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सरस्वती मेडिकल कॉलेज का आइसोलेशन वार्ड फुल
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गंजमुरादाबाद(उन्नाव)। ब्लॉक क्षेत्र के गांव फतेहपुर खालसा में घर में रुके प्रवासियों में 6 की हालत बिगड़ गई। एसडीएम ने सभी को एंबुलेंस से सरस्वती मेडिकल कॉलेज भिजवाया। लेकिन वहां बेड फुल होने से वापस कर दिया गया। बाद में गांव के बाहर उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेशन वार्ड बनाकर उनका इलाज शुरू किया गया है।
फतेहपुर खालसा गांव में दूसरे राज्यों व शहरों से 33 प्रवासी एक सप्ताह पहले घर लौटकर आए थे। सभी को होम क्वारंटीन किया गया था। रविवार सुबह 6 प्रवासियों की को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ग्राम प्रधान को जानकारी होने पर उन्होंने एसडीएम अक्षतवर्मा को मामले की जानकारी दी। एसडीएम ने पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए कि सभी को सोहरामऊ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट कराया जाए। एंबुलेंस से सभी को आइसोलेशन वार्ड भेजा गया। लेकिन वहां बेड फुल होने से मरीजों को वापस कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन गांव के बाहर उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेशन वार्ड बनाकर सभी को आइसोलेट किया है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ संजीव वर्मा ने बताया कि सरस्वती मेडिकल कॉलेज में जगह न होने से प्रवासियों को वापस कर दिया गया है। दो दिन बाद जगह मिलने पर उन्हें दोबारा आइसोलेशन सेंटर ले जाया जाएगा। तब तक गांव के बाहर उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेट कर रखा गया है।
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सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन व क्वारंटीन के लिए हैं 270 बेड
सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में 270 बेड आरक्षित हैं। इसमें 20 बेड कोविड एलटू हॉस्पिटल के लिए आरक्षित हैं। वहीं, 250 बेडों में क्वारंटीन व आइसोलेशन के मरीजों को भर्ती किया जाता है। लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड फुल हो गए हैं। इससे मरीजों को पास के स्कूलों में आइसोलेशन वार्ड बनाकर इलाज किया जा रहा है।
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फतेहपुर खालसा गांव में दूसरे राज्यों व शहरों से 33 प्रवासी एक सप्ताह पहले घर लौटकर आए थे। सभी को होम क्वारंटीन किया गया था। रविवार सुबह 6 प्रवासियों की को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। ग्राम प्रधान को जानकारी होने पर उन्होंने एसडीएम अक्षतवर्मा को मामले की जानकारी दी। एसडीएम ने पीएचसी प्रभारी को निर्देश दिए कि सभी को सोहरामऊ के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आइसोलेट कराया जाए। एंबुलेंस से सभी को आइसोलेशन वार्ड भेजा गया। लेकिन वहां बेड फुल होने से मरीजों को वापस कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन गांव के बाहर उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेशन वार्ड बनाकर सभी को आइसोलेट किया है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ संजीव वर्मा ने बताया कि सरस्वती मेडिकल कॉलेज में जगह न होने से प्रवासियों को वापस कर दिया गया है। दो दिन बाद जगह मिलने पर उन्हें दोबारा आइसोलेशन सेंटर ले जाया जाएगा। तब तक गांव के बाहर उच्च प्राथमिक स्कूल में आइसोलेट कर रखा गया है।
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सरस्वती मेडिकल कॉलेज में आइसोलेशन व क्वारंटीन के लिए हैं 270 बेड
सोहरामऊ स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में 270 बेड आरक्षित हैं। इसमें 20 बेड कोविड एलटू हॉस्पिटल के लिए आरक्षित हैं। वहीं, 250 बेडों में क्वारंटीन व आइसोलेशन के मरीजों को भर्ती किया जाता है। लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड फुल हो गए हैं। इससे मरीजों को पास के स्कूलों में आइसोलेशन वार्ड बनाकर इलाज किया जा रहा है।