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एक घंटे एंबुलेंस में लेटा रहा संक्रमित
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उन्नाव। जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में बने आइसोलेशन वार्ड में ऑक्सीजन सिलिंडर खत्म हो जाने से कोविड मरीज एंबुलेंस में ही लेटा रहा। एंबुलेंस चालक भी ऑक्सीजन आने का इंतजार करता रहा। एक घंटे बाद ऑक्सीजन की व्यवस्था होने पर मरीज को भर्ती किया जा सका।
गांव टीकरगढ़ी निवासी रामलाल (58) नेे बुखार आने पर आरटीपीसीआर जांच कराई थी। रिपोर्ट संक्रमित आने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। दोपहर 1:30 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गर्या। इमरजेंसी में उन्हें भर्ती न कर आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया। यहां ऑक्सीजन न होने से डॉक्टर ने भर्ती नहीं किया। तब तक मरीज एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन लगाकर पड़ा रहा। एक घंटे बाद ऑक्सीजन की गाड़ी आने के बाद उसे भर्ती कर इलाज शुरू हो सका। ट्रामा सेंटर में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां भर्ती मरीजों में सभी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी। ऑक्सीजन आने में थोड़ा समय लग रहा था। इसलिए मरीज को एंबुलेंस में रखा गया। बाद में भर्ती कर लिया गया।
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गांव टीकरगढ़ी निवासी रामलाल (58) नेे बुखार आने पर आरटीपीसीआर जांच कराई थी। रिपोर्ट संक्रमित आने के बाद उनकी हालत बिगड़ गई। दोपहर 1:30 बजे एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गर्या। इमरजेंसी में उन्हें भर्ती न कर आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया। यहां ऑक्सीजन न होने से डॉक्टर ने भर्ती नहीं किया। तब तक मरीज एंबुलेंस में ही ऑक्सीजन लगाकर पड़ा रहा। एक घंटे बाद ऑक्सीजन की गाड़ी आने के बाद उसे भर्ती कर इलाज शुरू हो सका। ट्रामा सेंटर में 20 बेड का आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। यहां भर्ती मरीजों में सभी को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
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सीएमएस डॉ. बीबी भट्ट ने बताया कि मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी। ऑक्सीजन आने में थोड़ा समय लग रहा था। इसलिए मरीज को एंबुलेंस में रखा गया। बाद में भर्ती कर लिया गया।
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