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Unnao News: आठ बार पत्राचार फिर भी अस्थि रोग विशेषज्ञ नहीं मिला
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पुरवा। नगर स्थित सीएचसी में 12 साल से अस्थि रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। लोगों को या तो निजी डॉक्टर या फिर 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। सीएचसी प्रभारी का दवा है कि डॉक्टर की तैनाती के लिए तीन महीने में आठ बार पत्राचार किया है।
क्षेत्र की 1.67 लाख आबादी इलाज के लिए पुरवा सीएचसी पर निर्भर है। यहां जांच उपकरण, डॉक्टर, स्टॉफ आदि की तैनाती की गई। मांसपेशियों में खिचाव, हड्डी, जोड़ों में दर्द आदि के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.आरडीएम की तैनाती थी। 2013 में उनका स्थानांतरण बलिया कर दिया। इसके बाद डॉक्टर की तैनाती के लिए आठ बार पत्राचार किया गया। अभी तक यहां किसी अस्थि रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी।
यहां रोजाना पहुंचने वाले हड्डी और जोड़ों में दर्द से संबंधित मरीजों को निजी अस्पताल में दिखाना पड़ रहा है। या फिर जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह हाल तब है जब अस्पताल में रोजाना औसतन 300 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 50 से अधिक हड्डी व जोड़ों में दर्द के मरीज होते हैं।
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अस्थि रोग विशेषज्ञ के लिए आठ बार उन्होंने पत्राचार किया। अभी तक तैनाती नहीं हो सकी। उच्चाधिकारियों का कहना है कि तैनाती शासन स्तर से होना है।
- डॉ. दिनेश कुमार, सीएचसी प्रभारी
लोगों की समस्या देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। जल्द ही उनसे मिलकर भी क्षेत्र की समस्या बताई जाएगी। ताकि जल्द ही समस्या का निस्तारण हो सके।
- हृदय नारायण दीक्षित, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष
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क्षेत्र की 1.67 लाख आबादी इलाज के लिए पुरवा सीएचसी पर निर्भर है। यहां जांच उपकरण, डॉक्टर, स्टॉफ आदि की तैनाती की गई। मांसपेशियों में खिचाव, हड्डी, जोड़ों में दर्द आदि के लिए अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ.आरडीएम की तैनाती थी। 2013 में उनका स्थानांतरण बलिया कर दिया। इसके बाद डॉक्टर की तैनाती के लिए आठ बार पत्राचार किया गया। अभी तक यहां किसी अस्थि रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी।
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यहां रोजाना पहुंचने वाले हड्डी और जोड़ों में दर्द से संबंधित मरीजों को निजी अस्पताल में दिखाना पड़ रहा है। या फिर जिला अस्पताल का चक्कर लगाना पड़ रहा है। यह हाल तब है जब अस्पताल में रोजाना औसतन 300 मरीजों की ओपीडी होती है। इसमें 50 से अधिक हड्डी व जोड़ों में दर्द के मरीज होते हैं।
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अस्थि रोग विशेषज्ञ के लिए आठ बार उन्होंने पत्राचार किया। अभी तक तैनाती नहीं हो सकी। उच्चाधिकारियों का कहना है कि तैनाती शासन स्तर से होना है।
- डॉ. दिनेश कुमार, सीएचसी प्रभारी
लोगों की समस्या देखते हुए प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्यमंत्री ब्रजेश पाठक को पत्र लिखा है। जल्द ही उनसे मिलकर भी क्षेत्र की समस्या बताई जाएगी। ताकि जल्द ही समस्या का निस्तारण हो सके।
- हृदय नारायण दीक्षित, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष