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आम की फसल बर्बाद होने से टलीं शादियां
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 20 Apr 2015 11:54 PM IST
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बांगरमऊ। ओलावृष्टि और बारिश से आम व्यापारियों को तगड़ा नुकसान हुआ है। हाथ में पैसा न होने से अभिभावकों ने बेटियों की शादियां स्थगित कर दी हैं।
ग्राम सुरसेनी निवासी विकलांग इरफान ने करीब डेढ़ लाख रुपये में आम का बाग खरीदा था। इसी के फायदे में वह अपनी बेटी की शादी करना चाहता था, और उसने बेटी की शादी हरदोई में तय कर दी थी। अप्रैल माह में शादी होना निश्चित हुआ था। प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था।
ओलावृष्टि और बारिश से आम की फसल बर्बाद हो गई। इससे इरफान को भारी नुकसान हुआ और उसे बेटी की शादी स्थगित करनी पड़ी। इसी तरह गांव के ही इकरार की भी दो पुत्रियों की शादी रुक गई है। ओलावृष्टि से जहां कच्चा आम झड़ गया है, वहीं गेहूं की फसल भी तबाह हो गई है।
इकरार ने बताया कि उसने अपनी दोनों का विवाह तय कर दिया था। इस नुकसान के बाद अब दोनों का निकाह रुक गया है। वहीं अब साल भर बच्चों का पेट पालने की भी चिंता सता रही है। यही नहीं उन्हें बेटियों की शादियों से अधिक बैंक का कर्जा चुकाने की चिंता है।
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ग्राम सुरसेनी निवासी विकलांग इरफान ने करीब डेढ़ लाख रुपये में आम का बाग खरीदा था। इसी के फायदे में वह अपनी बेटी की शादी करना चाहता था, और उसने बेटी की शादी हरदोई में तय कर दी थी। अप्रैल माह में शादी होना निश्चित हुआ था। प्रकृति को कुछ और ही मंजूर था।
ओलावृष्टि और बारिश से आम की फसल बर्बाद हो गई। इससे इरफान को भारी नुकसान हुआ और उसे बेटी की शादी स्थगित करनी पड़ी। इसी तरह गांव के ही इकरार की भी दो पुत्रियों की शादी रुक गई है। ओलावृष्टि से जहां कच्चा आम झड़ गया है, वहीं गेहूं की फसल भी तबाह हो गई है।
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इकरार ने बताया कि उसने अपनी दोनों का विवाह तय कर दिया था। इस नुकसान के बाद अब दोनों का निकाह रुक गया है। वहीं अब साल भर बच्चों का पेट पालने की भी चिंता सता रही है। यही नहीं उन्हें बेटियों की शादियों से अधिक बैंक का कर्जा चुकाने की चिंता है।
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