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आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ बेड देख डीएम हुए नाराज
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जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण करते डीएम रवींद्र कुमार व एसपी विक्रांतवीर।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। कोरोना से बचाव के लिए जिला अस्पताल के इंतजाम नाकाफी हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाये गए आइसोलेशन वार्ड में न ही हाथ धोने के लिए साबुन हैं और न ही सैनिटाइजर। डीएम के निरीक्षण में वार्ड की हकीकत सामने आई। लापरवाही पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमएस को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर रिपोर्ट शाम तक कार्यालय भेजने के निर्देश दिए।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव पर शासन व प्रशासन अलर्ट है। सोमवार को डीएम रवींद्र कुमार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में केवल बेड पड़े मिले। न जागरुकता संबंधी पोस्टर लगे थे और न ही हाथ धोने के लिए साबुन या सैनिटाइजर रखा गया। वार्ड की खिड़कियां भी खुली मिलीं जबकि उन्हें बंद होना चाहिए था। वार्ड में आने जाने का रास्ता भी एक ही पाया जबकि अलग होना चाहिए था। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। कड़े शब्दों में सीएमएस बीबी भट्ट को निर्देश दिए कि हाथ धोने की व्यवस्था करने के साथ ही चौबीस घंटे पोछा लगवाया जाए। जो अव्यवस्थाएं हैं उनको दुरुस्त कर शाम तक रिपोर्ट भेजें। इस दौरान एसपी विक्रांतवीर, सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार, एसीएमओ डॉ. आरके गौतम भी मौजूद रहे।
इसके बाद डीएम ने नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में बनाए गए 50 बेड के आइसोलेशन वार्ड को देखा। मरीजों को लाने ले जाने के लिए लिफ्ट दुरुस्त और उसे रिजर्व रखने के निर्देश कॉलेज प्रबंधन को दिए। साथ ही ऐसे मरीजों का निशुल्क इलाज करने के निर्देश दिए।
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जिला अस्पताल के बाद डीएम रवींद्र कुमार बस स्टैंड पहुंचे। यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं मिली और न ही जागरुकता संबंधी कोई पोस्टर लगे मिले। इस पर एआरएम आरके उपाध्याय को मौके पर बुलाया और निर्देश दिए कि यात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ लगवाए जाए।
परिषदीय परीक्षा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में रिपोर्ट कार्ड प्रिंट कराए गए हैं। सोमवार को वह डायट स्थित कैंपस पहुंचाए गए। वहां उन्हें रखवा तो दिया गया लेकिन किसी अधिकारी ने कार्ड को छुआ तक नहीं। पूछने पर बताया कि इन कार्डों को तमाम लोगों ने छुआ है। डर है कि कहीं कोरोना से प्रभावित न हों। अधिकारी और कर्मचारी आने वाले दिनों में सुरक्षा के उपाय अपनाकर रिपोर्ट कार्ड को ब्लॉकों में पहुंचाने की बात कह रहे हैं।
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कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव पर शासन व प्रशासन अलर्ट है। सोमवार को डीएम रवींद्र कुमार ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां बनाए गए आइसोलेशन वार्ड में केवल बेड पड़े मिले। न जागरुकता संबंधी पोस्टर लगे थे और न ही हाथ धोने के लिए साबुन या सैनिटाइजर रखा गया। वार्ड की खिड़कियां भी खुली मिलीं जबकि उन्हें बंद होना चाहिए था। वार्ड में आने जाने का रास्ता भी एक ही पाया जबकि अलग होना चाहिए था। इस पर डीएम का पारा चढ़ गया। कड़े शब्दों में सीएमएस बीबी भट्ट को निर्देश दिए कि हाथ धोने की व्यवस्था करने के साथ ही चौबीस घंटे पोछा लगवाया जाए। जो अव्यवस्थाएं हैं उनको दुरुस्त कर शाम तक रिपोर्ट भेजें। इस दौरान एसपी विक्रांतवीर, सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार, एसीएमओ डॉ. आरके गौतम भी मौजूद रहे।
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इसके बाद डीएम ने नवाबगंज के सरस्वती मेडिकल कॉलेज में बनाए गए 50 बेड के आइसोलेशन वार्ड को देखा। मरीजों को लाने ले जाने के लिए लिफ्ट दुरुस्त और उसे रिजर्व रखने के निर्देश कॉलेज प्रबंधन को दिए। साथ ही ऐसे मरीजों का निशुल्क इलाज करने के निर्देश दिए।
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जिला अस्पताल के बाद डीएम रवींद्र कुमार बस स्टैंड पहुंचे। यहां शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं मिली और न ही जागरुकता संबंधी कोई पोस्टर लगे मिले। इस पर एआरएम आरके उपाध्याय को मौके पर बुलाया और निर्देश दिए कि यात्रियों के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ लगवाए जाए।
परिषदीय परीक्षा के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में रिपोर्ट कार्ड प्रिंट कराए गए हैं। सोमवार को वह डायट स्थित कैंपस पहुंचाए गए। वहां उन्हें रखवा तो दिया गया लेकिन किसी अधिकारी ने कार्ड को छुआ तक नहीं। पूछने पर बताया कि इन कार्डों को तमाम लोगों ने छुआ है। डर है कि कहीं कोरोना से प्रभावित न हों। अधिकारी और कर्मचारी आने वाले दिनों में सुरक्षा के उपाय अपनाकर रिपोर्ट कार्ड को ब्लॉकों में पहुंचाने की बात कह रहे हैं।