कानपुर: 10-11 को अधिवक्ता नहीं करेंगे कार्य, प्रदेश सम्मेलन में जुटेंगे हजारों वकील, 55 जिलों से मिली सहमति
Kanpur News: कानपुर में 10 और 11 सितंबर को आयोजित प्रादेशिक अधिवक्ता सम्मेलन में 55 जिलों के वकील जुटेंगे। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट और अंडरटेकिंग नियम के विरोध में बुलाए गए इस सम्मेलन के चलते दोनों दिन वकील न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
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कानपुर में बार और लायर्स एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर 10 और 11 सितंबर को कानपुर में प्रादेशिक सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमें प्रदेशभर से हजारों अधिवक्ता जुटेंगे और अधिवक्ता विरोधी नियमों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तय होगी। सम्मेलन के दौरान दोनों दिन अधिवक्ता न्यायिक कार्य का बहिष्कार भी करेंगे। दोनों एसोसिएशन की चार अगस्त को हुई संयुक्त आम सभा में 10 व 11 सितंबर को प्रादेशिक सम्मेलन बुलाने का निर्णय लिया गया था। सम्मेलन की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बार एसोसिएशन के रामनाथ सेठ हाल में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान बार एसोसिएशन के महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा, लायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश चंद्र वर्मा व महामंत्री राजीव यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि सम्मेलन के लिए वाटरप्रूफ पंडाल बनवाया गया है। इसमें एक हजार से ज्यादा अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था है। एसोसिएशन के तीनों लान को सम्मेलन के लिए तैयार किया गया है। अलग-अलग जिलों से आने वाले अधिवक्ताओं के लिए कचहरी के चारों ओर आने-जाने का रास्ता सुगम बनाने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं
वाहनों के लिए जीएनके इंटर कॉलेज के मैदान, डीएवी डिग्री कॉलेज, सरसैया घाट व ग्रीन पार्क के आसपास पार्किंग की व्यवस्था कराई गई है। शताब्दी गेट से सम्मेलन स्थल तक पहुंचने के लिए मुख्य प्रवेश द्वार बनाया गया है, जहां मुख्य काउंटर पर आने वाले अधिवक्ताओं की उपस्थिति दर्ज की जाएगी। इसके अलावा अधिवक्ताओं के ठहरने व भोजन की व्यवस्था भी की गई है। बार व लॉयर्स एसोसिएशन कार्यकारिणी के सदस्यों के अलावा पूर्व अध्यक्ष, पूर्व महामंत्री व वरिष्ठ अधिवक्ताओं की एक आयोजन समिति बनाकर उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
रणनीति तैयार करने के लिए सम्मेलन बुलाया
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अधिवक्ताओं से हड़ताल न करने की मांगी जा रही अंडरटेकिंग, हाईकोर्ट के आदेश पर अधिवक्ताओं के मुकदमों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने की बनाई जा रही रणनीति, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू न किए जाने, अधिवक्ताओं की पेंशन, बीमा और मेडीक्लेम आदि की मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए सम्मेलन बुलाया गया है। पत्रकार वार्ता के दौरान सोनल पाठक, मो. तौहीद, रमाकांत मिश्रा, कृष्णकांत तिवारी, विवेक सिंह, अनिल बाबू चौधरी, भगवत दास आदि पदाधिकारी भी मौजूद रहे।