{"_id":"60e0886c8ebc3e09cd5c9616","slug":"district-panchayat-president-election-malti-rawat-gave-a-big-statement","type":"story","status":"publish","title_hn":"उन्नाव: पूर्व सपा नेता मालती रावत का बड़ा बयान, बोलीं- पति की फंस रही थी नौकरी, भाजपा ने दबाव बनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उन्नाव: पूर्व सपा नेता मालती रावत का बड़ा बयान, बोलीं- पति की फंस रही थी नौकरी, भाजपा ने दबाव बनाया
Sat, 03 Jul 2021 09:45 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 03 Jul 2021 09:45 PM IST
सार
मालती रावत ने कहा कि सपा नहीं छोड़ी। उन्हें हटाया गया। कार्रवाई से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। भाजपा से उन्हें ऑफर मिला था, जिसे ठुकरा दिया था। इसके बाद उनके डिप्टी कमिश्नर पति को सामने लाकर दबाव बनाया गया।
विज्ञापन
मालती रावत
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भाजपा कार्यालय जाने के बाद सपा की प्रत्याशिता गंवाने वाली मालती रावत ने बड़ा बयान देते हुए सत्तादल को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि उनके पति आयकर विभाग में डिप्टी कमिश्नर हैं। पति की नौकरी फंस गई थी, इसलिए उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा।
सपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में उन्नाव के बिछिया तृतीय से जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं मालती रावत को पार्टी ने अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने 26 जून को नामांकन भी किया था। नाम वापसी के दिन 29 जून को मालती रावत ने खुद भाजपा कार्यालय जाने की बात स्वीकार की थी।
इसके बाद सपा ने उनकी प्रत्याशिता रद्द कर दी थी और उनको सपा महिला सभा जिलाध्यक्ष पद से भी मुक्त कर दिया था। इसके बाद मालती रावत ने दूसरे दिन खुद ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए चुनाव न लड़ने का एलान किया था।
विज्ञापन
शनिवार को वह बतौर सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची थीं। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने सपा नहीं छोड़ी। उन्हें हटाया गया। कार्रवाई से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। भाजपा से उन्हें ऑफर मिला था, जिसे ठुकरा दिया था।
इसके बाद उनके डिप्टी कमिश्नर पति को सामने लाकर दबाव बनाया गया। पति की नौकरी फंस गई थी। उनके लिए पति की नौकरी से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपा के ऊपर कोई दाग नहीं लगाया। अरुण सिंह का समर्थन और सपा के अन्य सदस्यों को उनके पक्ष में वोटिंग करने के आरोपों को मालती रावत ने नकार दिया।
विज्ञापन
सपा समर्थित प्रत्याशी के रूप में उन्नाव के बिछिया तृतीय से जिला पंचायत सदस्य चुनी गईं मालती रावत को पार्टी ने अधिकृत उम्मीदवार घोषित किया था। उन्होंने 26 जून को नामांकन भी किया था। नाम वापसी के दिन 29 जून को मालती रावत ने खुद भाजपा कार्यालय जाने की बात स्वीकार की थी।
विज्ञापन
इसके बाद सपा ने उनकी प्रत्याशिता रद्द कर दी थी और उनको सपा महिला सभा जिलाध्यक्ष पद से भी मुक्त कर दिया था। इसके बाद मालती रावत ने दूसरे दिन खुद ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देते हुए चुनाव न लड़ने का एलान किया था।
विज्ञापन
शनिवार को वह बतौर सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची थीं। उन्होंने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने सपा नहीं छोड़ी। उन्हें हटाया गया। कार्रवाई से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया। भाजपा से उन्हें ऑफर मिला था, जिसे ठुकरा दिया था।
इसके बाद उनके डिप्टी कमिश्नर पति को सामने लाकर दबाव बनाया गया। पति की नौकरी फंस गई थी। उनके लिए पति की नौकरी से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने सपा के ऊपर कोई दाग नहीं लगाया। अरुण सिंह का समर्थन और सपा के अन्य सदस्यों को उनके पक्ष में वोटिंग करने के आरोपों को मालती रावत ने नकार दिया।