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कोरोना संक्रमण के कारण आठ सौ आपरेशन टले
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उन्नाव। डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगने के कारण आठ सौ मरीजों के ऑपरेशन टल गए हैं। इन मरीजों को सिर्फ दवाएं दी जा रही हैं। कोरोना संक्रमण कम होने के बाद ऑपरेशन की बात कही जा रही है।
कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 15 अप्रैल से ओपीडी बंद कर दी गई थी। कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगने से जिला अस्पताल में होने वाले हार्निया, हाइड्रोसील, ब्रेस्ट की गांठ, बवासीर, भगंदर व आंखों के ऑपरेशन भी बंद हो गए थे। तब से अब तक किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। ओपीडी संचालन के समय ही डॉक्टर मरीज का ऑपरेशन करने से पहले उसकी कोविड जांच कराते थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही ऑपरेशन किया जाता था। बाद में संक्रमण और बढ़ा। कई मरीजों के तीमारदार भी संक्रमित हो गए। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया। मरीज अब डॉक्टरों को व्हाट्सएप पर अपनी समस्या बताते हैं। इसके बाद डॉक्टर उन्हें दवा लिखकर भेज रहे हैं।
प्रभारी सीएमएस डॉ. पवन कुमार ने बताया कि संक्रमण के चलते ऑपरेशन बंद चल रहे हैं। मरीजों को दिक्कत न हो इसके लिए उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से दवाओं की जानकारी दी जा रही है।
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कोरोना संक्रमण बढ़ने पर 15 अप्रैल से ओपीडी बंद कर दी गई थी। कुछ डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड अस्पताल में लगने से जिला अस्पताल में होने वाले हार्निया, हाइड्रोसील, ब्रेस्ट की गांठ, बवासीर, भगंदर व आंखों के ऑपरेशन भी बंद हो गए थे। तब से अब तक किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं किया जा रहा है। ओपीडी संचालन के समय ही डॉक्टर मरीज का ऑपरेशन करने से पहले उसकी कोविड जांच कराते थे। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही ऑपरेशन किया जाता था। बाद में संक्रमण और बढ़ा। कई मरीजों के तीमारदार भी संक्रमित हो गए। इसके बाद डॉक्टरों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया। मरीज अब डॉक्टरों को व्हाट्सएप पर अपनी समस्या बताते हैं। इसके बाद डॉक्टर उन्हें दवा लिखकर भेज रहे हैं।
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प्रभारी सीएमएस डॉ. पवन कुमार ने बताया कि संक्रमण के चलते ऑपरेशन बंद चल रहे हैं। मरीजों को दिक्कत न हो इसके लिए उन्हें व्हाट्सएप के माध्यम से दवाओं की जानकारी दी जा रही है।
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