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इस चिट्ठी पर मिल पाएंगी सस्ती दवाएं?
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बंद पड़ा जन औषधि केंद्र। संवाद
- फोटो : UNNAO
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उन्नाव। जिला अस्पताल में दो साल से बंद जन औषधि केंद्र खोलने की कवायद फिर शुरू हुई है। मरीजों को सस्ती जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएमएस ने स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखा है। हालांकि लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस पत्र पर जन औषधि केंद्र खुल जाएगा और लोगों को सस्ती दवाएं मिल पाएंगी या नहीं।
मरीजों को सस्ती (जेनरिक) दवाओं का लाभ दिलाने के लिए 20 जून 2017 को जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। इसमें मेडिकल स्टोर में मिलने वाली पेटेंट दवाओं की अपेक्षा 90 फीसदी तक सस्ती दर पर जेनरिक दवाएं मिलती थीं। वर्ष 2018 अक्तूबर से दवाओं की आपूर्ति कम होने लगी। मार्च 2019 में कोरोना संक्रमण अधिक फैलने के बाद तीन अप्रैल 2019 में औषधि केंद्र पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके बाद मरीज कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए औषधि केंद्र से 50 रुपये में मिलने वाली दवा सेफिक्सिम-200 को मेडिकल स्टोर से 100 रुपये में खरीदनी पड़ी। एलर्जी की दवा लेवोसिट्रीजिन टैबलेट व खांसी में दी जाने वाली दवा मोंटेलुकास्ट 18 रुपये के बजाय मरीज बाहर से 130 रुपये में खरीद रहे हैं। दर्द व सूजन में काम आने वाली एसिक्लोफेनाक व पैरासीटामॉल टेबलेट का पत्ता जन औषधि केंद्र में 10 रुपये का था। अब मरीजों को 40 रुपये में मिल रहा है।
जन औषधि केंद्र सरकार की अच्छी योजना थी। केंद्र खोलने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखा है। केंद्र खोलने की कार्रवाई महानिदेशक दफ्तर से होनी है।
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-डॉ. पवन कुमार, सीएमएस
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मरीजों को सस्ती (जेनरिक) दवाओं का लाभ दिलाने के लिए 20 जून 2017 को जिला अस्पताल में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र खोला गया था। इसमें मेडिकल स्टोर में मिलने वाली पेटेंट दवाओं की अपेक्षा 90 फीसदी तक सस्ती दर पर जेनरिक दवाएं मिलती थीं। वर्ष 2018 अक्तूबर से दवाओं की आपूर्ति कम होने लगी। मार्च 2019 में कोरोना संक्रमण अधिक फैलने के बाद तीन अप्रैल 2019 में औषधि केंद्र पूरी तरह से बंद कर दिया गया। इसके बाद मरीज कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए औषधि केंद्र से 50 रुपये में मिलने वाली दवा सेफिक्सिम-200 को मेडिकल स्टोर से 100 रुपये में खरीदनी पड़ी। एलर्जी की दवा लेवोसिट्रीजिन टैबलेट व खांसी में दी जाने वाली दवा मोंटेलुकास्ट 18 रुपये के बजाय मरीज बाहर से 130 रुपये में खरीद रहे हैं। दर्द व सूजन में काम आने वाली एसिक्लोफेनाक व पैरासीटामॉल टेबलेट का पत्ता जन औषधि केंद्र में 10 रुपये का था। अब मरीजों को 40 रुपये में मिल रहा है।
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जन औषधि केंद्र सरकार की अच्छी योजना थी। केंद्र खोलने के लिए स्वास्थ्य महानिदेशक को पत्र लिखा है। केंद्र खोलने की कार्रवाई महानिदेशक दफ्तर से होनी है।
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-डॉ. पवन कुमार, सीएमएस