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अवैध खनन में जुर्माना
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पाटन। खेत समतल करने की अनुमति लेकर बालू का अवैध खनन करने के मामले में डीएम ने एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। खनन विभाग ने किसान से वसूली की कार्रवाई शुरू की है।
बीघापुर तहसील क्षेत्र के मलयपुर निवासी किसान बिंदा के नाम से भूमि को समतल करने के लिए 27 दिसंबर 2021 को 15000 घन मीटर बालू हटाने की खनन विभाग से अनुमति ली गई थी। काम पूरा करने की अवधि 25 मार्च तय थी। खेत समतल करने की आड़ में प्रतिबंधित मशीनें लगाकर खेत के पास गंगा कटरी की जमीन पर बालू खनन कर उसकी बिक्री किए जाने शिकायत पर चार मार्च को जिला खनन अधिकारी अमित रंजन और नायब तहसीलदार राकेश कुमार ने जांच की थी।
यहां मिली पोकलैंड मशीन को सीज कर पैमाइश कराई थी। राजस्व विभाग की जांच में अवैध खनन की पुष्टि होने की रिपोर्ट पर डीएम ने एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जिला खनन अधिकारी अमित रंजन ने बताया कि जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
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जांच के बाद 19 दिन तक चलता रहा खेल
मलयपुर में खेत से बालू हटाने की अनुमति के बाद खुलेआम प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों से दिन-रात अवैध खनन का खेल जारी रहा। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की। अवैध खनन से राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी वाकिफ थे। शिकायत करने वालों ने प्रतिबंधित मशीनों से खनन के वीडियो सहित प्रमाण उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराए। इसके बाद चार मार्च को जांच की गई। टीम ने खनन में लगीं दो पोकलैंड मशीनों में से एक को सीज कर कोरम पूरा कर दिया। जांच रिपोर्ट देने में देरी कर खनन करने वालों को खुली छूट दी गई। 25 मार्च तक बालू सिल्ट उठाने की अनुमति को समय सीमा समाप्त होने के ठीक दो दिन पहले मामूली जुर्माने के साथ निरस्त कर दिया।
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बीघापुर तहसील क्षेत्र के मलयपुर निवासी किसान बिंदा के नाम से भूमि को समतल करने के लिए 27 दिसंबर 2021 को 15000 घन मीटर बालू हटाने की खनन विभाग से अनुमति ली गई थी। काम पूरा करने की अवधि 25 मार्च तय थी। खेत समतल करने की आड़ में प्रतिबंधित मशीनें लगाकर खेत के पास गंगा कटरी की जमीन पर बालू खनन कर उसकी बिक्री किए जाने शिकायत पर चार मार्च को जिला खनन अधिकारी अमित रंजन और नायब तहसीलदार राकेश कुमार ने जांच की थी।
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यहां मिली पोकलैंड मशीन को सीज कर पैमाइश कराई थी। राजस्व विभाग की जांच में अवैध खनन की पुष्टि होने की रिपोर्ट पर डीएम ने एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। जिला खनन अधिकारी अमित रंजन ने बताया कि जुर्माना वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
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जांच के बाद 19 दिन तक चलता रहा खेल
मलयपुर में खेत से बालू हटाने की अनुमति के बाद खुलेआम प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों से दिन-रात अवैध खनन का खेल जारी रहा। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की। अवैध खनन से राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी वाकिफ थे। शिकायत करने वालों ने प्रतिबंधित मशीनों से खनन के वीडियो सहित प्रमाण उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराए। इसके बाद चार मार्च को जांच की गई। टीम ने खनन में लगीं दो पोकलैंड मशीनों में से एक को सीज कर कोरम पूरा कर दिया। जांच रिपोर्ट देने में देरी कर खनन करने वालों को खुली छूट दी गई। 25 मार्च तक बालू सिल्ट उठाने की अनुमति को समय सीमा समाप्त होने के ठीक दो दिन पहले मामूली जुर्माने के साथ निरस्त कर दिया।