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दो तहसील क्षेत्रों में टिड्डी दल का हमला
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बक्सर में टिड्डी दल से फसल को बचाने के लिए बाल्टी व तसला बजाते किसान।
- फोटो : UNNAO
पाटन/अचलगंज। दो तहसील क्षेत्रों में सोमवार को टिड्डी दल ने हमला बोला। पर, तहसील और कृषि अधिकारियों के साथ किसानों री सतर्कता के चलते टिड्डी दल फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा सका। बाद में एक दल रायबरेली और दूसरा ट्रांसगंगा सिटी पहुंच गया।
फतेहपुर मलावां से उड़ा टिड्डी दल सुमेरपुर ब्लॉक के बक्सर, संग्रामपुर, शेढ़ूपुर, श्यामपुर, जगतपुर और ऊंचगांव पहुंचा। यहां पर धान की रोपाई के लिए किसान पहले से ही खेत पर मौजूद थे। टिड्डी दल को देखते ही किसानों थाली, बर्तन आदि बजाकर उन्हें फसल व पेड़ों पर बैठने से पहले उड़ा दिया। वहीं, एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक के साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। ऊंचगांव से टिड्डी दो दलों में बंट गया। एक दल ब्लॉक बीघापुर के रायपुर, कर्मी गढ़ेवा होता रहा सिकंदरपुर ब्लॉक के ग्राम विभौरा चंदनपुर, निबई, सिंगहा, कुल्हागाढ़ा, गौरी त्रिभानपुर, हड़हा, मवइया, आटा होते हुए आजाद मार्ग से सहजनी, गलगलहा होकर ट्रांसगंगा सिटी पहुंच गया। वहीं दूसरा छोटा दल रायबरेली के सरेनी ब्लॉक की ओर उड़ गया।
अचलगंज के अनुसार, दोपहर को गंगा के किनारे चलता हुआ लगभग आधा किलोमीटर लंबा टिड्डियों का दल रिथनई, टिकरी, बलाई, खुटहा, नौगांव, धनोहरपुर व बदरका समेत अन्य गांवों में दिखा, तो लोग थालियां व पीपा बजाने लगे। साथ ही पटाखा जलाकर धुआं किया। इससे दल खेतों में नहीं उतर सका। कुछ टिड्डियों ने पेड़ों को अपना ठिकाना बनाया। शाम को दल उड़ता हुआ मरहला चौराहे शुक्लागंज से होते हुए ट्रांसगंगा सिटी पहुंच गया। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा व कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने अचलगंज क्षेत्र में जाकर टिड्डियों को भगाने में किसानों की सहायता की। उपकृषि निदेशक डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि सोमवार को टिड्डियों के हमले से फसल को नुकसान की कहीं से कोई सूचना नहीं मिली है।
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जारी हुए सुझाव
जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने बताया कि जिले में बीघापुर, सफ ीपुर, बांगरमऊ व गंजमुरादाबाद तहसील में टिड्डी दल का आक्रमण हो चुका है। किसानों से अपील की कि यदि गांव व क्षेत्र में टिड्डी दल दिखाई देता है तो एक साथ इकट्ठा होकर टिन के डिब्बे व थालियां बजाएं। पटाखे फोड़ते हुए शोर मचाएं। लाउडस्पीकर से तेज शोर करें। शोर से टिड्डी दल आसपास के खेतों में नुकसान नहीं कर पाएंगे। टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल एवं कृषि विभाग के प्रभारी कृषि रक्षा इकाई या बीज भंडार को तुरंत दें। दल के नियंत्रण के लिए मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी या साइहैलोथ्रीन 5 प्रतिशत ईसी या क्लोरपायरीफ ास 50 प्रतिशत के साथ सायपरमेथरीन 5 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें।
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फतेहपुर मलावां से उड़ा टिड्डी दल सुमेरपुर ब्लॉक के बक्सर, संग्रामपुर, शेढ़ूपुर, श्यामपुर, जगतपुर और ऊंचगांव पहुंचा। यहां पर धान की रोपाई के लिए किसान पहले से ही खेत पर मौजूद थे। टिड्डी दल को देखते ही किसानों थाली, बर्तन आदि बजाकर उन्हें फसल व पेड़ों पर बैठने से पहले उड़ा दिया। वहीं, एसडीएम बीघापुर दयाशंकर पाठक के साथ कृषि विभाग के अधिकारी भी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे। ऊंचगांव से टिड्डी दो दलों में बंट गया। एक दल ब्लॉक बीघापुर के रायपुर, कर्मी गढ़ेवा होता रहा सिकंदरपुर ब्लॉक के ग्राम विभौरा चंदनपुर, निबई, सिंगहा, कुल्हागाढ़ा, गौरी त्रिभानपुर, हड़हा, मवइया, आटा होते हुए आजाद मार्ग से सहजनी, गलगलहा होकर ट्रांसगंगा सिटी पहुंच गया। वहीं दूसरा छोटा दल रायबरेली के सरेनी ब्लॉक की ओर उड़ गया।
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अचलगंज के अनुसार, दोपहर को गंगा के किनारे चलता हुआ लगभग आधा किलोमीटर लंबा टिड्डियों का दल रिथनई, टिकरी, बलाई, खुटहा, नौगांव, धनोहरपुर व बदरका समेत अन्य गांवों में दिखा, तो लोग थालियां व पीपा बजाने लगे। साथ ही पटाखा जलाकर धुआं किया। इससे दल खेतों में नहीं उतर सका। कुछ टिड्डियों ने पेड़ों को अपना ठिकाना बनाया। शाम को दल उड़ता हुआ मरहला चौराहे शुक्लागंज से होते हुए ट्रांसगंगा सिटी पहुंच गया। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा व कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने अचलगंज क्षेत्र में जाकर टिड्डियों को भगाने में किसानों की सहायता की। उपकृषि निदेशक डॉ. नंदकिशोर ने बताया कि सोमवार को टिड्डियों के हमले से फसल को नुकसान की कहीं से कोई सूचना नहीं मिली है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी विकास शुक्ला ने बताया कि जिले में बीघापुर, सफ ीपुर, बांगरमऊ व गंजमुरादाबाद तहसील में टिड्डी दल का आक्रमण हो चुका है। किसानों से अपील की कि यदि गांव व क्षेत्र में टिड्डी दल दिखाई देता है तो एक साथ इकट्ठा होकर टिन के डिब्बे व थालियां बजाएं। पटाखे फोड़ते हुए शोर मचाएं। लाउडस्पीकर से तेज शोर करें। शोर से टिड्डी दल आसपास के खेतों में नुकसान नहीं कर पाएंगे। टिड्डी दल के प्रकोप की सूचना ग्राम प्रधान, लेखपाल एवं कृषि विभाग के प्रभारी कृषि रक्षा इकाई या बीज भंडार को तुरंत दें। दल के नियंत्रण के लिए मैलाथियान 50 प्रतिशत ईसी या साइहैलोथ्रीन 5 प्रतिशत ईसी या क्लोरपायरीफ ास 50 प्रतिशत के साथ सायपरमेथरीन 5 प्रतिशत ईसी का छिड़काव करें।