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सहानुभूति की लहर में जीती मंजू और सुमित

Thu, 06 Feb 2020 01:27 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 06 Feb 2020 01:27 AM IST
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Manju and Sumit won in sympathy wave
गंजमुरादाबाद की बेहटा कच्छ में प्रधानी के उपचुनाव में विजयी प्रत्याशी सुमित यादव को प्रमाण पत्र - फोटो : UNNAO
उन्नाव। त्रिस्तरीय पंचायत की रिक्त जिला पंचायत सदस्य और ग्राम प्रधान सीट पर सहानुभूति की ऐसी लहर चली जिसमें दोनों ही पदों पर पारिवारिक लोगों को जीत मिली। हसनगंज जिला पंचायत सदस्य प्रथम सीट से मंजू और गंजमुरादाबाद की बेहटा कच्छ प्रधान सीट पर सुमित के सिर जीत का सेहरा बंधा।
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हसनगंज संवाददाता के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे से पांच टेबुलों पर एक साथ मतगणना शुरू हुई। जिसमें शुरुआत से ही निर्दलीय प्रत्याशी मंजू रावत ने बढ़त बना ली। आखिर में जारी परिणाम में मंजू ने निकटतम प्रतिद्वंदी सुरेंद्र को 6116 वोटों से हरा दिया। मंजू स्व. शैलेंद्र रावत की पत्नी हैं। जो इससे पहले हसनगंज प्रथम से जिला पंचायत सदस्य थे। उनकी मौत के बाद हुए उपचुनाव में जनता ने मंजू के प्रति सहानुभूति दिखाई और उन्हें भारी मतों से जिताया। न्यायिक अपर जिलाधिकारी राकेश गुप्ता ने जीत का प्रमाणपत्र दिया।
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निर्दलीय उम्मीदवार मंजू रावत को 8472 वोट मिले। वहीं, सुरेंद्र रावत उर्फ लक्कड़ को मात्र 2356 वोट से संतोष करना पड़ा। पहली बार राजनीति में आए रिटायर्ड बैंक मैनेजर रामऔतार को मात्र 632 वोट ही मिले।
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प्रमाणपत्र मिलते ही मंजू रावत ने नम आंखों से क्षेत्र की जनता को स्नेह व आशीर्वाद देने के लिए बधाई दी। कहा कि वह क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं का निस्तारण कराने का पूरा प्रयास करेंगी। समर्थकों में मनोज कनौजिया ने जीत की खुशी में 21 किलो लड्डूू का वितरण किया। इस मौके पर फरीद, पंकज अवस्थी, गुड्डी व अजय भारती आदि मौजूद रहे।
गंजमुरादाबाद विकासखंड के ग्राम बेहटाकच्छ में तीन फरवरी को हुए ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव में दिवंगत प्रधान पुत्र सुमित कुमार यादव उर्फ श्याम सिंह के सिर जीत का सेहरा बंधा। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी रामसेवक को कुल 61 मतों से शिकस्त दी। जबकि एक प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला। 12 सितंबर को ग्राम प्रधान अनंतराम यादव की लंबी बीमारी के बाद मृत्यु हो गई थी। चुनाव में दिवंगत प्रधान पुत्र सुमित यादव उर्फ श्याम सिंह, रामसेवक यादव, अजय कुमार यादव और गिरिजाशंकर ताल ठोंक रखी थी। बुधवार को सुबह 8 बजे से क्षेत्र पंचायत कार्यालय में मतगणना शुरू हुई और तीन घंटे में ही समाप्त हो गई। जिसमें 1159 मतों में से विभिन्न कारणों से 16 मत अवैध घोषित कर दिए गए और 1143 मत में से सुमित कुमार यादव उर्फ श्याम सिंह को 530, रामसेवक यादव को 469 मत प्राप्त हुए जबकि अजय कुमार यादव को मात्र 144 मतों से ही संतोष करना पड़ा। गिरिजाशंकर को एक भी वोट हासिल नहीं हुआ। उनकी जमानत जब्त हो गई है।

निर्वाचन अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार गौतम और सहायक निर्वाचन अधिकारी सहायक विकास अधिकारी कृषि राम सिंह ने नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान को जीत का प्रमाण पत्र प्रदान किया। प्रधान सुमित कुमार ने जीत के बाद कहा कि वह गांव का विकास प्राथमिकता से कराएंगे। पात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाएंगे। गांव में विकास की गंगा बहाएंगे। वैसे जानकारों के मुताबिक, नवनिर्वाचित सदस्य व प्रधान को काम करने के लिए मात्र 8 से 9 माह ही मिलेंगे।
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