फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Mistake worth lakhs in furniture purchase

Unnao News: फर्नीचर खरीद में लाखों का गड़बड़ी

Sat, 30 Sep 2023 12:12 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Sep 2023 12:12 AM IST
विज्ञापन
Mistake worth lakhs in furniture purchase
उन्नाव। उन्नाव खंड शारदा नहर कार्यालय में अंधेरगर्दी के रोजाना नए मामले सामने आ रहे हैं। अब फर्नीचर खरीद में बाजार मूल्य से चार गुना अधिक मूल्य से खरीदारी की बात सामने आई है। हालांकि एक्सईएन का दावा है कि जेम पोर्टल से खरीदारी की गई है।
विज्ञापन

मालूम होकि सिविल लाइन निवासी अजय वीर सिंह चंदेल ने उन्नाव खंड शारदा नहर कार्यालय में हर कदम पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए लोकायुक्त से शिकायत की है। उन्होंने आठ बिंदुओं का शिकायतीपत्र देकर लोकायुक्त से जांच कराने की मांग की है। इसमें पुल पुलियों के निर्माण, मरम्मत में फर्मेां का फर्जी अनुभव पत्र लगाकर बिना सत्यापन कराए निविदाओं को कराकर अनुबंधों का गठन, सिटी जेल ड्रेन में अधोमानक कार्य कराने सहित अन्य कार्यों में गड़बड़ी करके करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है।
विज्ञापन

अब विभाग में मार्च में खरीदे गए फर्नीचर में गड़बड़झाले का मामला प्रकाश में आया है। अजय वीर सिंह चंदेल के मुताबिक, 31 मार्च को फर्नीचर खरीद का बिल भी निकाला और उसी दिन भुगतान भी कर दिया गया। सामान्य कुर्सी जो 15 सौ से दो हजार के बीच कीमत है। उनका भुगतान 10508 रुपये में किया गया। कुल 40 कुर्सियां खरीदी गईं। इसी प्रकार घूमने वाली कुर्सी जो बाजार में मात्र 45 सौ से पांच हजार में उपलब्ध है उसका भुगतान 17554 रुपये का किया गया। यह छह कुर्सियां खरीदी गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चार सात सीटर सोफा का 2.55 लाख का भुगतान किया गया। इसके अलावा चार एसी, जनरेटर सहित अन्य सामान खरीदने के नाम पर भुगतान किया गया लेकिन सामान नहीं आया। बताया कि जेम पोर्टल से खरीदारी तो की गई लेकिन फर्म मात्र एक ही रही। विभागीय मिलीभगत से इसमें भी खेल किया गया। जिन अन्य फर्मेां ने आवेदन भी किया उन्हें बाद में रेट ज्यादा कराकर हटवा दिया गया। जिससे उनकी मनमाफिक फर्म को ही इसका काम मिल गया।
नियमानुसार खरीद प्रक्रिया में कईयाें के हस्ताक्षर होने चाहिए। सबसे पहले एसडीसी, फिर एई, आडिटर, लेखाकार और आखिर में एक्सईएन के साइन होने चाहिए लेकिन एसडीसी, आडिटर व लेखाकार ने इसमें साइन ही नहीं किए। अजय वीर सिंह चंदेल का कहना है कि इतना बड़ा घपला होने के बाद भी जिलास्तर पर किसी भी अधिकारी ने कार्यालय जाकर जांच करने की जहमत नहीं उठाई है। बताया कि वह मामले में शांत नहीं बैठेंगे। यदि जल्द जांच नहीं शुरू की गई तो वह अनशन करेंगे।

एक्सईएन शैलेश कुमार सिंह का कहना है कि फर्नीचर खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की गई है। फर्नीचर अप्रैल से आना शुरू हो गया था। वैसे भी मामले की जांच के लिए अधीक्षण अभियंता ने टीम गठित कर दी है। जांच में सब सामने आ जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed