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मजलिस के साथ मकदूम शाह सफी के सालाना उर्स का समापन
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सफीपुर में उर्स के समापन के अवसर पर मुरीदों को संबोधित करते अफ जाल मोहम्मद फारुकी।
- फोटो : UNNAO
सफीपुर। मकदूम शाह सफी का सालाना चार दिवसीय उर्स करबला में हुए शहीदों की याद में आयोजित मजलिस के साथ समाप्त हुआ। कोविड-19 से बचाव को लेकर कम लोगों में आयोजित उर्स की जियारत यू ट्यूब चैनल पर डेढ़ लाख लोगों ने की। अंतिम दिन सज्जादानशी समदी व अफजाल फारूकी ने दुआएं देकर प्रसाद वितरित कराया।
उर्स की शुरुआत 7 सितंबर से जश्ने मिलादुन्नबी से की गई जिसमें देश के मशहूर शायरों ने अपनी नात पढ़ा था। 8 सितंबर की सुबह मजार का गुस्ल हुआ जिसका पानी बतौर प्रसाद लेने वाले आते रहे। देर रात मजार के समाखाने में महफिल आयोजित की गई जिसमें कव्वालों ने रौनक बक्शी। 9 सितंबर को आयोजित महफिल के बाद 3 बजे कुल पढ़ा गया। गुरुवार रात करबला में शहीद इमाम हुसैन सहित 72 शहीदों की याद में मजलिस का आयोजन किया गया।
उर्स के समापन के अवसर पर अफजाल फारूकी ने मुरीदों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से बचाव को लेकर उर्स में चादर जुलूस आदि कार्यक्रम नहीं कराए गए। कहा कि कोरोना वायरस ने गरीबों का बड़ा आर्थिक नुकसान किया है जिसको लेकर आप सभी उर्स में शिरकत करने आने में होने वाले बचे खर्च को गरीबों के खानपान, बच्चों की पढ़ाई व स्वास्थ्य संबंधी सहायता में खर्च करें। उम्मीद है इसका सिला आपको जरूर मिलेगा। नवाजिश मोहम्मद फारूकी समदी मियां ने सभी लोगों के लिए दुआएं की।
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उर्स की शुरुआत 7 सितंबर से जश्ने मिलादुन्नबी से की गई जिसमें देश के मशहूर शायरों ने अपनी नात पढ़ा था। 8 सितंबर की सुबह मजार का गुस्ल हुआ जिसका पानी बतौर प्रसाद लेने वाले आते रहे। देर रात मजार के समाखाने में महफिल आयोजित की गई जिसमें कव्वालों ने रौनक बक्शी। 9 सितंबर को आयोजित महफिल के बाद 3 बजे कुल पढ़ा गया। गुरुवार रात करबला में शहीद इमाम हुसैन सहित 72 शहीदों की याद में मजलिस का आयोजन किया गया।
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उर्स के समापन के अवसर पर अफजाल फारूकी ने मुरीदों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस से बचाव को लेकर उर्स में चादर जुलूस आदि कार्यक्रम नहीं कराए गए। कहा कि कोरोना वायरस ने गरीबों का बड़ा आर्थिक नुकसान किया है जिसको लेकर आप सभी उर्स में शिरकत करने आने में होने वाले बचे खर्च को गरीबों के खानपान, बच्चों की पढ़ाई व स्वास्थ्य संबंधी सहायता में खर्च करें। उम्मीद है इसका सिला आपको जरूर मिलेगा। नवाजिश मोहम्मद फारूकी समदी मियां ने सभी लोगों के लिए दुआएं की।
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