विदाई का गम मिटा नहीं मौत ने पथरा दी आंखें
बेटी की विदाई का गम मां माधुरी भूल भी नहीं पाई थी कि लाडोली की अंतिम यात्रा पर जाने की खबर ने मानों उसे जड़ सा कर दिया। जैसे ही बेटी का शव फांसी पर लटका होने की सूचना मां को मिली तो मानो उसके होश ही उड़ गए। बेटे धर्मेंद्र व बहू रीमा व अन्य दो बेटियों के साथ वह आनन-फानन बेटी की ससुराल पहुंची। यहां बेटी के शव का चेहरा देखते ही वह बेहोश हो गई। यही हाल मृतका के मायके पक्ष के लोगों का भी रहा। ससुराल और मायके वालों की चीखपुकार सुनकर आसपास के लोगों की आंखे भी नम हो गईं। जिसने भी यह खबर सुनी वह अवधेश सिंह के दरवाजे पर पहुंच गया। मोहल्लेवाले मायके व ससुरालपक्ष के लोगों को समझाने की कोशिश में जुटे रहे लेकिन इतनी बड़ी घटना के बाद कोई भी संभल नहीं पा रहा था।
मृतका के मायके अकवाबाद में जैसे ही परिजनों को बेटी की मौत की जानकारी दी गई वैसे ही घर में कोहराम मच गया। बेटी की विदाई के गम परिजन उबर भी न पाए थे कि उसकी मौत की खबर मिलते ही जैसे गमों का पहाड़ ही उन पर टूट पड़ा। घर आए नाते-रिश्तेदार जो जाने की तैयारियां कर रहे थे वह भी परेशान हो गए और घर न जाकर आनन-फानन रागिनी के ससुराल आवास विकास पहुंच गए। गांव के लोगों ने बताया कि बेटी की विदाई के 24 घंटे भी न बीते थे कि उसकी मौत की खबर से परिजनों को जैसे लकवा सा मार गया। घर का कोई भी सदस्य बात करने की स्थिति में नहीं था।
अठारह घंटाें में ही मातम में बदली खुशियां
जिस घर में विवाह की खुशी में शहनाईयां बज रही थीं, लोग खुशी से झूम रहे थे अचानक यह घटना होने से माहौल मातम में बदल गया। आगे की तैयारियां धरी की धरी रह गईं। परिजनों के साथ-साथ कोई भी रिश्तेदार यह नहीं समझ पा रहा था कि अचानक ऐसी घटना के पीछे क्या कारण हो सकता है।
चर्चाओं का बाजार रहा गर्म
शादी के दूसरे दिन ही नवविवाहिता का शव फांसी पर लटका मिलने को लेकर मौजूद लोग तरह-तरह के कयास लगा रहे थे। घर के लेकर बाहर सड़क तक खड़े लोग अलग-अलग बातें करते नजर आए। किसी की भी यह नहीं समझ में आ रहा था कि कोई भी लड़की शादी के दूसरे दिन इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकती है।
ढोलक की थाप की जगह सुनाई पड़ी चीत्कार
शादी में आई महिलाओं की हाथोें की मेहंदी का रंग भी धूमिल नहीं हुआ था। बहू आने की खुशी में अवधेश के परिवार का हर सदस्य खुशी से झूम सा रहा था। शनिवार शाम को घर में ढोलक की थाप गूंजने की तैयारी चल रही थी। मोहल्ले की महिलाओं को बुलावा भी भेजा जा चुका था। बारात वापस आने के बाद घर की महिलाएं शनिवार को शाम के समय मंगल गीत की तैयारियां कर रहीं थीं। इसके लिए वापस जाने वाले कुछ रिश्तेदारों को भी रोक लिया गया था। शादी को लेकर सजाए गए घर में लटकी फूलों की लड़ी भी नहीं सूखी थीं। अचानक ऐसी घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। जिन महिलाओं को मंगल गीत गाने के लिए बुलाया गया था वह रोते हुए घर आते दिखीं। घटना के बाद सारा सामान तितर-बितर दिखा। नई नवेली दुल्हन की मौत ने सभी के चेहरों की खुशी गायब कर दी। घर में मौजूद महिलाओं द्वारा गाए जा रहे मंगल गीत करुण रुदन में तब्दील हो गए। शादी की खुशियां गम में तब्दील हो गईं। दोनों ही परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस घटना के पीछे वजह क्या रही कोई नहीं समझ पाया।
मृतका का मोबाइल ही खोल सकता है मौत का राज
कोतवाली पुलिस ने मृतका के मोबाइल को कब्जे में लिया है। सूत्रों का कहना है कि पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल के सहारे मामले को सुलझाने में लग गई है। हालांकि पुलिस अभी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है। फिर भी यह उम्मीद कर रही है कि मृतका का मोबाइल ही उसकी मौत का राज खोलने में सहायता कर सकता है।
मौके पर पहुंचे एएसपी
अपर पुलिस अधीक्षक रामकिशनु यादव ने भी मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। उन्होंने बताया कि मृतका की मौत का कारण पता नहीं चल पा रहा है। पहले परिजन पोस्टमार्टम कराने के लिए नहीं राजी थे लेकिन बाद में वह इसके लिए तैयार हो गए। उसके बाद डीएम की अनुमति से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
तीन डॉक्टरों के पैनल से कराया गया पोस्टमार्टम
मृतका रागिनी के शव का तीन डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। पैनल में एक महिला चिकित्सक व दो पुरुष डॉक्टर हैं। डॉ. मोहम्मद अहमद, डॉ. शोभित अगिभनहोत्री व महिला चिकित्सक डॉ. सीमा की देखरेख में पोस्टमार्टम हुआ। इस दौरान पूरे पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। देरशाम 9 बजे पोस्टमार्टम शुरू हुआ।
क्या बोले कोतवाली प्रभारी
कोतवाली प्रभारी प्रदीप यादव ने बताया कि अभी तक मायके पक्ष से न तो कोई तहरीर आई है और न ही उनकी ओर से कोई बातचीत करने आया।