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रोजाना आठ घंटे समय निकालकर करें तैयारी, मिलेगी सफलता
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उन्नाव। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में चयनित छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षु आईएएस एसडीएम सदर नूपुर गोयल ने सफलता के टिप्स दिए। डॉयट भवन में करियर काउंसिलिंग में एसडीएम ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से कहा कि रोजाना आठ घंटे का समय निकालकर तैयारी करें। निश्चित रूप से सफलता आपके कदम चूमेगी।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में इस समय 142 छात्र-छात्राएं सिविल सर्विसेज, नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विभाग की ओर से इन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराई गई। इसमें पहुंची एसडीएम सदर नूपुर गोयल ने छात्रों को आवश्यक जानकारी दी।
पहले खुद के बारे में बताया। कहा, वह मूल रूप से दिल्ली के नरेला क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके क्षेत्र में लड़कियों की पढ़ाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है। इसके बाद भी परिवारीजनों ने उन्हें पढ़ाने में कोई कमी नहीं की। बताया कि इंटरमीडिएट करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन से बीटेक और फिर इग्नू से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से एमए की डिग्री हासिल की।
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बताया कि उन्होंने पांच बार आईएएस की परीक्षा दी लेकिन, सफलता नहीं मिली। इसके बाद भी हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी।
आखिर में 2019 की यूपीएससी परीक्षा में उन्हें 11वीं रैंक हासिल हुई। कहा कि अपनी सफलता की कहानी बताने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिस प्रकार उन्होंने असफलता मिलने पर भी सफलता की उम्मीद नहीं छोड़ी।
हर बार पुरानी कमियों को दूर करके नए सिरे से तैयारी की। परिणामस्वरूप छठवीं बार में ऑल इंडिया ग्यारहवीं रैंक हासिल हुई। इसी प्रकार छात्र-छात्राएं भी शुरुआती असफलता मिलने पर हताश न हों। यह देखें कि आखिरकार कमी कहा रह गई। फिर उन कमियों को दूर करके नए सिरे से तैयारी करें।
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में जिन छात्र-छात्राओं को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग में पढ़ाई करनी हो, वह किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय आकर पंजीकरण करा सकते हैं।
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समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में इस समय 142 छात्र-छात्राएं सिविल सर्विसेज, नीट, जेईई, एनडीए, सीडीएस सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। विभाग की ओर से इन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग कराई गई। इसमें पहुंची एसडीएम सदर नूपुर गोयल ने छात्रों को आवश्यक जानकारी दी।
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पहले खुद के बारे में बताया। कहा, वह मूल रूप से दिल्ली के नरेला क्षेत्र की रहने वाली हैं। उनके क्षेत्र में लड़कियों की पढ़ाई को ज्यादा महत्व नहीं दिया जाता है। इसके बाद भी परिवारीजनों ने उन्हें पढ़ाने में कोई कमी नहीं की। बताया कि इंटरमीडिएट करने के बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन से बीटेक और फिर इग्नू से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से एमए की डिग्री हासिल की।
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बताया कि उन्होंने पांच बार आईएएस की परीक्षा दी लेकिन, सफलता नहीं मिली। इसके बाद भी हार नहीं मानी और मेहनत जारी रखी।
आखिर में 2019 की यूपीएससी परीक्षा में उन्हें 11वीं रैंक हासिल हुई। कहा कि अपनी सफलता की कहानी बताने का मुख्य उद्देश्य यह है कि जिस प्रकार उन्होंने असफलता मिलने पर भी सफलता की उम्मीद नहीं छोड़ी।
हर बार पुरानी कमियों को दूर करके नए सिरे से तैयारी की। परिणामस्वरूप छठवीं बार में ऑल इंडिया ग्यारहवीं रैंक हासिल हुई। इसी प्रकार छात्र-छात्राएं भी शुरुआती असफलता मिलने पर हताश न हों। यह देखें कि आखिरकार कमी कहा रह गई। फिर उन कमियों को दूर करके नए सिरे से तैयारी करें।
जिला समाज कल्याण अधिकारी डॉ. नीलम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में जिन छात्र-छात्राओं को निशुल्क प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग में पढ़ाई करनी हो, वह किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय आकर पंजीकरण करा सकते हैं।