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विवादित जमीन पर गिरी दीवार, दरोगा घायल
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सफीपुर। कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पीरजादगान में विवादित जमीन पर निर्माण रोक दिया गया है। शनिवार पूरी रात पुलिस बल तैनात रहा। देर रात विवादितस्थल की एक जर्जर दीवार गिर गई जिसकी चपेट में आकर एक दरोगा घायल हो गया।
कस्बे के पीरजादगान स्थित एक सरकारी स्कूल के भवन से जुड़ी भूमि पर मोहल्ला राहतगंज बाजार निवासी अकीलुर्रहमान और पीरजादगान निवासी वलीउल्लाह के बीच दीवानी न्यायालय में भूमि संख्या दर्शाकर वाद चला था। उसके बाद इसी भूमि को लेकर तीसरे दावेदार बाबर सफवी ने भी न्यायालय में एक वाद दाखिल कर दिया था। शनिवार को विवादित भूमि पर निर्माण वलीउल्लाह पक्ष ने शुरू कराया तो बाबर सफवी पक्ष की बहन किरन पहुंची और निर्माण का विरोध कर पुलिस को सूचना दी थी। तब कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों से एसडीएम को मालिकाना हक के कागज दिखाकर निर्माण संबंधी आदेश लाने को कहा था। हालांकि एसडीएम ने भी विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कराने पर रोक लगा दी थी।
मामला गंभीर होने पर तहसील प्रशासन ने विवादित स्थल पर पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। शनिवार रात्रि साढ़े 12 बजे एक जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे की चपेट में आकर दरोगा प्रेम पाल दीक्षित घायल हो गए। प्रेम पाल के सिर में चोट आई। चिकित्सक ने एक्सरे और सिटी स्कैन कराने को कहा है। उपजिलाधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि विवादित भूमि का नक्शा नहीं मिल पाया है जिससे भूमि की पहचान की समस्या आ रही है। जब तक नतीजे पर नहीं पहुंच जाते तब तक निर्माण नहीं कराया जाएगा।
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कस्बे की आबादी से संबंधित क्षेत्र का नक्शा चोरी हुए 50 वर्ष हो चुके हैं लेकिन यह आज तक प्रशासन के लिए बड़ा सरदर्द बना है। वर्ष 1964 में नगर पंचायत कार्यालय से नक्शा चोरी हो गया था। वहीं उसकी दूसरी प्रति मुहाफि जखाना में क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। उसके बाद भूमि के मनचाहे कागज तैयार कर कब्जेदारी का खेल शुरू हुआ था। जो आज भी जारी है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनुपम सिंह के मुताबिक, बिना नक्शे के निर्णय कर पाना संभव नहीं है।
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कस्बे के पीरजादगान स्थित एक सरकारी स्कूल के भवन से जुड़ी भूमि पर मोहल्ला राहतगंज बाजार निवासी अकीलुर्रहमान और पीरजादगान निवासी वलीउल्लाह के बीच दीवानी न्यायालय में भूमि संख्या दर्शाकर वाद चला था। उसके बाद इसी भूमि को लेकर तीसरे दावेदार बाबर सफवी ने भी न्यायालय में एक वाद दाखिल कर दिया था। शनिवार को विवादित भूमि पर निर्माण वलीउल्लाह पक्ष ने शुरू कराया तो बाबर सफवी पक्ष की बहन किरन पहुंची और निर्माण का विरोध कर पुलिस को सूचना दी थी। तब कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे और दोनों पक्षों से एसडीएम को मालिकाना हक के कागज दिखाकर निर्माण संबंधी आदेश लाने को कहा था। हालांकि एसडीएम ने भी विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कराने पर रोक लगा दी थी।
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मामला गंभीर होने पर तहसील प्रशासन ने विवादित स्थल पर पुलिस बल की तैनाती कर दी थी। शनिवार रात्रि साढ़े 12 बजे एक जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे की चपेट में आकर दरोगा प्रेम पाल दीक्षित घायल हो गए। प्रेम पाल के सिर में चोट आई। चिकित्सक ने एक्सरे और सिटी स्कैन कराने को कहा है। उपजिलाधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि विवादित भूमि का नक्शा नहीं मिल पाया है जिससे भूमि की पहचान की समस्या आ रही है। जब तक नतीजे पर नहीं पहुंच जाते तब तक निर्माण नहीं कराया जाएगा।
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कस्बे की आबादी से संबंधित क्षेत्र का नक्शा चोरी हुए 50 वर्ष हो चुके हैं लेकिन यह आज तक प्रशासन के लिए बड़ा सरदर्द बना है। वर्ष 1964 में नगर पंचायत कार्यालय से नक्शा चोरी हो गया था। वहीं उसकी दूसरी प्रति मुहाफि जखाना में क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। उसके बाद भूमि के मनचाहे कागज तैयार कर कब्जेदारी का खेल शुरू हुआ था। जो आज भी जारी है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनुपम सिंह के मुताबिक, बिना नक्शे के निर्णय कर पाना संभव नहीं है।