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दो हजार करोड़ के निर्यात ऑ़़र्डर रुके
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उन्नाव। कोरोना की दूसरी लहर ने चर्म उद्योग को एक बार फिर झटका दिया है। लॉकडाउन में पूरी तरह प्रभावित रहा चर्म उद्योग फिर चरमरा गया है। यूरोपीय देशों की ओर से आर्डर तैयार करने और तैयार माल की आपूर्ति रोक दी गई है। इससे चमड़ा उद्योेग को एक महीने में दो हजार करोड़ का झटका लगा है। तैयार किए गए आर्डर डंप हैं। उद्यमियों ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने भारत में कोरोना का असर कम होने तक माल न भेजने को कहा है।
देश में कोरोना का प्रकोप बडे़ पैमाने पर होने से फ्रांस, जर्मनी, इंगलैंड, हॉलैंड, डेनमार्क, बेल्जियम, अमेरिका, आस्ट्रेलिया व अन्य यूरोपीय देशों ने चर्म उत्पादों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है। इससे जिले का चमड़ा उद्योग चरमरा गया है। देश में लॉकडाउन के कारण छह महीने की बंदी से चर्म उद्योग को आठ हजार करोड़ का झटका लगा था। बीते साल जुलाई में कुछ राहत मिलने के बाद से निर्यात में कुछ तेजी आई थी। व्यापार पटरी पर लौटने लगा था। कोरोना की दूसरी लहर में उद्योग फिर चरमरा गया है।
उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ के उन्नाव चेप्टर अध्यक्ष व चर्म निर्यातक इकाई के एमडी मोहम्मद ताज आलम ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने पूर्व में दिए गए आर्डर दो से ढाई महीने तक रोक दिए हैं। गनीमत यह है कि देश के हालातों को देखते हुए अमेरिका, आस्ट्रेलिया व अन्य यूरोपी देशों ने आर्डर रद्द नहीं कराएं सिर्फ आगे बढ़ाए हैं। माल तैयार कर स्टोर करने का काम ही चल रहा है।
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चर्म निर्यातक इकाई के मैनेजर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी उत्पादों की मांग में 75 फीसदी कमी है। मौजूदा समय में सिर्फ बैग व सीट लेदर के आर्डर पर काम चल रहा है। हालांकि आर्डर देने वाली विदेशी कंपनियों ने तैयार माल को अभी न भेजने को कहा है। देश में दूसरी लहर में कोरोना बेहद घातक साबित हो रहा है। ऐसे में विदेशी कंपनियां यहां से अभी माल नहीं लेना चाहतीं।
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देश में कोरोना का प्रकोप बडे़ पैमाने पर होने से फ्रांस, जर्मनी, इंगलैंड, हॉलैंड, डेनमार्क, बेल्जियम, अमेरिका, आस्ट्रेलिया व अन्य यूरोपीय देशों ने चर्म उत्पादों की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है। इससे जिले का चमड़ा उद्योग चरमरा गया है। देश में लॉकडाउन के कारण छह महीने की बंदी से चर्म उद्योग को आठ हजार करोड़ का झटका लगा था। बीते साल जुलाई में कुछ राहत मिलने के बाद से निर्यात में कुछ तेजी आई थी। व्यापार पटरी पर लौटने लगा था। कोरोना की दूसरी लहर में उद्योग फिर चरमरा गया है।
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उत्तर प्रदेश चमड़ा उद्योग संघ के उन्नाव चेप्टर अध्यक्ष व चर्म निर्यातक इकाई के एमडी मोहम्मद ताज आलम ने बताया कि विदेशी कंपनियों ने पूर्व में दिए गए आर्डर दो से ढाई महीने तक रोक दिए हैं। गनीमत यह है कि देश के हालातों को देखते हुए अमेरिका, आस्ट्रेलिया व अन्य यूरोपी देशों ने आर्डर रद्द नहीं कराएं सिर्फ आगे बढ़ाए हैं। माल तैयार कर स्टोर करने का काम ही चल रहा है।
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चर्म निर्यातक इकाई के मैनेजर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि सभी उत्पादों की मांग में 75 फीसदी कमी है। मौजूदा समय में सिर्फ बैग व सीट लेदर के आर्डर पर काम चल रहा है। हालांकि आर्डर देने वाली विदेशी कंपनियों ने तैयार माल को अभी न भेजने को कहा है। देश में दूसरी लहर में कोरोना बेहद घातक साबित हो रहा है। ऐसे में विदेशी कंपनियां यहां से अभी माल नहीं लेना चाहतीं।