{"_id":"5f3f95c08ebc3e3cf67f7177","slug":"dead-body-of-son-of-former-head-found-in-drain-unnao-news-knp577901981","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाले में मिला पूर्व प्रधान के बेटे का शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाले में मिला पूर्व प्रधान के बेटे का शव
विज्ञापन
औरास(उन्नाव)। बुधवार दोपहर घर से निकले पूर्व प्रधान के बेटे का शव घर से 500 मीटर दूर नाले में पड़ा मिलने से सनसनी फैल गई। शरीर पर मारपीट के निशान के अलावा जेब में मिले मोबाइल में खून लगा देख माता-पिता ने हत्या का शक जताया है। पुलिस ने शरीर में कोई जाहिरा चोट न होने व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर सच सामने आने की बात कही है।
औरास थाना क्षेत्र के टिकरा सामद गांव निवासी पूर्व प्रधान उर्मिला देवी पत्नी परमेश्वर कनौजिया का छोटा बेटा धर्मेंद्र (18) बुधवार दोपहर घर से निकला था। शाम तक उसके घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। देर रात उसका पता न चलने पर सुबह परिजन थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी देकर गुमशुदगी दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने जांच की बात कह उन्हें लौटा दिया। परिजन अभी धर्मेंद्र की तलाश कर ही रहे थे घर से तीन सौ मीटर दूरी पर उसकी चप्पलें परिजनों को पड़ी मिली।
अनहोनी के अंदेशे पर परिजन आगे बढ़े तो 200 मीटर दूरी पर गिरजाशंकर द्विवेदी की आम की बाग के पास से निकले सकरैला नाले में बेटे का औंधे मुंह शव पड़ा देखकर परिजन बदहवास हो गए। धर्मेंद्र का पूरा शरीर पानी में और सिर बाहर था। घटना की सूचना पर पहुंचे एसओ राजबहादुर ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। बांगरमऊ सीओ गौरव त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता परमेश्वर व मां उर्मिला देवी के अनुसार उनके बेटे धर्मेंद्र के शरीर में मारपीट जैसे चोट के निशान मिले हैं। चेहरे पर सूजन व तलाशी के दौरान पैंट की जेब में मिले मोबाइल में खून लगा देख माता-पिता ने हत्या कर शव को नाले में फेंके जाने का अंदेशा जताया। एसओ राजबहादुर ने बताया कि मृतक के शरीर में किसी तरह की जाहिरा चोट नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लॉकडाउन में पिता व भाइयों के साथ मुंबई से आया था घर
मृतक धर्मेंद्र के पिता परमेश्वर व दो भाई रिंकू व जितेंद्र मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में लॉन्ड्री का काम करते हैं। धर्मेंद्र भी इस बार भाइयों के पास काम करने मुंबई गया था। लॉकडाउन होने से वह अप्रैल माह में दोनों भाइयों व पिता के साथ गांव आ गया था। धर्मेंद्र ने इसी वर्ष इंटर की परीक्षा भी पास की थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। गुरुवार को धर्मेंद्र का शव नाले में मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धर्मेंद्र नाले तक कैसे पहुंचा, इसको लेकर परिजन परेशान हैं।
मोबाइल की कॉल डिटेल सुलझाएगी मौत की गुत्थी
सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी। फिलहाल सर्विलांस की मदद से मृतक के मोबाइल की एक सप्ताह की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। बुधवार सुबह से उसकी कितनी बार व किन-किन लोगों से बातचीत हुई है, यह भी खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
औरास थाना क्षेत्र के टिकरा सामद गांव निवासी पूर्व प्रधान उर्मिला देवी पत्नी परमेश्वर कनौजिया का छोटा बेटा धर्मेंद्र (18) बुधवार दोपहर घर से निकला था। शाम तक उसके घर न लौटने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। देर रात उसका पता न चलने पर सुबह परिजन थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी देकर गुमशुदगी दर्ज करने की मांग की। पुलिस ने जांच की बात कह उन्हें लौटा दिया। परिजन अभी धर्मेंद्र की तलाश कर ही रहे थे घर से तीन सौ मीटर दूरी पर उसकी चप्पलें परिजनों को पड़ी मिली।
विज्ञापन
अनहोनी के अंदेशे पर परिजन आगे बढ़े तो 200 मीटर दूरी पर गिरजाशंकर द्विवेदी की आम की बाग के पास से निकले सकरैला नाले में बेटे का औंधे मुंह शव पड़ा देखकर परिजन बदहवास हो गए। धर्मेंद्र का पूरा शरीर पानी में और सिर बाहर था। घटना की सूचना पर पहुंचे एसओ राजबहादुर ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। बांगरमऊ सीओ गौरव त्रिपाठी भी मौके पर पहुंचे। मृतक के पिता परमेश्वर व मां उर्मिला देवी के अनुसार उनके बेटे धर्मेंद्र के शरीर में मारपीट जैसे चोट के निशान मिले हैं। चेहरे पर सूजन व तलाशी के दौरान पैंट की जेब में मिले मोबाइल में खून लगा देख माता-पिता ने हत्या कर शव को नाले में फेंके जाने का अंदेशा जताया। एसओ राजबहादुर ने बताया कि मृतक के शरीर में किसी तरह की जाहिरा चोट नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
लॉकडाउन में पिता व भाइयों के साथ मुंबई से आया था घर
मृतक धर्मेंद्र के पिता परमेश्वर व दो भाई रिंकू व जितेंद्र मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे कॉलोनी में लॉन्ड्री का काम करते हैं। धर्मेंद्र भी इस बार भाइयों के पास काम करने मुंबई गया था। लॉकडाउन होने से वह अप्रैल माह में दोनों भाइयों व पिता के साथ गांव आ गया था। धर्मेंद्र ने इसी वर्ष इंटर की परीक्षा भी पास की थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। गुरुवार को धर्मेंद्र का शव नाले में मिलने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। धर्मेंद्र नाले तक कैसे पहुंचा, इसको लेकर परिजन परेशान हैं।
मोबाइल की कॉल डिटेल सुलझाएगी मौत की गुत्थी
सीओ गौरव त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह सामने आएगी। फिलहाल सर्विलांस की मदद से मृतक के मोबाइल की एक सप्ताह की कॉल डिटेल खंगाली जा रही है। बुधवार सुबह से उसकी कितनी बार व किन-किन लोगों से बातचीत हुई है, यह भी खंगाला जा रहा है।