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कल्याणी के कल्याण का शुभारंभ
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बांगरमऊ (उन्नाव)। प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को बांगरमऊ के ततियापुर गांव पहुंचकर कल्याणी नदी के पुनरोद्धार का शुभारंभ किया। पूजन के बाद मंत्री, क्षेत्रीय विधायक, डीएम और सीडीओ ने फावड़ा चलाया। मंत्री ने कहा कि नदियां स्वच्छ और स्वस्थ रहेंगी तभी खेती, प्रकृति और हम स्वस्थ रहेंगे। लोगों ने उम्मीद जताई कि कल्याणी को जीवनदान मिलने से ये फिर खेती के लिए वरदान साबित होगी।
कभी जीवनदायिनी रही गंगा की सहायक नदी कल्याणी अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गई है। इसकी भूमि पर माफिया ने कब्जा कर खेती शुरू कर दी। कहीं-कहीं तो नदी क्षेत्र जंगल में तब्दील हो गया। अमर उजाला ने नदी के पुनरोद्धार के लिए मुहिम चलाई। इसे संज्ञान में लेकर सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने सर्वे के बाद डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराकर भेजी थी। मुहिम के 25वें दिन जलशक्ति मंत्री ने ततियापुर गांव में नदी का पूजन किया। खुद फावड़ा चलाकर पुन: प्रवाहित होने का मार्ग प्रशस्त किया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि नदी का जीर्णोद्धार तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले दो चरणों में 24-24 किमी और तीसरे चरण में 20 किमी तक काम होगा। पहले चरण का काम तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार, डीएम रवींद्र कुमार मौजूद रहे।
प्रशासन के काम को सराहा
जनसभा के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें मोदी और योगी जैसे तपस्वी नेता मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से नदियों का जीर्णोद्धार हो रहा है। जिले की कल्याणी नदी सैकड़ों गांवों के लिए जीवनदायिनी थी। 40 साल में इसका अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गया। नदी को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्ययोजना के लिए प्रशासन की तारीफ की।
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कल्याणी नदी पर नजर
गंगा की सहायक नदी की जिले में लंबाई 68 किमी।
हरदोई से जिले के गंजमुरादाबाद ब्लाक के लोनारी गांव से जिले में प्रवेश करती है।
गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी ब्लाक से होकर सरोसी ब्लाक के देवीपुरवा के पास गंगा में मिलती है।
जिले के चार ब्लाक क्षेत्रों के 130 गांवों के ढाई लाख लोगों के लिए लाभदायक।
ये है कार्ययोजना
तीन चरणों में नदी साफ होगी।
पहले चरण में 24 किमी लंबाई में सफाई कराई जाएगी।
मनरेगा योजना से करीब तीन लाख मानव दिवस सृजित होंगे।
पहले चरण का काम तीन माह में खत्म होगा, 532.50 लाख रुपये खर्च होंगे।
जंगल और मिट्टी हटाकर जल प्रवाह का रास्ता साफ किया जाएगा।
तहसील प्रशासन अवैध कब्जों को चिह्नित कर हटवाएगा।
सिंचाई विभाग टीलों को जेसीबी से हटवाएगा।
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कभी जीवनदायिनी रही गंगा की सहायक नदी कल्याणी अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गई है। इसकी भूमि पर माफिया ने कब्जा कर खेती शुरू कर दी। कहीं-कहीं तो नदी क्षेत्र जंगल में तब्दील हो गया। अमर उजाला ने नदी के पुनरोद्धार के लिए मुहिम चलाई। इसे संज्ञान में लेकर सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने सर्वे के बाद डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराकर भेजी थी। मुहिम के 25वें दिन जलशक्ति मंत्री ने ततियापुर गांव में नदी का पूजन किया। खुद फावड़ा चलाकर पुन: प्रवाहित होने का मार्ग प्रशस्त किया। सीडीओ दिव्यांशु पटेल ने बताया कि नदी का जीर्णोद्धार तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले दो चरणों में 24-24 किमी और तीसरे चरण में 20 किमी तक काम होगा। पहले चरण का काम तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक श्रीकांत कटियार, डीएम रवींद्र कुमार मौजूद रहे।
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प्रशासन के काम को सराहा
जनसभा के दौरान जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि हमें मोदी और योगी जैसे तपस्वी नेता मिले हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से नदियों का जीर्णोद्धार हो रहा है। जिले की कल्याणी नदी सैकड़ों गांवों के लिए जीवनदायिनी थी। 40 साल में इसका अस्तित्व खोने की कगार पर पहुंच गया। नदी को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्ययोजना के लिए प्रशासन की तारीफ की।
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कल्याणी नदी पर नजर
गंगा की सहायक नदी की जिले में लंबाई 68 किमी।
हरदोई से जिले के गंजमुरादाबाद ब्लाक के लोनारी गांव से जिले में प्रवेश करती है।
गंजमुरादाबाद, बांगरमऊ, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी ब्लाक से होकर सरोसी ब्लाक के देवीपुरवा के पास गंगा में मिलती है।
जिले के चार ब्लाक क्षेत्रों के 130 गांवों के ढाई लाख लोगों के लिए लाभदायक।
ये है कार्ययोजना
तीन चरणों में नदी साफ होगी।
पहले चरण में 24 किमी लंबाई में सफाई कराई जाएगी।
मनरेगा योजना से करीब तीन लाख मानव दिवस सृजित होंगे।
पहले चरण का काम तीन माह में खत्म होगा, 532.50 लाख रुपये खर्च होंगे।
जंगल और मिट्टी हटाकर जल प्रवाह का रास्ता साफ किया जाएगा।
तहसील प्रशासन अवैध कब्जों को चिह्नित कर हटवाएगा।
सिंचाई विभाग टीलों को जेसीबी से हटवाएगा।