्योगों पर ताला लगवा दिया। हालांकि नालों की टेपिंग करने व सीवरेज के निस्तारण पर प्रभावी कदम नहीं उठा सका।
ऐसे में शहर से निकलने वाला 20 एमएलडी सीवरेज सीधे गंगा में गिर रहा है। सीवरेज को लेकर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में गंगा को अविरल बनाने के दावे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। सीवरेज की आड़ में बंद उद्योग भी चोरी छिपे प्रदूषित पानी बहा रहे हैं। मौजूदा समय में सिटी जेल ड्रेन लबालब भरी हुई हुई है। अधिकारियों के अनुसार ड्रेन में सिर्फ सीवरेज का पानी है। हालांकि इसकी जांच अब तक नहीं कराई गई है।
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एसटीपी का काम अधर में
एनजीटी ने शहर और शुक्लागंज के दूषित पानी को गंगा में जाने से रोकने के निर्देश दिए थे। गंगा में गिरने वाले नालों का रुख मोड़कर उन्हें एसटीपी से जोड़कर गंदे पानी को साफ करने के बाद साफ पानी गंगा में छोड़ने की योजना है। इसके लिए अचलगंज के पास डकारी और शुक्लागंज में एक-एक एसटीपी लगाया जाना है। हालांकि अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
कचरा रोकने के लिए नहीं लगाई जाली
प्रदूषित पानी व गंदगी गंगा में जाने के लिए प्रशासन ने फैक्ट्रियां तो बंद करा दीं लेकिन शहर का गंदा पानी व सीवर अभी भी गंगा में गिर रहे हैं।
शहर के मोहल्ला एबी नगर निवासी सामजिक कार्यकर्ता मो. अहमद ने इसकी शिकायत की थी। जवाब में प्रदूषण विभाग ने बताया कि नालों के अंतिम छोर में जाली लगाकर कूड़ा रोकने का प्रावधान है। सिटी जेल ड्रेन में अब तक जाली नहीं लगाई गई है। वहीं जलनिगम की ओर से एसटीपी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है।
शुक्लागंज में दूसरे नाले से बहा रहे पानी
शुक्लागंज में जलनिगम ने मनोहर नगर घाट निर्माण के बाद इंद्रानगर नाले का पानी गंगा में जाने से रोक दिया है। लेकिन इस नाले को रविदासनगर नाले को जोड़ दिए जाने से आबादी क्षेत्र का पूरा पानी रविदास नगर नाले से होकर गंगा में ही जा रहा है।
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कुंभ मेला के लिए शासन ने सीवरेज व उद्योगों के प्रदूषित पानी को गंगा तक न पहुंचने के निर्देश दिए थे। शासन के निर्देश पर नालों की टेपिंग कराने प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बंद करने की कार्रवाई की जानी थी। प्रशासन ने सिटी जेल ड्रेन से जुड़े 52 उद्योगों पर ताला लगवा दिया। हालांकि नालों की टेपिंग करने व सीवरेज के निस्तारण पर प्रभावी कदम नहीं उठा सका।
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ऐसे में शहर से निकलने वाला 20 एमएलडी सीवरेज सीधे गंगा में गिर रहा है। सीवरेज को लेकर अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में गंगा को अविरल बनाने के दावे हवाहवाई साबित हो रहे हैं। सीवरेज की आड़ में बंद उद्योग भी चोरी छिपे प्रदूषित पानी बहा रहे हैं। मौजूदा समय में सिटी जेल ड्रेन लबालब भरी हुई हुई है। अधिकारियों के अनुसार ड्रेन में सिर्फ सीवरेज का पानी है। हालांकि इसकी जांच अब तक नहीं कराई गई है।
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एसटीपी का काम अधर में
एनजीटी ने शहर और शुक्लागंज के दूषित पानी को गंगा में जाने से रोकने के निर्देश दिए थे। गंगा में गिरने वाले नालों का रुख मोड़कर उन्हें एसटीपी से जोड़कर गंदे पानी को साफ करने के बाद साफ पानी गंगा में छोड़ने की योजना है। इसके लिए अचलगंज के पास डकारी और शुक्लागंज में एक-एक एसटीपी लगाया जाना है। हालांकि अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
कचरा रोकने के लिए नहीं लगाई जाली
प्रदूषित पानी व गंदगी गंगा में जाने के लिए प्रशासन ने फैक्ट्रियां तो बंद करा दीं लेकिन शहर का गंदा पानी व सीवर अभी भी गंगा में गिर रहे हैं।
शहर के मोहल्ला एबी नगर निवासी सामजिक कार्यकर्ता मो. अहमद ने इसकी शिकायत की थी। जवाब में प्रदूषण विभाग ने बताया कि नालों के अंतिम छोर में जाली लगाकर कूड़ा रोकने का प्रावधान है। सिटी जेल ड्रेन में अब तक जाली नहीं लगाई गई है। वहीं जलनिगम की ओर से एसटीपी लगाने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पाई है।
शुक्लागंज में दूसरे नाले से बहा रहे पानी
शुक्लागंज में जलनिगम ने मनोहर नगर घाट निर्माण के बाद इंद्रानगर नाले का पानी गंगा में जाने से रोक दिया है। लेकिन इस नाले को रविदासनगर नाले को जोड़ दिए जाने से आबादी क्षेत्र का पूरा पानी रविदास नगर नाले से होकर गंगा में ही जा रहा है।