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Unnao News: हिंदू-मुस्लिम एकता का जीवंत उदाहरण हिलौली की 136 साल पुरानी रामलीला
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मौरावां (उन्नाव)। हिलौली रामलीला मैदान में ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित होने वाला रामलीला महोत्सव सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हिंदू-मुस्लिम एकता का एक अनूठा प्रतीक है। 136 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में दोनों समुदायों के स्थानीय लोग मिलकर रामलीला का मंचन करते हैं। यह आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश देता है।
समिति के संरक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि पितृ पक्ष के बाद से ही कलाकार रामलीला के मंचन की तैयारी शुरू कर देते हैं। लगभग 10 दिनों तक चलने वाली रिहर्सल के दौरान, स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिराज अहमद रावण का किरदार निभाते हैं जबकि मुन्ना खां निषादराज और अलीबक्स केवट का अभिनय करते हैं। रामलीला में कैकेयी, सुलोचना, मंदोदरी और तारा जैसे महिला पात्रों का अभिनय भी महिला कलाकार ही करती हैं।
रामलीला का यह महोत्सव करवा चौथ के शुभ अवसर से शुरू होता है। इसके एक दिन पूर्व एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है। नौ दिनों तक चलने वाली इस लीला का समापन धनतेरस के दिन भरत मिलाप की लीला के साथ होता है। इस दौरान, मेला मैदान और प्रमुख गलियों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य भी ग्राम पंचायत की ओर से कराया जाता है, ताकि यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके। (संवाद)
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समिति के संरक्षक अशोक कुमार मिश्रा ने बताया कि पितृ पक्ष के बाद से ही कलाकार रामलीला के मंचन की तैयारी शुरू कर देते हैं। लगभग 10 दिनों तक चलने वाली रिहर्सल के दौरान, स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिराज अहमद रावण का किरदार निभाते हैं जबकि मुन्ना खां निषादराज और अलीबक्स केवट का अभिनय करते हैं। रामलीला में कैकेयी, सुलोचना, मंदोदरी और तारा जैसे महिला पात्रों का अभिनय भी महिला कलाकार ही करती हैं।
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रामलीला का यह महोत्सव करवा चौथ के शुभ अवसर से शुरू होता है। इसके एक दिन पूर्व एक भव्य कलश यात्रा निकाली जाती है। नौ दिनों तक चलने वाली इस लीला का समापन धनतेरस के दिन भरत मिलाप की लीला के साथ होता है। इस दौरान, मेला मैदान और प्रमुख गलियों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य भी ग्राम पंचायत की ओर से कराया जाता है, ताकि यह आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हो सके। (संवाद)
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