फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Lakhs 'sports' in science kit shopping

विज्ञान किट खरीदारी में लाखों का ‘खेल’

Tue, 18 Apr 2017 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Tue, 18 Apr 2017 12:29 AM IST
विज्ञापन
Lakhs 'sports' in science kit shopping
भेजी गई विज्ञान किट - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
जूनियर स्कूलों में विज्ञान किट खरीदने को शासन से 67.12 लाख बजट जारी किया गया। ब्लाक स्तरीय अफसरों ने किट खरीदारी कर स्कूल तक भेजवाने की जिम्मेदारी खुद संभाली और शिक्षकों से ब्लैंक चेकें लेकर एक ही फर्म से किटें खरीद कर स्कूलों को भेजवा दी। फिलहाल बीएसए ऐसे किसी मामले से इंकार कर रहे हैं। वहीं शिक्षक नेता किटों की खरीद में घालमेल का आरोप लगा रहे हैं।

जिले के 839 जूनियर स्कूलों में बच्चों को साइंस के बारे में प्रैक्टिकल जानकारी देने के लिए शासन ने विज्ञान किट की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। प्रति स्कूल आठ हजार रुपये बजट तय किया गया है। इस हिसाब से इस मद में 67.12 लाख का बजट खर्च हुआ है। किट सप्लाई के लिए एनसीईआरटी से जिले में पांच फर्मों को नामित किया गया। वहीं विज्ञान किट खरीदारी की जिम्मेदारी स्कूल मैनेजमेंट कमेटी व इंचार्ज शिक्षक को दी गई। लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक गुपचुप तरीके से ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने किट खरीदारी व्यवस्था अपने हाथ में ले ली। अधिकारी एक ही फर्म से कमीशन फिक्स कर बाजार से अधिक कीमत पर विज्ञान किट खरीद कर लाखों का घालमेल किया। प्रधान टीचर व टीचर,  अधिकारी के भय से इसका खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं। जूनियर स्कूलों के टीचरों का आरोप है कि सप्लाई की जा रही विज्ञान किट की क्वालिटी बेहद घटिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षकों का कहना है कि आठ हजार रुपये में सप्लाई की गई किट की बाजार में कीमत दो से तीन हजार रुपये ही है। वहीं सप्लाई करने वाली रेपसंस लिबोरेर्टी सर्विसेज महेश नगर अंबाला कैंट, आगरा की फर्म स्कूलों को किट सप्लाई को जो बिल दे रही है उसमें उपकरणों के नाम व रेट न देकर केवल आठ हजार रुपये दर्शा रही है।

डीएम से जांच की मांग
मामला संज्ञान में आया है। पूरे मामले की जांच कराने के लिए वह मंगलवार को डीएम से मिलेंगे। अगर प्रशासन जांच नहीं कराता तो बेसिक शिक्षामंत्री व शासन में शिकायत कर जांच की मांग करेंगे।-शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल।
 
क्या बोले बीएसए
विज्ञान किट खरीदारी में अभी कोई शिकायत नहीं आई है। पूरी प्रक्रिया शासन की गाइड लाइन के तहत अपनाई गई है। फिर भी जांच कराकर हकीकत का पता लगाया जाएगा। दीवान सिंह यादव बीएसए

आडिट में फंसेंगे टीचर
ब्लाक स्तरीय अफसरों ने कमीशन फिक्स कर पूरे जिले में एक ही फर्म से स्कूलों को किट आपूर्ति कराई है। सिस्टम का खेल न खुले इसके लिए शिक्षकों से ब्लैंक चेक लेकर सप्लाई करा दी गई। जिससे कि आडिट में हेडमास्टर ही फंसे- बृजेश पांडेय प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष


क्या है विज्ञान किट में
एक माइक्रो स्कोपी, स्प्रिट लैंप, कमानीदार तुला, टेस्ट ट्यूब होल्डर, कैंची, कीप ड्रायर, ग्लास, चाकू, पेचसकस, प्लास्टिक बोतल, प्रिज्म प्रकाश विस्लेषण, हथौड़ी, थर्मामीटर, स्केल, रेगमाल, मोमबत्ती, सिलवर पत्ती, 16 छोटी शीशी सहित कुल 18 उपकरण।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed