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पावा गांव पहुंची टीम, लिया ब्लड सैंपल
Updated Sun, 20 Dec 2015 12:28 AM IST
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सफीपुर तहसील क्षेत्र के गांव पाव में खसरे से पीड़ित बच्चों का जिले से गई स्वास्थ्य टीम ने ब्लड सैंपल लिया। बीमारी पर काबू पाने के लिए 33 बच्चों को विटामिन ए की दवा पिलाई गई। ब्लड सैंपलों को जांच के लिए लखनऊ पीजीआई भेजा गया है। वहीं लापरवाही बरतने पर एसीएमओ ने प्रभारी चिकित्साधिकारी के अलावा एएनएम व आशा बहू पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
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शनिवार को एसीएमओ डा0 आर के गौतम टीम के साथ गांव पहुंचे और खसरे से प्रभावित बच्चों में हर्षित, सगुन, अंशिका, काव्या, राज का ब्लड सैम्पल लिया। इस दौरान उन्होंने बुखार, खासी व जुकाम से पीड़ित बच्चों को खसरे के कहर को देखते हुए उन्हें दवा भी पिलाई। पावा गांव में दो दिनों में खसरे का प्रकोप इतना बढ़ा कि एक दर्जन से अधिक बच्चे उसी की चपेट में आ गए और एक की मौत भी हो गई। परिजनों व स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते गांव में इस बीमारी ने पांव पसार लिए।
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प्रभारी चिकित्साधिकारी, एएनएम व आशा बहू पर होगी कार्रवाई
पावा गांव जांच करने पहुंचे एसीएमओ डॉ. आर के गौतम ने बताया कि गांव में खसरे से बच्चों की पीड़ित होने की जानकारी आशा बहू व एएनएम तो दूर प्रभारी चिकित्साधिकारी तक ने जिले में नहीं दी। इससे मामला गंभीर हो गया। उन्होंने बतया कि आशा बहू सावित्री से जब बात की गई तो उसका कहना था कि बीमारी की सूचना उसने एएनएम व प्रभारी चिकित्साधिकारी को दी थी। फिलहाल जांच कर तीनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बरीखेड़ा के डा0 सौरभ पाण्डेय, एनएएम मंजू शुक्ला, वार्ड ब्वाय देवेन्द्र आदि मौजूद रहे।
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