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तूफान ने उजाड़ा तंबू, इमारत का लिया सहारा
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पाटन। बिहार थाना क्षेत्र में जलाकर मारी गई दुष्कर्म पीड़िता की समाधि की सुरक्षा में भी पुलिस को कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। समाधि स्थल के पास सिर छिपाने के लिए ताना गया पुलिस कर्मियों का तंबू गुरुवार रात तूफान और बारिश के बीच उखड़कर दूर जा गिरा। बारिश से बचने के लिए पुलिस कर्मियों ने पास की निर्माणाधीन इमारत का सहारा लिया। ठंड से बचने के लिए पुलिस कर्मियों ने अलाव जलाकर रात गुजारी।
पीड़िता के समाधिस्थल को प्रशासन ने पक्का कराने के लिए कुछ दिन पहले निर्माणकार्य शुरू कराया था। परिजनों ने सभी मांगे पूरी न होने तक निर्माणकार्य को रोकने के साथ समाधिस्थल पर रखी गई ईंटे उखाड़कर फेंक दी थी और चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ी तो मिट्टी से शव को निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। परिजनों की इस चेतावनी के बाद पुलिस ने समाधि की सुरक्षा के लिए लगभग 12 पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया था।
समाधि के पास पुलिस कर्मियों ने तंबू तानकर सुरक्षा करनी शुरू की। गुरुवार रात आए तूफान और बारिश के बीच पुलिस कर्मियों का तंबू उखड़र दूर जा गिरा। बारिश से बचने के लिए पुलिस कर्मियों ने समाधि स्थल से लगभग 80 मीटर दूर एक निर्माणाधीन इमारत में जाकर अपना बचाव किया। निर्माणाधीन इमारत में दीवारें न बनी होने से पुलिसकर्मी रात भर ठिठुरे। हालांकि इमारत में प्रयोग की जा रही लकड़ी को भवन स्वामी की सहमति के बाद उन्होंने अलाव के रूप में प्रयोग किया। जिस पर उनका ठंड से बचाव हो सका।
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पाटन। समाधि स्थल की सुरक्षा में लगी पुलिस ने शुक्रवार को भी समाधि स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों का ब्यौरा लिया। इतना ही नहीं पुलिस ने पीड़िता के घर पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति का ब्यौरा लेने के साथ उसका मोबाइल नंबर भी रजिस्टर में दर्ज किया। यहां तक आगंतुकों के वाहनों की मोबाइल से फोटो भी लेकर सुरक्षित की। घर पर पुलिस व पीएसी पूरी तरह चौकन्ना रही। प्रशासनिक अधिकारी भी गांव व पीड़िता के परिवार की स्थितियों का जायजा लेते रहे।
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पीड़िता के समाधिस्थल को प्रशासन ने पक्का कराने के लिए कुछ दिन पहले निर्माणकार्य शुरू कराया था। परिजनों ने सभी मांगे पूरी न होने तक निर्माणकार्य को रोकने के साथ समाधिस्थल पर रखी गई ईंटे उखाड़कर फेंक दी थी और चेतावनी दी थी कि जरूरत पड़ी तो मिट्टी से शव को निकालकर प्रदर्शन किया जाएगा। परिजनों की इस चेतावनी के बाद पुलिस ने समाधि की सुरक्षा के लिए लगभग 12 पुलिस कर्मियों को तैनात कर दिया था।
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समाधि के पास पुलिस कर्मियों ने तंबू तानकर सुरक्षा करनी शुरू की। गुरुवार रात आए तूफान और बारिश के बीच पुलिस कर्मियों का तंबू उखड़र दूर जा गिरा। बारिश से बचने के लिए पुलिस कर्मियों ने समाधि स्थल से लगभग 80 मीटर दूर एक निर्माणाधीन इमारत में जाकर अपना बचाव किया। निर्माणाधीन इमारत में दीवारें न बनी होने से पुलिसकर्मी रात भर ठिठुरे। हालांकि इमारत में प्रयोग की जा रही लकड़ी को भवन स्वामी की सहमति के बाद उन्होंने अलाव के रूप में प्रयोग किया। जिस पर उनका ठंड से बचाव हो सका।
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पाटन। समाधि स्थल की सुरक्षा में लगी पुलिस ने शुक्रवार को भी समाधि स्थल के आसपास आने-जाने वाले लोगों का ब्यौरा लिया। इतना ही नहीं पुलिस ने पीड़िता के घर पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति का ब्यौरा लेने के साथ उसका मोबाइल नंबर भी रजिस्टर में दर्ज किया। यहां तक आगंतुकों के वाहनों की मोबाइल से फोटो भी लेकर सुरक्षित की। घर पर पुलिस व पीएसी पूरी तरह चौकन्ना रही। प्रशासनिक अधिकारी भी गांव व पीड़िता के परिवार की स्थितियों का जायजा लेते रहे।