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बुखार के डर से नहीं लगवा रहे कोरोना का टीका
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सफीपुर। गांव ककरौरा में सिर्फ 15 फीसदी लोगों ने ही अब तक कोविड का टीका लगवाया है। इस गांव के लोग बुखार के डर से टीका नहीं लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य टीम पूरे दिन स्कूल में बैठकर ग्रामीणों के आने का इंतजार करती है। किसी के न आने पर शाम को वापस लौट जाती है।
ककरौरा गांव की आबादी 2200 है। अभी तक यहां सिर्फ 140 लोगों ने ही टीका लगवाया है। इसमें 40 महिलाएं, 60 युवा व 60 बुजुर्ग शामिल हैं। गांव में टीकाकरण के लिए एएनएम कविता वर्मा, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर विमलेश मिश्रा, आशा कार्यकर्ता रीमा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना कुशवाहा की ड्यूटी लगाई गई है। टीम के सदस्यों ने बताया कि ग्रामीण टीका लगवाने से डर रहे हैं। घर-घर जाकर बुलाया जाता है। फिर भी नहीं आते।
सफीपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। कोरोना से बचाव का टीका ही एक मात्र उपाय है। किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। टीका लगवाने पर बुखार आना आम बात है। इस बुखार से कतई न डरें।
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ककरौरा गांव की आबादी 2200 है। अभी तक यहां सिर्फ 140 लोगों ने ही टीका लगवाया है। इसमें 40 महिलाएं, 60 युवा व 60 बुजुर्ग शामिल हैं। गांव में टीकाकरण के लिए एएनएम कविता वर्मा, कम्यूनिटी हेल्थ ऑफीसर विमलेश मिश्रा, आशा कार्यकर्ता रीमा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कल्पना कुशवाहा की ड्यूटी लगाई गई है। टीम के सदस्यों ने बताया कि ग्रामीण टीका लगवाने से डर रहे हैं। घर-घर जाकर बुलाया जाता है। फिर भी नहीं आते।
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सफीपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. शरद वैश्य ने बताया कि कोविड वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है। कोरोना से बचाव का टीका ही एक मात्र उपाय है। किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। टीका लगवाने पर बुखार आना आम बात है। इस बुखार से कतई न डरें।
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