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Unnao News: गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल पर हुए जलभराव पर ट्रांसमिशन एक्सईएन से जवाब तलब
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ट्रांसमिशन एक्सईएन से जानकारी लेते स्टेट ट्रांसफाॅर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी। संव
सोनिक। गंगा एक्सप्रेसवे के सोनिक टोल पर हुए जलभराव का जायजा लेने पूर्व मुख्य सचिव व मौजूदा स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पहुंचे। उन्होंने जांच में ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई टोल के पास कम होना पाया और एक्सईएन से जवाब तलब किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिम्मेदारों के ध्यान न देने से यह समस्या आई है। लाइन की ऊंचाई बढ़वाकर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
सामान्य बारिश में भी सोनिक टोल पर जलभराव हो जाता है। इधर तीन दिन की बारिश में स्थितियां ज्यादा खराब हो गईं। बारिश थमने के बाद भी सोमवार को जलभराव कम नहीं हुआ तो निरीक्षण करने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज सिंह पहुंचे। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे की तरफ पोल पर ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई बीस मीटर है। जबकि टोल की तरफ लाइन का पिलर केवल पांच मीटर ही ऊंचा किया गया। दोनों पोल के बीच दूरी करीब 14 मीटर होने से बीच में लाइन झूल रही है। जबकि दूरी साढ़े 12 मीटर रखी जानी चाहिए थी। इसके चलते कार्यदायी संस्था ने सड़क थोड़ी नीचे करके बनवा दी। इसी कारण जलभराव की समस्या हो रही है। उन्होंने मामले में ट्रांसमिशन एक्सईएन बीके पाठक से मामले में जवाब तलब किया। कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि लाइन की ऊंचाई बढ़ाकर सड़क को सही कराया जाएगा। तभी जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
इंसेट-1
पंपों से पानी निकलवाने में खर्च हो गए दस लाख
36000 करोड़ से बने इस एक्सप्रेसवे में सोनिक टोल के पास भरे पानी को तीन दिन से आठ पंपों के जरिए निकलवाया जा रहा है। इस पर करीब दस लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। साथ ही लेन से यातायात भी नहीं निकाला जा रहा है। वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, गंगा एक्सप्रेसवे के किमी 422 सराय कटियान में रविवार को आई दरार पर कार्यदायी संस्था ने आरसीसी ढलाई कराई। वहीं यहां से दस मीटर दूर फिर से हल्की दरार नजर आई तो संस्था ने मरम्मत कराई। आरसीसी ढलान के बाद वहां पर रोड समतल नहीं रह गई है। देरशाम हाईवे किनारे पानी निकासी के दौरान नाले में बांध लगा देने से मुर्तजा नगर में लगने वाली बाजार में पानी भर गया। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद कर्मचारी ने खुलवाने का आश्वासन दिया।
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फोटो-28-लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अंडरपास के ज्वाइंट में दिखती दरार। संवाद
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अंडरपास के ज्वाइंट में दरार
अचलगंज। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अभी भी खामियां मिल रही हैं। सोमवार को लखनऊ लेन में 63.6 किमी पर बेहटा गांव के सामने बने अंडरपास के ज्वाइंट में दरार आ गई। दरार सीधी रेखा में लंबाई में दिखाई दी। इसकी सूचना पर कार्यदायी संस्था पीएनसी के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत शुरू कराई। एनएचएआई के पीडी नवरत्न ने बताया कि जो भी मामूली खामियां अब आ रही हैं, उनकी मरम्मत कराई जा रही है।
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फोटो-29-औरास में सई नदी पर बने पुल की ज्वाइंट खुलने से निकला लोहे का एंगल। संवाद
एक साल में बहा 39 लाख का पैचवर्क, पुल का ज्वाइंट खुला, एक हिस्सा धंसा
औरास। लगातार हुई बरसात से संडीला-चकलवंशी मार्ग पर कस्बे में बने सई नदी के पुल का एक हिस्सा धंस गया। पुल का ज्वाइंट खुलने से लोहे के एंगल ऊपर निकल आए। पिछले साल सितंबर में 39 लाख रुपये से पुल की मरम्मत व रंगाई पुताई का कार्य कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने केवल कोरम पूरा किया। अब पुल पर कभी भी हादसा हो सकता है। पुल से प्रतिदिन करीब सौ से अधिक डंपर व ट्रक ओवरलोड मौरंग, बालू लादकर हरदोई, सीतापुर व लखनऊ आदि के लिए आवागमन करते हैं। यह पुल नगर पंचायत औरास के साथ विकासखंड के लोधई, शीशी, सरौंद, पूरा चांद व कबरोई सहित 106 गांवों को जोड़ता हैं। करीब 1.95 लाख की आवागमन करती है। लोग इसी मार्ग से तहसील हसनगंज मुख्यालय, ब्लाक, सीएचसी व थाने पहुंचते हैं।
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फोटो-30-मोहान सई नदी पुल पर एप्रोच धंसने के बाद भी निकलते भारी वाहन। संवाद
पुल की धंसी अप्रोच रोड पर जारी रहा आवागमन
हसनगंज। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर मोहान में सई नदी पर बने पुल की धंसी अप्रोच रोड की दूसरे दिन मरम्मत नहीं शुरू कराई गई। ना ही किसी प्रकार की बैरीकेडिंग ही लगाई गई। इससे पुल से वाहनों का आवागमन जारी रही। ऐसे में मार्ग से आना-जाना जोखिम भरा हो गया है। क्षेत्र के कपिल निगम, चंद्रशेखर द्विवेदी, शिवम सिंह और अमित शुक्ला ने बताया कि लगातार भारी वाहनों के गुजरने से क्षतिग्रस्त अप्रोच रोड और अधिक धंस सकती है। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यदि अप्रोच और क्षतिग्रस्त हुई तो मार्ग पर आवागमन बाधित होने के साथ बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। सेतु निगम के एई एमएस ओझा ने बताया कि अप्रोच धंसने की जानकारी के बाद बाबा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार को उसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक, दो दिन में ठेकेदार ने मरम्मत का काम शुरू कराने की बात कही है।
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सामान्य बारिश में भी सोनिक टोल पर जलभराव हो जाता है। इधर तीन दिन की बारिश में स्थितियां ज्यादा खराब हो गईं। बारिश थमने के बाद भी सोमवार को जलभराव कम नहीं हुआ तो निरीक्षण करने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज सिंह पहुंचे। उन्होंने पूरे परिसर का निरीक्षण किया। कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे की तरफ पोल पर ट्रांसमिशन लाइन की ऊंचाई बीस मीटर है। जबकि टोल की तरफ लाइन का पिलर केवल पांच मीटर ही ऊंचा किया गया। दोनों पोल के बीच दूरी करीब 14 मीटर होने से बीच में लाइन झूल रही है। जबकि दूरी साढ़े 12 मीटर रखी जानी चाहिए थी। इसके चलते कार्यदायी संस्था ने सड़क थोड़ी नीचे करके बनवा दी। इसी कारण जलभराव की समस्या हो रही है। उन्होंने मामले में ट्रांसमिशन एक्सईएन बीके पाठक से मामले में जवाब तलब किया। कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। बताया कि लाइन की ऊंचाई बढ़ाकर सड़क को सही कराया जाएगा। तभी जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी।
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इंसेट-1
पंपों से पानी निकलवाने में खर्च हो गए दस लाख
36000 करोड़ से बने इस एक्सप्रेसवे में सोनिक टोल के पास भरे पानी को तीन दिन से आठ पंपों के जरिए निकलवाया जा रहा है। इस पर करीब दस लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। साथ ही लेन से यातायात भी नहीं निकाला जा रहा है। वाहन सवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, गंगा एक्सप्रेसवे के किमी 422 सराय कटियान में रविवार को आई दरार पर कार्यदायी संस्था ने आरसीसी ढलाई कराई। वहीं यहां से दस मीटर दूर फिर से हल्की दरार नजर आई तो संस्था ने मरम्मत कराई। आरसीसी ढलान के बाद वहां पर रोड समतल नहीं रह गई है। देरशाम हाईवे किनारे पानी निकासी के दौरान नाले में बांध लगा देने से मुर्तजा नगर में लगने वाली बाजार में पानी भर गया। ग्रामीणों के आक्रोश के बाद कर्मचारी ने खुलवाने का आश्वासन दिया।
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फोटो-28-लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अंडरपास के ज्वाइंट में दिखती दरार। संवाद
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के अंडरपास के ज्वाइंट में दरार
अचलगंज। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अभी भी खामियां मिल रही हैं। सोमवार को लखनऊ लेन में 63.6 किमी पर बेहटा गांव के सामने बने अंडरपास के ज्वाइंट में दरार आ गई। दरार सीधी रेखा में लंबाई में दिखाई दी। इसकी सूचना पर कार्यदायी संस्था पीएनसी के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत शुरू कराई। एनएचएआई के पीडी नवरत्न ने बताया कि जो भी मामूली खामियां अब आ रही हैं, उनकी मरम्मत कराई जा रही है।
फोटो-29-औरास में सई नदी पर बने पुल की ज्वाइंट खुलने से निकला लोहे का एंगल। संवाद
एक साल में बहा 39 लाख का पैचवर्क, पुल का ज्वाइंट खुला, एक हिस्सा धंसा
औरास। लगातार हुई बरसात से संडीला-चकलवंशी मार्ग पर कस्बे में बने सई नदी के पुल का एक हिस्सा धंस गया। पुल का ज्वाइंट खुलने से लोहे के एंगल ऊपर निकल आए। पिछले साल सितंबर में 39 लाख रुपये से पुल की मरम्मत व रंगाई पुताई का कार्य कराया गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने केवल कोरम पूरा किया। अब पुल पर कभी भी हादसा हो सकता है। पुल से प्रतिदिन करीब सौ से अधिक डंपर व ट्रक ओवरलोड मौरंग, बालू लादकर हरदोई, सीतापुर व लखनऊ आदि के लिए आवागमन करते हैं। यह पुल नगर पंचायत औरास के साथ विकासखंड के लोधई, शीशी, सरौंद, पूरा चांद व कबरोई सहित 106 गांवों को जोड़ता हैं। करीब 1.95 लाख की आवागमन करती है। लोग इसी मार्ग से तहसील हसनगंज मुख्यालय, ब्लाक, सीएचसी व थाने पहुंचते हैं।
फोटो-30-मोहान सई नदी पुल पर एप्रोच धंसने के बाद भी निकलते भारी वाहन। संवाद
पुल की धंसी अप्रोच रोड पर जारी रहा आवागमन
हसनगंज। लखनऊ-बांगरमऊ मार्ग पर मोहान में सई नदी पर बने पुल की धंसी अप्रोच रोड की दूसरे दिन मरम्मत नहीं शुरू कराई गई। ना ही किसी प्रकार की बैरीकेडिंग ही लगाई गई। इससे पुल से वाहनों का आवागमन जारी रही। ऐसे में मार्ग से आना-जाना जोखिम भरा हो गया है। क्षेत्र के कपिल निगम, चंद्रशेखर द्विवेदी, शिवम सिंह और अमित शुक्ला ने बताया कि लगातार भारी वाहनों के गुजरने से क्षतिग्रस्त अप्रोच रोड और अधिक धंस सकती है। ऐसे में हादसा होने की आशंका बनी हुई है। यदि अप्रोच और क्षतिग्रस्त हुई तो मार्ग पर आवागमन बाधित होने के साथ बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है। सेतु निगम के एई एमएस ओझा ने बताया कि अप्रोच धंसने की जानकारी के बाद बाबा कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार को उसे दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। एक, दो दिन में ठेकेदार ने मरम्मत का काम शुरू कराने की बात कही है।

ट्रांसमिशन एक्सईएन से जानकारी लेते स्टेट ट्रांसफाॅर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी। संव