रिटायर्ड बैंक कैशियर से पांच लाख की ठगी
खेत समतल करने का झांसा देकर ठगों ने रिटायर्ड बैंक
अचलगंज
थाना क्षेत्र के चपरी शाहपुर गांव निवासी रामस्वरूप 31 जुलाई को बैंक ऑफ
बड़ौदा की रायबरेली सेमरी शाखा से हेड कैशियर के पद से रिटायर हुए हैं। 25
अगस्त को बाइक सवार दो युवक उनके घर पहुंचे और खुद को भूमि सुधार विभाग का
कर्मचारी बताकर समतलीकरण योजना में चयन की बात बताकर खेत को समतल करने की
बात कही।
इस दौरान युवकों ने रामस्वरूप के साथ खेत देखा और चले गए।
27 अगस्त को दोनों फिर उनके घर पहुंचे और जेसीबी खेत में पहुंचने की
जानकारी दी। रामस्वरूप खेत में पहुंचे तो युवकों ने डीजल के लिए पांच हजार
रुपये मांगे।
रामस्वरूप ने इतने रुपये घर पर न होने की बात कही और
दोनों के साथ बैंक से रुपये निकालने के लिए बलाई स्थित इंडियन ओवरसीज के
लिए चल पड़े। बताया कि रास्ते में दोनों युवकों ने पानी पिलाने के बहाने
नशीला पदार्थ पिला दिया, जिससे वह अर्द्धबेहोशी की हालत में हो गए।
इसके
बाद युवकों ने झांसा देकर उनके बैंक खाते से पांच हजार रुपये की बजाय पांच
लाख रुपये निकलवा लिए और रामस्वरूप को अर्द्धबेहोशी की हालत में बाइक पर
बैठाकर कांटी गांव के सामने उतारकर फरार हो गए। इस दौरान गुजरे ग्रामीणों
ने रामस्वरूप को बेहोशी की हालत में पड़े देखा तो उनके भतीजे रामसजीवन को
सूचना दी।
सूचना पर मौके पर पहुंचे भतीजे ने चाचा को घर भिजवाया और
सीधे खेत पर पहुंच गया और जेसीबी चालक और सह चालक को मशीन समेत पकड़कर
गांव ले आया।
इसके बाद सूचना अचलगंज थाना पुलिस को दी। मौके पर
पहुंची पुलिस ने जेसीबी समेत चालक और सह चालक को थाने ले आई। इसके बाद पांच
हजार रुपये के लेनदेन का विवाद बताकर रासजीवन से सुलहनामा लिखवाने के बाद
दोनों को छोड़ दिया।
उधर, 30 अगस्त को रामस्वरूप की तबियत ठीक होने
पर वह अचलगंज थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। इस दौरान
पुलिस लगातार रामस्वरूप को टहलाती रही और रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 12 सितंबर
को पीड़ित ने एसपी पवन कुमार से गुहार लगाई।
एसपी के आदेश पर थाना
पुलिस ने पुरवा कोतवाली क्षेत्र के मिर्री गांव निवासी जेसीबी चालक
धर्मेंद्र सिंह समेत उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इस
बाबत एसओ अरुण सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर तफ्तीश की जा रही है।