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दो साल से बंद सीएचसी शुरू
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चकलवंशी। दो साल से बंद पड़ी माखी स्वास्थ्य केंद्र बुधवार से फिर शुरू कर दी गई। पहले दिन ओपीडी में 25 मरीजों को डॉक्टरों ने देखा।
माखी में 50 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए 4.75 करोड़ रुपये की लागत से दो साल पहले भवन बनकर तैयार हो गया था। स्वास्थ्य केंद्र संचालन के लिए एक साल पहले यहां पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती हुई थी। एक दिन से लिए सीएचसी खुली लेकिन अन्य स्टॉफ व उपकरण के अभाव में स्टॉफ ने जाना बंद कर दिया। सभी मियागंज सीएचसी में बैठने लगे। डीएम रवींद्र कुमार ने तीन दिन पहले सीएचसी का निरीक्षण किया था और सीएमओ को संचालन करने के निर्देश दिए थे। सीएमओ ने मियागंज सीएचसी में तैनात फिजीशियन डॉ. मुस्ताक कादिर, डॉ. मनीषा, दो फार्मासिस्ट व एक लैब टेक्नीशियन की वहां तैनाती कर बुधवार से ही संचालन शुरू करा दिया। सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम रवींद्र कुमार ने कहा कि ओपीडी सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जाएं। दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान ग्राम प्रधान शिशुपाल सिंह, बबलू गुप्ता, प्रवीन रावत, बलवीर यादव, देवेंद्र सिंह, सीएचसी मियागंज अधीक्षक डॉ. राजेश वर्मा, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर केके केसरी, अवर अभियंता रामकुमार सचान, स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी लालबहादुर यादव मौजूद रहे।
माखी सीएचसी में ओपीडी की शुरुआत होने के साथ ही मरीजों के लिए दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को हिदायत दी गई कि मरीज को बाहर से दवाएं न लिखें। दवाओं की कमी होने पर सीएमओ को बताएं। माखी स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जांच के लिए अभी भी उपकरण नहीं हैं। इसलिए जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा। उपकरण होने के बाद ही जांच संभव है।
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माखी में 50 हजार आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने के लिए 4.75 करोड़ रुपये की लागत से दो साल पहले भवन बनकर तैयार हो गया था। स्वास्थ्य केंद्र संचालन के लिए एक साल पहले यहां पैरामेडिकल स्टॉफ की तैनाती हुई थी। एक दिन से लिए सीएचसी खुली लेकिन अन्य स्टॉफ व उपकरण के अभाव में स्टॉफ ने जाना बंद कर दिया। सभी मियागंज सीएचसी में बैठने लगे। डीएम रवींद्र कुमार ने तीन दिन पहले सीएचसी का निरीक्षण किया था और सीएमओ को संचालन करने के निर्देश दिए थे। सीएमओ ने मियागंज सीएचसी में तैनात फिजीशियन डॉ. मुस्ताक कादिर, डॉ. मनीषा, दो फार्मासिस्ट व एक लैब टेक्नीशियन की वहां तैनाती कर बुधवार से ही संचालन शुरू करा दिया। सफीपुर विधायक बंबालाल दिवाकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लोगों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएं।
डीएम रवींद्र कुमार ने कहा कि ओपीडी सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जाएं। दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। इस दौरान ग्राम प्रधान शिशुपाल सिंह, बबलू गुप्ता, प्रवीन रावत, बलवीर यादव, देवेंद्र सिंह, सीएचसी मियागंज अधीक्षक डॉ. राजेश वर्मा, सीएनडीएस के प्रोजेक्ट मैनेजर केके केसरी, अवर अभियंता रामकुमार सचान, स्वास्थ्य एवं शिक्षाधिकारी लालबहादुर यादव मौजूद रहे।
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माखी सीएचसी में ओपीडी की शुरुआत होने के साथ ही मरीजों के लिए दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों को हिदायत दी गई कि मरीज को बाहर से दवाएं न लिखें। दवाओं की कमी होने पर सीएमओ को बताएं। माखी स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की जांच के लिए अभी भी उपकरण नहीं हैं। इसलिए जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा। उपकरण होने के बाद ही जांच संभव है।
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