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गणित के सहायक प्रोफेसर के पद पर पवन का हुआ चयन
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गंजमुरादाबाद। मेहनत के साथ लगन और जज्बा बुलंद हो तो बाधाएं व्यक्ति को सपने साकार करने में बाधा नहीं बनतीं। ऐसा ही क्षेत्र के सलेमपुर गांव निवासी एक किसान के बेटे ने कर दिखाया है। लगन और मेहनत के बल पर अच्छी पढ़ाई की और लगातार प्रयास करके आईआईटी भिलाई में गणित विभाग में सहायक प्रोफेसर पद पर नियुक्ति पाई है। बेटे की सफलता से परिवार और पूरा गांव खुश है।
गंजमुरादाबाद ब्लाक की ग्रामसभा रसूलपुररूरी के मजरा सलेमपुर निवासी किसान संतराम मिश्रा के बेटे डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने कड़ी मेहनत कर आईआईटी भिलाई में गणित विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति हासिल की है। डॉ. पवन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बांगरमऊ नगर के सरस्वती शिशु मंदिर से पूरी करने के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई बांगरमऊ के सुभाष इंटर कॉलेज से की और प्रथम स्थान हासिल किया। उसके बाद स्नातक की शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रहण करने के बाद आईआईटी दिल्ली से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की और बाद में वहीं से पीएचडी पूरी की।
फ्रांस और ब्राजील में इसका प्रशिक्षण लिया। डॉ. पवन की इस उपलब्धि ने परिवार के साथ गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पवन तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा है। किसान पिता ने बेटे की इस उपलब्धि का श्रेय उसकी मेहनत और लगन को दिया है।
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गंजमुरादाबाद ब्लाक की ग्रामसभा रसूलपुररूरी के मजरा सलेमपुर निवासी किसान संतराम मिश्रा के बेटे डॉ. पवन कुमार मिश्रा ने कड़ी मेहनत कर आईआईटी भिलाई में गणित विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति हासिल की है। डॉ. पवन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा बांगरमऊ नगर के सरस्वती शिशु मंदिर से पूरी करने के बाद इंटरमीडिएट की पढ़ाई बांगरमऊ के सुभाष इंटर कॉलेज से की और प्रथम स्थान हासिल किया। उसके बाद स्नातक की शिक्षा लखनऊ विश्वविद्यालय से ग्रहण करने के बाद आईआईटी दिल्ली से परास्नातक की पढ़ाई पूरी की और बाद में वहीं से पीएचडी पूरी की।
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फ्रांस और ब्राजील में इसका प्रशिक्षण लिया। डॉ. पवन की इस उपलब्धि ने परिवार के साथ गांव व क्षेत्र का नाम रोशन किया है। पवन तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़ा है। किसान पिता ने बेटे की इस उपलब्धि का श्रेय उसकी मेहनत और लगन को दिया है।
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