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अब व्हाइट फंगस का खतरा बढ़ा

Fri, 11 Jun 2021 10:58 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 11 Jun 2021 10:58 PM IST
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health
उन्नाव। कोरोना वायरस के बाद ब्लैक फंगस और अब व्हाइट फंगस का खतरा बढ़ने लगा है। राहत यह है कि ब्लैक फंगस से व्हाइट फंगस कम खतरनाक है।
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जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन गुप्ता ने बताया कि व्यक्ति व्हाइट फंगस की चपेट में आने वाले युवक को सही होने में डेढ़ महीने का समय लगता है। इसके लिए बचाव जरूरी है। फंगस आमतौर पर तंग और नम जगहों पर उगते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि आपके आस-पास नियमित रूप से सफाई हो। कई दिनों के रेफ्रिजरेटेंड खाना न खाएं। ताजे फल खाएं। घर में धूप और प्राकृतिक हवा आने दें। मास्क को रोजाना धोएं। ब्लैक हो या व्हाइट फंगस यदि प्रारंभिक स्टेज में इलाज शुरु हो जाए तो एंटी फंगस ड्रग लेने से शत-प्रतिशत मरीज ठीक हो सकते हैं।

डॉ. रंजन गुप्ता बताते हैं कि शुुगर पीड़ितों के लिए ब्लैक व व्हाइट फंगस खतरनाक है। शुगर के मरीजों में फंगस कोरोना वायरस के साथ मिलकर शरीर के नाजुक अंगों आंख, गला, आंत, लीवर, पर हमला करता है। इन अंगों के सेल तेजी से नष्ट होने लगते हैं और संबंधित अंग काम करना बंद कर देता है। फंगस का अटैक इतना तेज होता है कि जब तक मरीज कुछ समझे फंगस शरीर के महत्वपूर्ण अंग को नष्ट कर चुका होता है। शरीर पर चकत्ते, आंख में जलन, जीभ में फोड़ा, गला जाम होने, लार निगलने में दिक्कत हो तो ये व्हाइट फंगस के लक्षण हो सकते हैं।
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