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जुगाड़ की गैस किट जान की दुश्मन, जिम्मेदार बेपरवाह
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उन्नाव। बांगरमऊ की घटना के बाद चार पहिया वाहनों में लगने वाली गैस किट को लेकर तमाम तरह के सवाल खड़े हो गए हैं। सीएनजी हो या एलपीजी, अलग से लगाई जाने वाली सस्ती किट से जान का खतरा बना रहता है। लेकिन कम खर्च और रुपये बचाने के लिए लोग अपनी व यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बाजार में 5 से 8 हजार में एलपीजी और 10 हजार में सीएनजी किट मिस्त्री लगा देते हैं। लेकिन इसमें न सुरक्षा की गारंटी होती और ना ही निर्धारित समय में सर्विस की जिम्मेदारी।
ऑटोमोबाइल इंजीनियर वीके राजपूत ने बताया कि जिन कारों में कंपनी से सीएनजी किट लगी होती वह तो सुरक्षित है लेकिन बाहर से जुगाड़ करके लगवाई गई गैस किट खतरनाक है। साथ ही वाहन के इंजन, उसकी क्षमता और उसके माइलेज को भी प्रभावित करता है।
रविवार को बांगरमऊ में हुए हादसे में वैन आग का गोला बनी और सात लोग जिंंदा जल गए थे। सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों, फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटना की छानबीन की। हादसे की मुख्य वजह घटिया किस्म की गैस किट होने की बात सामने आई।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित परिवहन विभाग द्वारा प्रमाणित किट सेंटर में मैकेनिक अरविंद ने बताया कि लोग सस्ते के लालच में प्रमाणित किट नहीं लगवाते। बताया कि दो तरह की किट होती हैं। इसमे इटालियन किट 38 हजार रुपये और मैनुअल किट 24 हजार रुपये में लगती है। किट की हर दूसरे महीने चेकिंग करानी जरूरी होता और जांच का प्रमाणपत्र भी रखना होता है। इटेलियन किट के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर होता है जो जिसे कार में फिट किया जाता है। इसे कंप्यूटर से सेट किया जाता है।
वैन में लगाई जाने वाली एलपीजी किट से 14 किलो गैस से 240 किमी सफर किया जा सकता है। बाजार में यह 5 से 8 हजार में मिल जाती है। जबकि सीएनजी गैस किट में 8 किलो की गैस से 200 किमी की दूरी तय होती है।
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ऑटोमोबाइल इंजीनियर वीके राजपूत ने बताया कि जिन कारों में कंपनी से सीएनजी किट लगी होती वह तो सुरक्षित है लेकिन बाहर से जुगाड़ करके लगवाई गई गैस किट खतरनाक है। साथ ही वाहन के इंजन, उसकी क्षमता और उसके माइलेज को भी प्रभावित करता है।
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रविवार को बांगरमऊ में हुए हादसे में वैन आग का गोला बनी और सात लोग जिंंदा जल गए थे। सोमवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों, फॉरेंसिक टीम और पुलिस ने घटना की छानबीन की। हादसे की मुख्य वजह घटिया किस्म की गैस किट होने की बात सामने आई।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित परिवहन विभाग द्वारा प्रमाणित किट सेंटर में मैकेनिक अरविंद ने बताया कि लोग सस्ते के लालच में प्रमाणित किट नहीं लगवाते। बताया कि दो तरह की किट होती हैं। इसमे इटालियन किट 38 हजार रुपये और मैनुअल किट 24 हजार रुपये में लगती है। किट की हर दूसरे महीने चेकिंग करानी जरूरी होता और जांच का प्रमाणपत्र भी रखना होता है। इटेलियन किट के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर होता है जो जिसे कार में फिट किया जाता है। इसे कंप्यूटर से सेट किया जाता है।
वैन में लगाई जाने वाली एलपीजी किट से 14 किलो गैस से 240 किमी सफर किया जा सकता है। बाजार में यह 5 से 8 हजार में मिल जाती है। जबकि सीएनजी गैस किट में 8 किलो की गैस से 200 किमी की दूरी तय होती है।