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‘मुझको तो ठग लिया भले ही उजियारों ने’
अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 28 Dec 2015 12:16 AM IST
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जिले की साहित्यिक संस्था आचमन द्वारा प्रकाशित पुस्तक उन्नाव समग्र के विमोचन अवसर पर शनिवार रात एक काव्य समारोह का आयोजन हुआ। इसमें जिले के अलावा अन्य जिलों से आए हुए कवियों ने अपनी रचनाओं से लोगों को भावविभोर कर दिया।
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शनिवार को शहर के प्रकाश गेस्ट हाउस में आयोजित पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के बाद शनिवार रात कवि सम्मेलन में फर्रुखाबाद से आई कवियत्री गरिमा पांडेय ने अपनी कविता 'मेरी हर सांस अपने अंक में दिनमान रखती है, बवंडर में मेरी कश्ती दिशा का ध्यान रखती है पढ़ी तो श्रोताओं ने उनका स्वागत जोरदार तालियों से किया। इसके अलावा गंजमुरादाबाद से आए मधुर गंजमुरादाबादी की कविता मुझको तो ठग लिया भले ही उजियारों ने, नई रोशनी दी गहरे अंधियारों ने को लोगों ने खूब सराहा। इसके अलावा कवि राजेंद्र मालवीय, कानपुर के डॉ. विनोद त्रिपाठी, कमलेश द्विवेदी, फारुख सरल, सतीश मैनपुरी, केडी शर्मा हाहाकारी आदि कवियों ने कवितापाठ किया। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. मंगल दत्त त्रिपाठी, डॉ. एके दीक्षित, चंद्रप्रकाश शुक्ला, छुन्ना, शशि रंचना अग्रिहोत्री, गणेश नरायन शुक्ला, रामदत्त शुक्ल, नरेंद्र सिंह, दिनेश उन्नावी, उमा निवास बाजपेई आदि मौजूद रहे।
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