{"_id":"b39f294523c1a9cb9e95e09c34a77ef6","slug":"laps-the-subsidy-gas-cylinder-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘लैप्स’ हुए सब्सिडी सिलेंडर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘लैप्स’ हुए सब्सिडी सिलेंडर
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Wed, 01 Apr 2015 12:18 AM IST
विज्ञापन
उन्नाव। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन भारत व एचपी गैस कंपनियों ने अपने उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका दिया। कंपनियों द्वारा साइट बंद कर देने से 31 मार्च को एक भी बाउचर नहीं कटा। इसके चलते उपभोक्ताओं को सिलेंडर भी नहीं मिल सका।
होम डिलीवरी भी पूरी तरह से बंद रही। ऐसे में सैकड़ों उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले सिलेंडरों से हाथ धोना पड़ा। सैकड़ों लोगों के सब्सिडी सिलेंडर लैप्स हो गए। लोग सिलेंडर के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एजेंसी संचालकों से बात की तो उन्होंने साइट बंद होने का रोना रोया। बताया कि कंपनी की ओर से ही साइट बंद कर दी गई है। जानकारों की मानें तो भारत व एचपी कंपनी की ओर से इस तरह की कार्रवाई करने से उपभोक्ताओं को तगड़ी आर्थिक चोट पहुंची है।
केस-1
पूरननगर निवासी श्रवण तिवारी का गैस कनेक्शन क्षेत्र में स्थित उन्नाव भारत गैस सर्विस में है। श्रवण तिवारी ने मोबाइल नंबर पर 30 जनवरी को ही गैस बुक करा दी थी। सोमवार शाम करीब 7 बजे एजेंसी के डिलीवरीमैन ने फोन कर गैस आने की सूचना दी। उन्होंने कहा कि घर में सभी लोग शादी में गए हैं। मंगलवार को वह एजेंसी से गैस उठा लेंगे। दूसरे दिन वह जब एजेंसी गए तो वहां पर यह कहकर भेज दिया गया कि कंपनी ने साइट बंद कर दी है। नए बाउचर नहीं कट रहे हैं। यह पूछने पर कि उनकी पहले से बुकिंग है कहा कि वह भी कैंसिल हो गई है।
केस-2
मगरवारा निवासी दीपक शुक्ला का गैस कनेक्शन पीडीनगर स्थित गैस एजेंसी में है। उन्हें भी मंगलवार को गैस नहीं मिल पाई। यह स्थिति तब रही जब उनके नंबर पर अभी भी कई सब्सिडी वाले सिलेंडर शेष थे। जानकारी करने पर कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि साइट बंद कर दी गई है। अब नया सिलेंडर बुधवार को 12 बजे के बाद मिलेगा। यह पूछने पर कि पुराने जो सिलेंडर बचे हैं उनका क्या होगा तो बताया गया कि वह लैप्स हो गए हैं। नए वित्तीय वर्ष से नया सिलेंडर मिलेगा।
इंडेन में नहीं बंद हुई साइट
31 मार्च को जहां भारत व एचपी गैस एजेंसियों के संचालक साइट बंद होने का रोना रोते रहे वहीं इंडेन की उन्नाव गैस सर्विस में साइट खुली रही और बाउचर भी कटते रहे। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर भी दिए जाते रर्हे। इंडेन के मैनेजर मूलचंद्र ने बताया कि 31 मार्च को शाम 5 बजे से साइट बंद होने की जानकारी मिली थी। सुबह के समय साइट चालू रही और उपभोक्ताओं को बाउचर काटकर भी दिए जाते रहे। यहां बड़ा प्रश्न यह उठता है कि दो कंपनियों में कैसे साइट बंद रही। जबकि एक कंपनी में धड़ाधड़ बाउचर कटते रहे और उपभोक्ताओं को सिलेंडर भी मिलते रहे।
विज्ञापन
क्या कहते हैं संचालक
उन्नाव भारत गैस सर्विस के संचालक मनोज वर्मा ने बताया कि कंपनी की साइट 31 मार्च की सुबह से ही बंद हो गई थी। इससे बाउचर नहीं कट पाए। इसी कारण उपभोक्ताओं को सिलेंडर भी नहीं दिए जा सके।
भगवती एचपी गैस एजेंसी के संचालक संजय भारतीय ने भी यही बात दोहराई। बताया कि साइट बंद होने से एक भी बाउचर नहीं जारी हो पाए। इसी कारण उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पाए।
विज्ञापन
होम डिलीवरी भी पूरी तरह से बंद रही। ऐसे में सैकड़ों उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाले सिलेंडरों से हाथ धोना पड़ा। सैकड़ों लोगों के सब्सिडी सिलेंडर लैप्स हो गए। लोग सिलेंडर के लिए इधर-उधर भटकते रहे। एजेंसी संचालकों से बात की तो उन्होंने साइट बंद होने का रोना रोया। बताया कि कंपनी की ओर से ही साइट बंद कर दी गई है। जानकारों की मानें तो भारत व एचपी कंपनी की ओर से इस तरह की कार्रवाई करने से उपभोक्ताओं को तगड़ी आर्थिक चोट पहुंची है।
विज्ञापन
केस-1
पूरननगर निवासी श्रवण तिवारी का गैस कनेक्शन क्षेत्र में स्थित उन्नाव भारत गैस सर्विस में है। श्रवण तिवारी ने मोबाइल नंबर पर 30 जनवरी को ही गैस बुक करा दी थी। सोमवार शाम करीब 7 बजे एजेंसी के डिलीवरीमैन ने फोन कर गैस आने की सूचना दी। उन्होंने कहा कि घर में सभी लोग शादी में गए हैं। मंगलवार को वह एजेंसी से गैस उठा लेंगे। दूसरे दिन वह जब एजेंसी गए तो वहां पर यह कहकर भेज दिया गया कि कंपनी ने साइट बंद कर दी है। नए बाउचर नहीं कट रहे हैं। यह पूछने पर कि उनकी पहले से बुकिंग है कहा कि वह भी कैंसिल हो गई है।
केस-2
मगरवारा निवासी दीपक शुक्ला का गैस कनेक्शन पीडीनगर स्थित गैस एजेंसी में है। उन्हें भी मंगलवार को गैस नहीं मिल पाई। यह स्थिति तब रही जब उनके नंबर पर अभी भी कई सब्सिडी वाले सिलेंडर शेष थे। जानकारी करने पर कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि साइट बंद कर दी गई है। अब नया सिलेंडर बुधवार को 12 बजे के बाद मिलेगा। यह पूछने पर कि पुराने जो सिलेंडर बचे हैं उनका क्या होगा तो बताया गया कि वह लैप्स हो गए हैं। नए वित्तीय वर्ष से नया सिलेंडर मिलेगा।
इंडेन में नहीं बंद हुई साइट
31 मार्च को जहां भारत व एचपी गैस एजेंसियों के संचालक साइट बंद होने का रोना रोते रहे वहीं इंडेन की उन्नाव गैस सर्विस में साइट खुली रही और बाउचर भी कटते रहे। उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर भी दिए जाते रर्हे। इंडेन के मैनेजर मूलचंद्र ने बताया कि 31 मार्च को शाम 5 बजे से साइट बंद होने की जानकारी मिली थी। सुबह के समय साइट चालू रही और उपभोक्ताओं को बाउचर काटकर भी दिए जाते रहे। यहां बड़ा प्रश्न यह उठता है कि दो कंपनियों में कैसे साइट बंद रही। जबकि एक कंपनी में धड़ाधड़ बाउचर कटते रहे और उपभोक्ताओं को सिलेंडर भी मिलते रहे।
विज्ञापन
क्या कहते हैं संचालक
उन्नाव भारत गैस सर्विस के संचालक मनोज वर्मा ने बताया कि कंपनी की साइट 31 मार्च की सुबह से ही बंद हो गई थी। इससे बाउचर नहीं कट पाए। इसी कारण उपभोक्ताओं को सिलेंडर भी नहीं दिए जा सके।
भगवती एचपी गैस एजेंसी के संचालक संजय भारतीय ने भी यही बात दोहराई। बताया कि साइट बंद होने से एक भी बाउचर नहीं जारी हो पाए। इसी कारण उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिल पाए।