{"_id":"63c9850bba763f58316d9336","slug":"na-unnao-news-c-12-1-49579-2023-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: नवजात को बेचने के मामले में डॉक्टर सहित सात पर रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: नवजात को बेचने के मामले में डॉक्टर सहित सात पर रिपोर्ट
विज्ञापन
नवजात को बेचने में डॉक्टर सहित सात पर रिपोर्ट
- आरोपियों में एएनएम, दाई सहित पांच नामजद व दो अज्ञात शामिल
- किशोरी के नवजात को जन्म के बाद 22 दिसंबर को बेचा था बच्चा
- किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर। स्वास्थ्य केंद्र में 27 दिन पहले किशोरी के जन्म दिए बच्चे को दाई और एएनएम की मिलीभगत से बेच दिया। मामले में पीएचसी प्रभारी सहित पांच के खिलाफ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी गर्भवती (16) वर्षीय किशोरी ने 22 दिसंबर को बीघापुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को जन्म दिया था। लोकलाज के डर से किशोरी के परिजनों ने बच्चे को रखने से इन्कार कर दिया था। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम अंशु कला और दाई अंजू ने किशोरी के परिजनों की रजामंदी पर नवजात को दाई के ही रिश्तेदार को बेच दिया था।
मामला सीडब्ल्यूसी (बाल संरक्षण समिति) की अध्यक्ष प्रीती सिंह की जानकारी में आने पर उन्होंने चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बीघापुर थाने में तहरीर देकर पीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज पांडेय, एएनएम अंशु कला, दाई अंजू और बच्चा खरीदने वाली महिला रेखा व उसके परिवार के ही छग्गू, नवजात शिशु के अज्ञात माता-पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष बृजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने बताया कि बच्चा लावारिस था, तो नियमानुसार पीएचसी प्रभारी व स्टाफ को सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
--
रिश्ते तार-तार, किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी सगा भाई
किशोरी से दुष्कर्म उसके सगे भाई ने किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक जांच में जो बात सामने आई है। उसके अनुसार भाई ने बहन के साथ गलत काम किया। बदनामी के डर से उनके माता-पिता इस बात को दबाए रहे। उन्होंने गर्भपात कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर हो चुकी थी। किसी को हकीकत पता न चले इसके लिए बेटी को छिपाकर रखा। जब प्रसव का समय आया तो अचलगंज सीएचसी के बजाए दाई की मिलीभगत से बीघापुर पीएचसी में प्रसव कराया। इसके पीछे मंशा यह थी कि किसी को भनक न लगे। अचलगंज के कुछ लोगों को इसकी भनक लगी और मामला अधिकारियों तक पहुंच गया।
विज्ञापन
- आरोपियों में एएनएम, दाई सहित पांच नामजद व दो अज्ञात शामिल
- किशोरी के नवजात को जन्म के बाद 22 दिसंबर को बेचा था बच्चा
- किशोर न्याय बोर्ड के आदेश पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बीघापुर। स्वास्थ्य केंद्र में 27 दिन पहले किशोरी के जन्म दिए बच्चे को दाई और एएनएम की मिलीभगत से बेच दिया। मामले में पीएचसी प्रभारी सहित पांच के खिलाफ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है।
अचलगंज थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी गर्भवती (16) वर्षीय किशोरी ने 22 दिसंबर को बीघापुर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेटे को जन्म दिया था। लोकलाज के डर से किशोरी के परिजनों ने बच्चे को रखने से इन्कार कर दिया था। स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एएनएम अंशु कला और दाई अंजू ने किशोरी के परिजनों की रजामंदी पर नवजात को दाई के ही रिश्तेदार को बेच दिया था।
विज्ञापन
मामला सीडब्ल्यूसी (बाल संरक्षण समिति) की अध्यक्ष प्रीती सिंह की जानकारी में आने पर उन्होंने चाइल्ड लाइन प्रभारी दिवाकर ओझा को एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बीघापुर थाने में तहरीर देकर पीएचसी प्रभारी डॉ. पंकज पांडेय, एएनएम अंशु कला, दाई अंजू और बच्चा खरीदने वाली महिला रेखा व उसके परिवार के ही छग्गू, नवजात शिशु के अज्ञात माता-पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
थानाध्यक्ष बृजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष ने बताया कि बच्चा लावारिस था, तो नियमानुसार पीएचसी प्रभारी व स्टाफ को सूचना देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
रिश्ते तार-तार, किशोरी से दुष्कर्म का आरोपी सगा भाई
किशोरी से दुष्कर्म उसके सगे भाई ने किया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार अब तक जांच में जो बात सामने आई है। उसके अनुसार भाई ने बहन के साथ गलत काम किया। बदनामी के डर से उनके माता-पिता इस बात को दबाए रहे। उन्होंने गर्भपात कराने का प्रयास किया, लेकिन काफी देर हो चुकी थी। किसी को हकीकत पता न चले इसके लिए बेटी को छिपाकर रखा। जब प्रसव का समय आया तो अचलगंज सीएचसी के बजाए दाई की मिलीभगत से बीघापुर पीएचसी में प्रसव कराया। इसके पीछे मंशा यह थी कि किसी को भनक न लगे। अचलगंज के कुछ लोगों को इसकी भनक लगी और मामला अधिकारियों तक पहुंच गया।