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Unnao News: लाल निशान पर गंगा, सड़कें डूबीं, घर पानी से घिरे

Thu, 10 Sep 2026 12:51 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:51 AM IST
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Ganga above danger mark; roads submerged, houses surrounded by water.
फोटो 32 सरोसी के चंदनखेड़ा मार्ग पर भरे पानी से गुजरता बाइक सवार। संवाद
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फोटो 33 बांगरमऊ के माढ़ापुर गांव के बाहर बने मकान के चारो तरफ भरा पानी। संवाद
फोटो 34 बांगरमऊ के अंगनेखेड़ा जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर भरा पानी। संवाद
फोटो 35 परियर के बाबूबंगला गांव में बढ़े जलस्तर को लेकर वृद्ध से बात करते एसडीएम। स्त्रोत राजस्व कर्मी
फोटो 36 परियर घाट को जाने वाले मार्ग में भरे पानी से निकलता ग्रामीण। संवाद
फोटो 37 गांव रुस्तमपुर में बाढ़ में डूबी मक्का की फसल में भुट्टे तोड़ता किसान। संवाद

- गंगा का जलस्तर लाल (खतरे) के निशान 113 मीटर पर पहुंच गया, परियर घाट पर भदई अमावस्या पर स्नान पर रोक
-प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, तीन दिन तक और बढ़ेगा जलस्तर, उसके बाद आएगी कमी
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। गंगा का जलस्तर बुधवार शाम छह बजे लाल (खतरे) निशान 113 मीटर पर पहुंच गया। इसके बाद बाढ़ के पानी से गंगा के कटरी क्षेत्रों के गांवों में हालात और खराब हो गए। सड़कों के जलमग्न होने से आवागमन बंद हो गया।
घरों के चारों तरफ पानी भर जाने से ग्रामीण कैद होकर रह गए। वहीं, परियर घाट में बढ़े जलस्तर के बाद निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम ने 11 सितंबर को भदई अमावस्या पर होने वाले गंगा स्नान पर रोक लगा दी। एडीएम ने बताया कि नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। अभी तीन दिन तक पानी बढ़ने की संभावना है।
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फतेहपुर चौरासी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से कटरी क्षेत्र के गांव रुस्तमपुर, खैरागाढ़ा, सहरिया बंगला, कुशेहर बंगला, चिरंजूपुरवा, मन्नानगर, नया बंगला व हिंदूपुर आदि के किनारे बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गांव रुस्तमपुर में हरिशरण, संतोष, रामकुमार, छोटेलाल आदि किसानों की धान, मक्का, ज्वार, तिल्ली आदि की फसलें बाढ़ के पानी में डूब गई हैं। किसान अधपकी फसल तोड़ने में जुट गए हैं। उधर, पाटन में भाजपा नेता व पूर्व एमएलसी अरविंद त्रिपाठी ने पोरई एवं अढ़ौली गांव में बाढ़ पीड़ितों से मिल कर राहत सामग्री वितरित की। बउवा अवस्थी, कुलदीप अग्निहोत्री, सतेंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, रानू त्रिवेदी, छोटू बाजपेई व अरुण मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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बिठूर घाट पर होगा भदई स्नान
परियर। गंगा का जलस्तर बढ़ने पर एसडीएम सदर राजेश कुमार विश्वकर्मा ने बाबूबंगला व परियर का दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों से राहत केंद्रों पर जाने की अपील की। परियर घाट पर भदई अमावस्या स्नान पर रोक लगाई गई। श्रद्धालुओं को सुरक्षित बिठूर घाट पर स्नान करने को कहा गया। एसडीएम ने बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की। इस दौरान लेखपाल शैलेंद्र, प्रदीप कमल व चौकी इंचार्ज अनिल राजपूत मौजूद रहे। एसडीएम ने बताया कि घाट पर पानी ज्यादा है। इस बीच पानी घटता है तो दूसरे घाट पर स्नान करवाने की व्यवस्था की जाएगी। (संवाद)
पानी पहुंचने से बंद हुआ प्राथमिक विद्यालय
चकलवंशी। ब्लॉक सिकंदरपुर सरोसी के कई गांवों में गंगा का बाढ़ का पानी पहुंच गया है। ग्राम पंचायत सथरा के मोहद्दीनपुर में घरों में पानी घुस गया है। एक सप्ताह से प्राथमिक विद्यालय बंद है। कमल किशोर ने बताया कि दो नाव लगाई गई हैं, जो नाकाफी साबित हो रही हैं। लेखपाल मनोज तिवारी ने पेयजल के लिए टैंकर की व्यवस्था की बात कही। बाढ़ राहत शिविर का अभी कोई निर्देश नहीं मिला है। (संवाद)
फसल बर्बाद, किसान परेशान
पाटन। तहसील बीघापुर क्षेत्र में लोन नदी में आई बाढ़ से पोरई व खेसुआ गांव में सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद हुई है। खेसुआ के मजरे चिलमिलखेड़ा में बाढ़ से टमाटर की फसल को बचाने में किसान जुटे हुए हैं। टमाटर की फसल की निराई करती पिंकी ने बताया कि 10 बिसुवा टमाटर की पौध लगाने में लगभग 10 हजार रुपये लागत लगी थी। बाढ़ के कारण फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। गांव की राजरानी व शकुंतला ने बताया कि बाढ़ के कारण तरोई, बैंगन, मूली अन्य फसलें बर्बाद हो गई हैं। (संवाद)
खड़ंजा मार्ग पर कमर तक बहने लगा पानी
बांगरमऊ में जलस्तर बढ़ने से कल्याणी नदी में भी पानी आ गया है। इससे नदी के किनारे बसे अंगनेखेड़ा गांव जाने वाले खड़ंजा मार्ग पर कमर तक पानी बहने लगा है। खड़ंजा मार्ग कई जगहों पर कट भी चुका है। इससे छात्र-छात्राओं को लगभग आठ किमी का चक्कर लगाकर बांगरमऊ जाना पड़ रहा है। माढ़ापुर मार्ग स्थित बांगरमऊ के निकट बने मकानों को नदी के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। इससे गृह स्वामियों को भारी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने के साथ ही तहसील के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं। उमरिया से मल्लाहनपुरवा जाने वाले मार्ग के ऊपर से पानी निकलने से छह गांवों के लोगों का नाव से आवागमन हो रहा है।
वर्जन
पहाड़ों पर बारिश के चलते नरौरा बांध से रोजाना पानी छोड़ा जा रहा है। अभी की जो जानकारी है, उसके अनुसार अभी करीब तीन दिन तक जलस्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद पानी घटेगा। जो क्षेत्र बाढ़ प्रभावित हो रहे हैं, वहां पर राजस्व कर्मियों को तैनात करके निगरानी कराई जा रही है। जरूरत के अनुसार राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है।- सुशील कुमार गोंड, एडीएम वित्त राजस्व।

स्थिति पर एक नजर
कुल प्रभावित गांव-आठ-सदर के शुक्लागंज का गोताखोर, शाहीननगर, बांगरमऊ का कटरी अकबरपुर सेंग व कटरी गदरपुर आहार, हसनगंज का भितरेपार, बीघापुर का अटवट, कटहर व जगतखेड़ा।
फसल नुकसान-प्रारंभिक अनुमान 509 हेक्टेयर
कुल नावें लगाई गईं-36, सदर में 19, बांगरमऊ में 8, हसनगंज में एक व बीघापुर में आठ
आरक्षित नावें-76, गोताखोर-16
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