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उपेक्षा के चलते अस्तित्व खो रहा तकिया का मेला

Tue, 05 Jan 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला, उन्नाव
अमर उजाला, उन्नाव Updated Tue, 05 Jan 2016 12:55 AM IST
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Ignore the existence of the pillow losing Fair

प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाला मोहब्बतशाह व सहस्त्रलिंगेश्वर मंदिर का पाटन स्थित तकिया मेला अपना अस्तित्व खोता जा रहा है। कभी देश के कोने-कोने से आने वाले व्यापारियों का आज मेले की अव्यवस्थाओं के चलते मोहभंग है।

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एक पखवारे तक चलने वाले मेले में इसबार अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। मेले में आए व्यापारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। न माइनर में पानी, न अलाव की व्यवस्था, मेले में लगा हैंडपंप भी पानी नहीं दे रहा है। मेले में दुकान लगाए बीघापुर के महेश ने बताया कि प्रशासन स्तर से अलाव, पानी की व्यवस्था नहीं हुई है। इसके चलते समस्याएं ज्यादा हैं। पिछले 30 वर्षों से मेले में आ रहे हैं लेकिन इस बार व्यवस्था काफी गड़बड़ है। सफीपुर से आए गुड्डू तिवारी भी प्रशासन द्वारा पानी, चारा, अलाव आदि की व्यवस्था न कराए जाने से नाराज दिखे। बाराबंकी से घोड़े व बैल लेकर आए व्यापारी नसीम ने बताया कि अलाव न जलने से 15 -20 रुपये खर्च कर एक किलो लकड़ी खरीद रहे हैं। गुड्डू तिवारी 15 वर्षों से मेले में आ रहे हैं। मेले में इस बार गैर जनपद फर्रुखाबाद, अलीगढ़, मुरादाबाद के व्यापारी नहीं आए। मेला मालिकों ने सारा ठीकरा तहसील प्रशासन पर फोड़ा है। एसडीएम मृत्युंजय राम ने बताया कि तकिया मेला में आने वाले व्यापारियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। उन्हों ने बताया व्यापारियों ने जो भी समस्याएं बताई हैं उनका तत्काल निस्तारण कराया जाएगा।
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युवक की ठंड से मौत
भगवंतनगर (उन्नाव)। बारा थानाक्षेत्र में एक युवक की ठंड से मौत हो गई। वहीं तहसील प्रशासन ने जानकारी से इंकार किया है। जगतपुर निवासी अजिद पुत्र माजिद रविवार को बाजार से घर पहुंचा और कमरे में जाकर लेट गया। परिजनों ने रात में अजिद को सर्दी लगने की बात बताई। भोरपहर 3 बजे अजीद की मौत हो गई। मृतक के एक लड़की व तीन पुत्र हैं। मृतक के पास मकान न होने के कारण वह घासफूस की झोपड़ी में रहता था।

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