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Unnao News: निजी नलकूप कनेक्शन के लिए किसानों को करनी पड़ती चिरौरी

Sat, 25 Apr 2026 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 25 Apr 2026 10:51 PM IST
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Farmers have to beg for private tube well connections.
फोटो-01- विद्युत भंडार केंद्र। संवाद
हरदोई। बिजली विभाग से निजी नलकूप के लिए कनेक्शन प्राप्त करना किसानों के लिए आसान नहीं है। उनको एस्टीमेट से लेकर कनेक्शन शुरू करने तक आर्थिक दोहन का शिकार होना पड़ता है। बिजली सामग्री प्राप्त कर कनेक्शन के लिए अभी भी 155 किसान इंतजार में हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद निगम कर्मी उपभोक्ता का दोहन करने का मौका नहीं छोड़ रहे हैं।
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निजी नलकूप के लिए बिजली विभाग की ओर से निर्धारित एस्टीमेट के आधार पर बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए जाते है। किसानों को नियमित बिजली उपलब्ध हो इसके लिए 33 कृषि फीडर भी बनाए गए हैं। किसानों को नलकूप कनेक्शन के लिए झटपट पोर्टल पर आवेदन करना होता है। आवेदन के उपरांत संबंधित उपकेंद्र के अवर अभियंता की ओर से सर्वे कर एस्टीमेट बनाया जाता है।
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एस्टीमेट की धनराशि को किसान को ऑनलाइन जमा करना होता है। इसके उपरांत किसान को विद्युत भंडार गृह से बिजली सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। अवर अभियंता के मार्ग दर्शन में विभागीय ठेकेदार की ओर से बिजली लाइन बनाई जाती है इसके उपरांत लाइन की जांच कर कनेक्शन जोड़ा जाता है। कनेक्शन जुड़ने के दो माह बाद किसानों के बिल बनाना शुरू होते हैं। वैसे तो यह प्रक्रिया काफी आसान है मगर इसमें हर कदम पर किसानों का उत्पीड़न किया जाता है।
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इस प्रकार होता खेल
किसान के ऑनलाइन आवेदन करने के बाद एस्टीमेट बनाने के लिए अवर अभियंता से मिलना पड़ता है। इसके बाद उपखंड अधिकारी व अधिशासी अभियंता कार्यालय से संपर्क कर एस्टीमेट को पास करना पड़ता है। इसके लिए संबंधित से किसान का मिलना जरूरी है, जब एस्टीमेट की कॉपी विद्युत भंडार गृह पहुंचती है तो वहां पर सामग्री के लिए किसानों का आर्थिक उत्पीड़न होता है। सामग्री भी पूरी नहीं दी जाती है। एस्टीमेट में जिस सामग्री का भुगतान किसान कर चुका होता है वह भी बाजार से खरीदनी पड़ती है। इसके बाद कनेक्शन शुरू करने और बिल बनवाने के लिए भी किसान को उपहार देना होता है। इससे वह एस्टीमेट की धनराशि के सापेक्ष 20 से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त धनराशि व्यय करनी होती है।


155 किसानों को है सामग्री का इंतजार
विद्युत भंडार ग्रह में बिजली सामग्री वितरण में खेल होता है। वैसे तो क्रम से सामग्री देने का प्रावधान है मगर वहां पर किसान के पहुंचने पर क्रम अक्सर टूट जाता है। अभी भी 155 किसान सामग्री का इंतजार कर रहे हैं मगर उनको सामग्री नहीं मिल पा रही है। वहीं सहायक अभियंता वंचित शुक्ला ने बताया कि जो भी किसान आ रहे है उनको सामग्री समय से उपलब्ध कराई जा रही है।



मामला संज्ञान में आते ही अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी दी गई कि भविष्य में अगर ऐसी कोई शिकायत मिलती है तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऑनलाइन आवेदनों के विलंबित करने वालों पर भी कार्रवाई की जाती है। -राजीव भट्ट, अधीक्षण अभियंता
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