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दूषित पानी बहाने में फैक्टरी पर तीन लाख का जुर्माना
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उन्नाव। बोतल बंद पानी और सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली फैक्टरी पर दूषित पानी बहाने के मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तीन लाख रुपये जुर्माना लगाया है। नवाबगंज ब्लॉक के गांव मकदूमपुर स्थित मेसर्स वृंदावन बाटलर्स प्राइवेट लिमिटेड में प्रीफार्म, क्लोजर, शुगर कंसंट्रेटेड फ्लेवर कार्बन डाई आक्साइड का प्रयोग कर बोतल बंद पानी और सॉफ्ट ड्रिंक बनाया जाता है।
फैक्टरी में इटीपी (इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी लगाया है। पिछले दिनों फैक्टरी से दूषित पानी बहाने की शिकायत पर यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) के अधिकारियों ने बाहर बहाए जा रहे पानी (उत्प्रवाह) का नमूना लेकर जांच कराई। जांच रिपोर्र्ट में इटीपी व एसटीपी से निकल रहे पानी में अन्य कमियों के साथ बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मानकों से काफी अधिक पाई गई।
इस पर यूपीपीसीबी ने फैक्टरी पर तीन लाख का जुर्माना लगाया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि कंपनी के डिस्चार्ज प्वाइंट से लिए गए नमूने में बीओडी की मात्रा काफी अधिक मिली है। इससे कपंनी प्रबंधन पर क्षतिपूर्ति लगाई गई है।
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फैक्टरी में इटीपी (इंफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) और एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) भी लगाया है। पिछले दिनों फैक्टरी से दूषित पानी बहाने की शिकायत पर यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड) के अधिकारियों ने बाहर बहाए जा रहे पानी (उत्प्रवाह) का नमूना लेकर जांच कराई। जांच रिपोर्र्ट में इटीपी व एसटीपी से निकल रहे पानी में अन्य कमियों के साथ बीओडी (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के मानकों से काफी अधिक पाई गई।
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इस पर यूपीपीसीबी ने फैक्टरी पर तीन लाख का जुर्माना लगाया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राधेश्याम ने बताया कि कंपनी के डिस्चार्ज प्वाइंट से लिए गए नमूने में बीओडी की मात्रा काफी अधिक मिली है। इससे कपंनी प्रबंधन पर क्षतिपूर्ति लगाई गई है।
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